दो परिवार की कटुता को समाप्त कर खुशियां लाती है राष्ट्रीय लोक अदालत

Updated at : 08 Mar 2025 6:02 PM (IST)
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दो परिवार की कटुता को समाप्त कर खुशियां लाती है राष्ट्रीय लोक अदालत

दो परिवार की कटुता को समाप्त कर खुशियां लाती है राष्ट्रीय लोक अदालत

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जिला जज ने किया राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन सहरसा. शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर टेन कोर्ट बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर लोक अदालत का उद्घाटन जिला व सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष गोपाल जी, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय बलराम दुबे, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार अभिमन्यु कुमार, जिला पदाधिकारी सह उपाध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार वैभव चौधरी, पुलिस अधीक्षक सह सदस्य जिला विधिक सेवा प्राधिकार हिमांशु, जिला बार एसोसिएशन के सचिव कृष्ण मुरारी प्रसाद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. इस अवसर पर जिला जज गोपाल जी ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रेम सरोवर में डुबकी लगायें और लाभ उठायें. राष्ट्रीय लोक अदालत दो परिवार की कटुता को समाप्त कर खुशियां लाती है. आने वाली पीढ़ियों की वैमनस्यता समाप्त करती है. उन्होंने कहा कि जियो और जीने दो की राह पर चलना चाहिए. सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामया जहां सुमति तहां सम्पति नाना, जहां कुमति तहां बिपति निदाना. जिस घर में आपसी प्रेम और सद्भाव होता है वहां सारे सुख और संपत्ति होती है उन्होंने बैंक अधिकारियों से भी कहा कि वह रिजर्व बैंक के गाइडलाइन के अनुसार लाभुकों को छूट दें. जिससे उन्हें राहत मिले. बिजली विभाग भी उपभोक्ताओं को उलझन में न डालें. परिवार न्यायालय के न्यायाधीश बलराम दुबे ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत जनता की अदालत है. आपकी अपनी अदालत है. इसका फैसला अंतिम फैसला होता है. कोई हार जीत नहीं होती है. इसमें दोनों पक्षों की जीत होती है. इसके अलावा जिला पदाधिकारी वैभव चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मकसद सुलभ तथा सरल तरीके से न्याय उपलब्ध कराना है. छोटे-छोटे केसों को समाप्त करने में वर्षों लग जाते हैं. जबकि लोक अदालत में कुछ ही समय तथा कम पैसों में न्याय मिल जाता है. पुलिस अधीक्षक तथा संघ सचिव ने भी अपना अपना विचार प्रकट किया. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अभिमन्यु कुमार ने कहा कि कोर्ट आने जाने में जो समय हम लगाते हैं. उसे अगर दूसरे कार्यों में लगायें तो ज्यादा लाभ होगा. समझौता के आधार पर मुकदमों का निस्तारण करना लोक अदालत का मकसद है. जिसमें पक्षकारों के बीच शांति स्थापित होती है. इसलिए अपने छोटे छोटे मुकदमे को समाप्त कर खुशी खुशी घर जायें. इस मौके पर एडीजे 2 सुबीर कुमार, स्पेशल जज कृष्ण कुमार चौधरी, मुख्य न्यायाधीश दंडाधिकारी अश्विनी कुमार, एसीजेएम 1 सह सब जज चंदन कुमार वर्मा, एसीजेएम 2 शैला शुक्ला, एसडीजेएम सुमन कुमारी, न्यायिक दंडाधिकारी भवानी प्रसाद, न्यायिक दंडाधिकारी अमित कुमार सिंह, चंदन ठाकुर, न्यायिक दंडाधिकारी कृष्ण कुमार, न्यायिक दंडाधिकारी रोहित अमृतांशु, न्यायिक दंडाधिकारी मो हसन तबरेज, शिव श्रुतिका, मुंसिफ अफजल खान, निखिल चंद्रा, कोर्ट मैनेजर रवि कुमार, न्यायालय कर्मी राजेश कुमार, नायब नाजिर पवन कुमार, सूरज कुमार, डीएलएसए सहायक चंदन कुमार, मो आदिल, पीएलभी जितेंद्र कुमार राम, दमयंती कुमारी, अमर सिंह देव, पप्पू राम व अन्य मौजूद रहे.

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