बाढ़, आग और बिजली से बचने की सीख, खगड़िया में SDRF ने शुरू किया विशेष ट्रेनिंग
खगड़िया में SDRF ने शुरू किया विशेष प्रशिक्षण
Khagaria News: प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं से लोगों को सुरक्षित रखने के लिए खगड़िया में एसडीआरएफ ने विशेष प्रशिक्षण अभियान शुरू किया है. प्रशिक्षण में बाढ़, आग, वज्रपात और सड़क हादसों के दौरान बचाव के तरीके सिखाए जा रहे हैं.
खगड़िया से अमित कुमार की रिपोर्ट.
Khagaria News: विभिन्न प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं के दौरान जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने और त्वरित बचाव कार्य को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से खगड़िया जिले में एसडीआरएफ की ओर से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. प्रखंड और अंचल स्तर पर आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, जीविका दीदियों, स्वयंसेवकों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों को आपदा के समय अपनाई जाने वाली सावधानियों और बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है.
बाढ़ से लेकर सड़क हादसों तक का दिया जा रहा प्रशिक्षण
एसडीआरएफ के प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बाढ़, आगलगी, वज्रपात, सड़क दुर्घटना और डूबने की घटनाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्य की तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया. प्रशिक्षकों ने बताया कि आपदा के समय सही जानकारी और त्वरित प्रतिक्रिया कई लोगों की जान बचा सकती है.
मॉक ड्रिल के जरिए सिखाए गए बचाव के तरीके
प्रशिक्षण कार्यक्रम को सिर्फ सैद्धांतिक नहीं रखा गया, बल्कि प्रतिभागियों को मॉक ड्रिल के माध्यम से भी आपदा प्रबंधन की बारीकियां समझाई गईं. इस दौरान सुरक्षित निकासी, प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने और आपातकालीन परिस्थितियों में कार्य करने के तरीकों का प्रदर्शन किया गया.
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फर्स्ट एड और आपातकालीन सहायता पर विशेष जोर
एसडीआरएफ की टीम ने प्रतिभागियों को प्राथमिक उपचार यानी फर्स्ट एड की जानकारी भी दी. प्रशिक्षण में बताया गया कि दुर्घटना या आपदा की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. ऐसे में सही प्राथमिक उपचार देकर गंभीर स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है.
सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
प्रशिक्षकों ने कहा कि किसी भी आपदा के समय घबराने के बजाय सूझबूझ और सतर्कता से काम लेना चाहिए. समय पर लिया गया सही निर्णय बड़ी दुर्घटनाओं को टाल सकता है. प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लें और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें.
प्रशासन का मानना है कि सामुदायिक भागीदारी और जागरूकता के जरिए किसी भी आपदा से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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