सहरसा के बेटे ने रचा इतिहास, IIT भिलाई छात्र प्रतीक राज ने PSB Hackathon 2026 में हासिल की देश में पहली रैंक
सम्मानित करते निर्णायक मंडल | Prabhat Khabar Network
IIT भिलाई के छात्र प्रतीक राज ने PSB Hackathon 2026 में Nationwide Rank 1 हासिल कर सहरसा का नाम रोशन किया है. उन्होंने 450 से अधिक टीमों को पछाड़ते हुए AI, साइबर सिक्योरिटी में शानदार समाधान प्रस्तुत किए, जिसके लिए उन्हें 5 लाख रुपये का पुरस्कार मिला.
Saharsa News: सहरसा के एक युवा ने राष्ट्रीय स्तर पर ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसने पूरे जिले का नाम देशभर में रोशन कर दिया है. बरहशेर निवासी और IIT भिलाई के छात्र प्रतीक राज ने PSB Hackathon 2026 में देशभर की 450 से अधिक टीमों को पीछे छोड़ते हुए Nationwide Rank 1 हासिल की है. बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में उनकी टीम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, फ्रॉड डिटेक्शन और डिजिटल बैंकिंग से जुड़े समाधान प्रस्तुत किए, जिसके लिए उन्हें 5 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया. यह उपलब्धि सिर्फ एक छात्र की सफलता नहीं, बल्कि बिहार के युवाओं की तकनीकी क्षमता का भी मजबूत उदाहरण बनकर सामने आई है.
450 से अधिक टीमों के बीच पहला स्थान
PSB Hackathon 2026 का आयोजन बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से IIT गांधीनगर में किया गया. प्रतियोगिता में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित IIT और अन्य प्रमुख तकनीकी संस्थानों की 450 से अधिक टीमों ने हिस्सा लिया.
प्रतिभागियों के सामने बैंकिंग क्षेत्र से जुड़ी वास्तविक तकनीकी चुनौतियां रखी गई थीं. उन्हें डिजिटल बैंकिंग, साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी की पहचान और AI आधारित समाधान विकसित करने थे.
इसी चुनौतीपूर्ण प्रतियोगिता में प्रतीक राज ने अपने नवाचार और तकनीकी कौशल के दम पर देश में पहला स्थान हासिल किया.
AI, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल बैंकिंग में दिखाया दम
प्रतीक राज ने प्रतियोगिता के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, फ्रॉड डिटेक्शन और डिजिटल बैंकिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी मजबूत पकड़ का प्रदर्शन किया.
निर्णायक मंडल ने उनके समाधान को सबसे प्रभावी और व्यावहारिक माना. इसके बाद उन्हें Nationwide Rank 1 प्रदान करते हुए 5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया.
देशभर की 450 से अधिक टीमों के बीच शीर्ष स्थान हासिल करना एक बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि मानी जा रही है.
पहले ही प्रयास में पास की थी JEE Advanced
प्रतीक राज ने वर्ष 2023 में पहले ही प्रयास में JEE Advanced परीक्षा उत्तीर्ण की थी.
इसके बाद उनका चयन IIT भिलाई में हुआ, जहां पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने तकनीकी नवाचार, प्रोग्रामिंग और हैकाथॉन प्रतियोगिताओं में लगातार सक्रिय भागीदारी जारी रखी.
राष्ट्रीय स्तर की इस सफलता को उनकी उसी मेहनत और निरंतर तैयारी का परिणाम माना जा रहा है.
सहरसा के बरहशेर गांव से IIT तक का सफर
प्रतीक राज सहरसा जिले के बरहशेर गांव के निवासी हैं.
उनके पिता अरुण कुमार खां वर्तमान में सहरसा पॉलिटेक्निक में कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता शशिबाला कुमारी हैं.
परिवार ने बताया कि प्रतीक बचपन से ही पढ़ाई और तकनीक में विशेष रुचि रखते थे और हमेशा नई चीजें सीखने और बनाने की कोशिश करते थे.
जिले में खुशी और गर्व का माहौल
प्रतीक राज की सफलता की खबर मिलते ही सहरसा के शिक्षाविदों, तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों और स्थानीय नागरिकों में खुशी का माहौल है.
लोगों का कहना है कि छोटे शहर और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों के लिए यह उपलब्धि प्रेरणा का स्रोत बनेगी.
उनकी सफलता यह संदेश देती है कि सही मार्गदर्शन, मेहनत और तकनीकी कौशल के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं.
Saharsa News: बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणा
हाल के वर्षों में बिहार के कई छात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय तकनीकी प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रतीक राज की यह उपलब्धि उसी सकारात्मक बदलाव की एक मजबूत मिसाल है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे छात्रों को नवाचार और अनुसंधान के लिए बेहतर अवसर मिलें, तो बिहार तकनीकी क्षेत्र में और अधिक मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकता है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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