विकसित भारत मिशन को मिलेगी रफ्तार, सहरसा में दो दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू
सहरसा - जिलाधिकारी को सम्मानित करते अधिकारी व अन्य
Saharsa News: ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने के लिए सहरसा में विकसित भारत-गारंटी मिशन ग्रामीण योजना पर दो दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम शुरू हुआ. कोशी प्रमंडल के तीन जिलों से 21 प्रतिभागी इसमें शामिल हुए हैं.
सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट
Saharsa News: ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आजीविका को मजबूत करने के उद्देश्य से विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन ग्रामीण योजना के तहत सहरसा में दो दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम की शुरुआत हुई. विकास भवन सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी दीपेश कुमार, अपर समाहर्ता निशांत और निदेशक एनईपी ने संयुक्त रूप से किया. कार्यक्रम में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई.
कोशी प्रमंडल के तीन जिलों से पहुंचे प्रतिभागी
दो दिवसीय इस उन्मुखीकरण कार्यक्रम में कोशी प्रमंडल के सहरसा, मधेपुरा और सुपौल जिलों के कुल 21 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम का उद्देश्य संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को योजना के विभिन्न प्रावधानों, प्रक्रियाओं और जिम्मेदारियों के प्रति प्रशिक्षित और जागरूक करना है, ताकि योजना का प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके.
रोजगार और आजीविका पर रहा विशेष फोकस
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने विकसित भारत-गारंटी मिशन ग्रामीण योजना के उद्देश्यों, रोजगार सृजन और ग्रामीण आजीविका संवर्धन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी. इसके साथ ही योजना के सफल संचालन के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं और अधिकारियों की जिम्मेदारियों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया.
जमीनी स्तर पर योजना को प्रभावी बनाने की पहल
अधिकारियों ने कहा कि सरकार की मंशा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का विस्तार करने और आजीविका के साधनों को सुदृढ़ बनाने की है. इसके लिए जरूरी है कि योजना से जुड़े सभी अधिकारी और कर्मी इसकी प्रक्रियाओं को अच्छी तरह समझें और जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करें.
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Saharsa News: ग्रामीण विकास को नई दिशा देने की तैयारी
दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार, रोजगार और आजीविका से जुड़ी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. प्रशासन का मानना है कि प्रशिक्षित मानव संसाधन के माध्यम से योजना के बेहतर क्रियान्वयन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और विकास की प्रक्रिया को नई गति मिलेगी.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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