Bihar News: पटना नगर निगम ने राजधानी को आग लगने से सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की बैठक में शहर के विभिन्न इलाकों में 11 फायर हाइड्रेट लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. यह योजना आपदा प्रबंधन विभाग के सहयोग से लागू की जाएगी.
एक फायर हाइड्रेट पर करीब 11 लाख 23 हजार रुपये खर्च होंगे और कुल परियोजना पर लगभग 1.23 करोड़ रुपये की लागत आएगी. इसका मकसद आग लगने की स्थिति में दमकल वाहनों को तुरंत और भरपूर पानी उपलब्ध कराना है, ताकि आग पर तेजी से काबू पाया जा सके.
फायर फाइटिंग सिस्टम को मिल रही नई ताकत
फायर हाइड्रेट एक ऐसा उपकरण होता है जो सीधे पानी की मुख्य सप्लाई लाइन से जुड़ा रहता है. आग लगने की स्थिति में अग्निशमन कर्मियों को इसके जरिए तुरंत भारी मात्रा में पानी मिल जाता है. अब तक कई इलाकों में पानी की उपलब्धता सबसे बड़ी चुनौती रही है, जिससे आग बुझाने में देरी होती थी.
नए हाइड्रेट लगने के बाद दमकल वाहनों को मौके पर ही पर्याप्त पानी मिलेगा और आग फैलने से पहले उस पर नियंत्रण संभव होगा.
कंकड़बाग अंचल में सबसे ज्यादा तैयारी
सबसे ज्यादा छह फायर हाइड्रेट कंकड़बाग अंचल में लगाए जाएंगे. वार्ड 29 के इलाके, वार्ड 35 में विकलांग अस्पताल के पास स्थित स्लम एरिया, वार्ड 34 में टेम्पो स्टैंड और पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के आसपास, वार्ड 44 में मलाही पकड़ी चौक के पास पार्क के बगल और वार्ड 46 में बहादुरपुर सेक्टर 7 के स्लम एरिया में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. यह वे इलाके हैं, जहां आबादी घनी है और आग लगने की स्थिति में नुकसान की आशंका सबसे ज्यादा रहती है.
बांकीपुर और नूतन राजधानी अंचल भी होंगे सुरक्षित
बांकीपुर अंचल में तीन जगहों को चिह्नित किया गया है. वार्ड 47 में बाजार समिति रोड पर सैदपुर हॉस्टल के सामने स्लम बस्ती, लोहानीपुर की आंबेडकर कॉलोनी और काजीपुर रोड नंबर दो पर अवर सचिव के आवासीय परिसर के पास फायर हाइड्रेट लगाए जाएंगे.
नूतन राजधानी अंचल में नेहरू नगर टैक्स भवन कार्यालय रोड के पास स्लम बस्ती और अदालतगंज-अमरनाथ रोड के बीच सीपीआई क्वार्टर के पास खाली जमीन पर फायर हाइड्रेट स्थापित होंगे.
शिक्षा संस्थानों के पास भी सुरक्षा घेरा
जक्कनपुर थाना रोड पर आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय और चाणक्य नेशनल यूनिवर्सिटी के बीच भी एक फायर हाइड्रेट लगाया जाएगा. इससे शैक्षणिक परिसरों और आसपास के रिहायशी इलाकों की सुरक्षा और मजबूत होगी.
जान-माल की सुरक्षा प्राथमिकता
महापौर सीता साहू ने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग के सहयोग से पूरे शहर को अग्नि सुरक्षा कवच से लैस किया जा रहा है. महत्वपूर्ण स्थलों पर फायर हाइड्रेट लगने से आग लगने की घटनाओं में जान-माल की क्षति को काफी हद तक कम किया जा सकेगा. यह कदम पटना को एक सुरक्षित और आपदा-संवेदनशील शहर बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
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