दो सीनेटरों ने मारी गुलाटी, गिरा ईरान के खिलाफ US राष्ट्रपति की शक्तियों पर लगाम लगाने वाला प्रस्ताव, चहक उठे ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप. फोटो- एक्स (@WhiteHouse).
Trump Iran War Powers: अमेरिकी सीनेट ने ईरान से जुड़े युद्ध शक्तियों वाले प्रस्ताव को आगे बढ़ाने से रोक दिया. दो रिपब्लिकन सांसदों के रुख बदलने के बाद ट्रंप प्रशासन को जीत मिली. ट्रंप ने इस जीत के बाद कहा यह वोट ईरान के लिए चेतावनी है.
Trump Iran War Powers: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान से जुड़े युद्ध शक्तियों के प्रस्ताव पर सीनेट में बड़ी राहत मिली है. अमेरिकी सीनेट ने बुधवार देर रात उस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने से रोक दिया, जिसका मकसद राष्ट्रपति की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने की शक्तियों को सीमित करना था. यह फैसला दो रिपब्लिकन सांसदों के अपना रुख बदलने के बाद आया, जिससे वोट का नतीजा ट्रंप प्रशासन के पक्ष में चला गया.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इस वोट के बाद खुशी जताई. उन्होंने लिखा, ‘वाह! सीनेट ने अभी ईरान पर अपना वोट 50-48 के खिलाफ से बदलकर 50-47 के पक्ष में कर दिया. रैंड पॉल और बिल कैसिडी ने अपना रुख बदला. नेता जॉन थ्यून, लिंडसे ग्राहम, बर्नी मोरेनो और सभी को धन्यवाद. यह वोट ईरान के लिए एक चेतावनी है.’
सीनेट ने राष्ट्रपति की युद्ध शक्तियों को सीमित करने की कोशिश रोकी
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, सीनेट ने उस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया, जिसका उद्देश्य राष्ट्रपति के सैन्य अधिकारों पर नियंत्रण लगाना था. यह वोट उस समय आया जब एक दिन पहले ही सांसदों ने इसी तरह के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. ट्रंप ने मंगलवार के उस फैसले पर नाराजगी जताई थी और कहा था कि इससे ईरान के साथ बातचीत में अमेरिका की स्थिति कमजोर हुई.
दो रिपब्लिकन सांसदों ने बदला फैसला
इस प्रस्ताव को रोकने में दो रिपब्लिकन सांसदों की भूमिका अहम रही, जिन्होंने पहले राष्ट्रपति की युद्ध शक्तियों को सीमित करने के प्रयास का समर्थन किया था. सीनेटर रैंड पॉल ने इस बार ‘प्रेजेंट’ वोट किया, यानी वह पक्ष या विपक्ष में नहीं गए. वहीं सीनेटर बिल कैसिडी ने प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के खिलाफ वोट दिया. सीएनएन के मुताबिक, अंतिम परिणाम 47-50-1 रहा.
कैसे पलटे सीनेटर रैंड पॉल
वोट से पहले रैंड पॉल ने एक्स पर लिखा, ‘आज रात मैं युद्ध शक्तियों वाले प्रस्ताव पर प्रेजेंट वोट करूंगा.’ उन्होंने आगे कहा, ‘युद्ध और कार्यकारी शक्ति को लेकर मेरी राय नहीं बदली है और मैंने कई बार उसी आधार पर वोट किया है… मेरा वोट राष्ट्रपति को स्थायी शांति के लिए बातचीत करने की ज्यादा जगह और ताकत देने का तरीका है.’
बिल कैसिडी ने पहले उठाए सवाल, फिर मारी गुलाटी
बिल कैसिडी ने इससे पहले सीनेट रिपब्लिकन की बैठक में ट्रंप से ईरान संघर्ष को लेकर सवाल किए थे. उन्होंने कहा था कि सांसदों और जनता को इस संघर्ष के बारे में ज्यादा जानकारी मिलनी चाहिए. कैसिडी ने पत्रकारों से कहा कि यह चार हफ्तों तक चलने वाला था, लेकिन यह चार महीने तक चल गया. हमारे शुरुआती लक्ष्य पूरे नहीं हुए हैं. हम जानना चाहते हैं कि आखिर क्या हो रहा है.
हालांकि बाद में कैसिडी ने कहा कि उन्हें प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से अतिरिक्त जानकारी दी गई है. उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘मैं उपराष्ट्रपति वेंस और विशेष दूत विटकॉफ का धन्यवाद करता हूं. उन्होंने आज दोपहर ईरान पर विस्तृत जानकारी दी. मैं अपनी कई चिंताओं को दूर करने के लिए व्हाइट हाउस में बुलाने की सराहना करता हूं.’
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कुछ सांसद अब भी प्रस्ताव के समर्थन में रहे
रिपब्लिकन सांसद सुसान कॉलिन्स और लिसा मुर्कोव्स्की ने एक बार फिर प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया. वहीं डेमोक्रेटिक सीनेटर जॉन फेटरमैन ने फिर से प्रस्ताव का विरोध किया. हालांकि, दो सीनेटरों के पलटने से ट्रंप को मुश्किलों में डालने वाला प्रस्ताव रुक गया है.
ईरान नीति और राष्ट्रपति की शक्तियों पर जारी है बहस
यह वोट अमेरिकी कांग्रेस में राष्ट्रपति की युद्ध शक्तियों और ईरान नीति को लेकर लंबे समय से चल रही बहस का नया अध्याय है. इस साल ईरान से जुड़े युद्ध शक्तियों के प्रस्ताव पर यह सीनेट का 11वां वोट था. प्रस्ताव का समर्थन करने वाले सांसदों का मानना है कि अगर कोई फैसला अमेरिका को दोबारा सैन्य कार्रवाई की ओर ले जा सकता है, तो उसमें कांग्रेस की औपचारिक भूमिका होनी चाहिए.
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By Anant Narayan Shukla
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