भीषण गर्मी से बेहाल मधेपुरा, ओढ़नी की छांव में स्कूल-कॉलेज पहुंच रहीं छात्राएं

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ओढ़नी की छाया लेकर पढ़ने जाती दिखीं युवतियां

Madhepura Weather: मधेपुरा में भीषण गर्मी और उमस ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. हालात ऐसे हैं कि छात्राएं सिर पर ओढ़नी डालकर धूप से बचते हुए स्कूल और कॉलेज जाने को मजबूर हैं. तापमान 40 डिग्री के आसपास पहुंचने से लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं.

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मधेपुरा से अमन श्रीवास्तव की रिपोर्ट

Madhepura Weather: जिले में इन दिनों पड़ रही तेज धूप और उमस भरी गर्मी ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. सुबह से ही सूरज की तीखी किरणें लोगों को झुलसा रही हैं, जबकि दोपहर होते-होते सड़कें सूनी पड़ जा रही हैं. सबसे अधिक परेशानी छात्रों, मजदूरों और राहगीरों को हो रही है. कई जगहों पर छात्राएं सिर पर ओढ़नी की छाया लेकर स्कूल और कॉलेज जाती नजर आईं, जो शिक्षा के प्रति उनकी लगन को भी दर्शाता है.

40 डिग्री के आसपास पहुंचा पारा, उमस ने बढ़ाई परेशानी

मधेपुरा शहर समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों में तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के करीब बना हुआ है. वहीं हवा में अधिक नमी के कारण उमस लोगों को और अधिक परेशान कर रही है. तेज धूप के कारण दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं.

ओढ़नी और दुपट्टे की छांव में पढ़ाई का सफर

भीषण गर्मी का सबसे अधिक असर छात्रों पर देखने को मिल रहा है. स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं को तेज धूप का सामना करना पड़ रहा है. खासकर छात्राएं धूप से बचने के लिए सिर और चेहरे को ओढ़नी या दुपट्टे से ढंककर पढ़ाई के लिए निकल रही हैं. कई छात्राएं पैदल ही लंबी दूरी तय कर शिक्षण संस्थानों तक पहुंच रही हैं.

भोजपुर (आरा): जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पहुंचे बिलौटी गांव. भरत भूषण तिवारी के परिजनों से की मुलाकात.

अस्पतालों में बढ़े लू और डिहाइड्रेशन के मरीज

भीषण गर्मी का असर स्वास्थ्य पर भी दिखने लगा है. सदर अस्पताल और निजी क्लीनिकों में लू, डिहाइड्रेशन, सिरदर्द और त्वचा संबंधी समस्याओं के मरीजों की संख्या बढ़ी है. चिकित्सकों ने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और दोपहर की धूप से बचने की सलाह दी है.

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मजदूरों और आम लोगों के लिए चुनौती बना मौसम

तेज धूप और उमस मजदूर वर्ग के लिए बड़ी चुनौती बन गई है. निर्माण कार्यों में लगे मजदूर, रिक्शा चालक और ठेला चालक भीषण गर्मी के बीच काम करने को मजबूर हैं. वहीं शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर लोग पेड़ों की छांव में राहत तलाशते नजर आ रहे हैं.

बिजली कटौती और पेयजल संकट ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है. प्रशासन ने लोगों से पर्याप्त पानी पीने, सिर ढककर बाहर निकलने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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