तीन दिन की मशक्कत के बाद हटाया गया जला कोच, सिमरी बख्तियारपुर की इंडिंग लाइन खाली

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हटाया गया कोच | Prabhat Khabar Network

सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर तीन दिनों से जारी रेलकर्मियों की कड़ी मशक्कत आखिरकार बुधवार देर रात सफल हुई। जले हुए कोच को सफलतापूर्वक हटाकर खाली प्लॉट में शिफ्ट कर दिया गया है, जिससे इंडिंग लाइन पूरी तरह खाली हो गई है।

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सहरसा : सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर जले हुए कोच को हटाने के लिए रेल कर्मचारियों की तीन दिनों से चल रही मशक्कत बुधवार देर रात सफल हुई. करीब 24 घंटे लगातार काम करने के बाद रेलवे ने जले हुए डेड कोच को इंडिंग लाइन से हटाकर रेलवे के खाली प्लॉट में शिफ्ट कर दिया. इस दौरान संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ सोनपुर रेल मंडल के अधिकारी भी मौजूद रहे. कोच हटाये जाने के बाद सहरसा-मानसी रेलखंड पर सिमरी बख्तियारपुर की इंडिंग लाइन पूरी तरह खाली हो गयी है.

तीन दिनों से कोच हटाने में जुटे थे रेलकर्मी

दरअसल, सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पर समस्तीपुर-सहरसा मेमू यात्री ट्रेन के एक कोच में आग लगने की घटना के बाद जांच प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी. इसके बाद जले हुए कोच के निष्पादन के लिए रेलवे पिछले तीन दिनों से लगातार प्रयास कर रहा था. रेल कर्मचारियों ने 24 घंटे लगातार काम करते हुए बुधवार देर रात कोच को रेलवे की खाली जमीन पर पहुंचाया.

इससे पहले मंगलवार को सोनपुर रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता समेत अन्य रेल अधिकारियों की टीम सिमरी बख्तियारपुर पहुंची थी. अधिकारियों ने जले हुए कोच का निरीक्षण करने के बाद रानीबाग रेलवे फाटक के समीप स्थित रेलवे के खाली प्लॉट का भी जायजा लिया था. निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने डेड कोच को खाली प्लॉट में रखने की बात कही थी, ताकि इंडिंग लाइन को परिचालन के लिए खाली किया जा सके.

तीन अगस्त को मेमू ट्रेन के कोच में लगी थी आग

बता दें कि तीन अगस्त को सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पर 63344 समस्तीपुर-सहरसा मेमू ट्रेन के एक कोच में अचानक आग लग गयी थी. आग की घटना में कोच पूरी तरह जल गया था. इसके बाद रेल अधिकारियों की अलग-अलग टीमें सिमरी बख्तियारपुर पहुंचकर घटना की जांच में जुटी थीं. मामले की जांच के लिए पांच एजेंसियों को लगाया गया था.

घटना के करीब पांच दिन बाद जले हुए कोच को प्लेटफॉर्म संख्या दो से हटाकर रानीबाग रेलवे फाटक के पास डेड एंडिंग लाइन पर खड़ा किया गया था. इसका उद्देश्य प्लेटफॉर्म संख्या दो से ट्रेनों का परिचालन शुरू कराना था. हालांकि, डेड एंडिंग लाइन पर जला कोच खड़ा रहने से रेल परिचालन में तकनीकी परेशानी बनी हुई थी.

लाइन पर कोच खड़ा रहने से आ रही थी तकनीकी परेशानी

बताया गया कि डेड एंडिंग लाइन पर कोच खड़े रहने से पैनल प्रणाली में परेशानी आ रही थी, जिससे ट्रेनों के परिचालन में तकनीकी असुविधा हो रही थी. अब रेल अधिकारियों की निगरानी में जले हुए कोच को डेड एंडिंग लाइन से हटाकर प्लेटफॉर्म संख्या दो से आगे उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित रेलवे के खाली प्लॉट में रख दिया गया है.

कोच हटाये जाने के बाद इंडिंग लाइन पूरी तरह खाली हो गयी है. ऐसे में रेल अधिकारियों को उम्मीद है कि परिचालन में आ रही तकनीकी परेशानी दूर होगी और ट्रेनों के संचालन में सुविधा मिलेगी.

फोटो - हटाया गया कोच | Prabhat Khabar Network
हटाया गया कोच | Prabhat Khabar Network


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दीपांकर श्रीवास्तव

लेखक के बारे में

By दीपांकर श्रीवास्तव

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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