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संतों के शिरोमणि थे कबीर साहब, उनके विचारों को आत्मसात करने की जरूरत : मुखिया

Updated at : 11 Feb 2026 6:58 PM (IST)
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संतों के शिरोमणि थे कबीर साहब, उनके विचारों को आत्मसात करने की जरूरत : मुखिया

प्रखंड क्षेत्र स्थित पंचगछिया नवटोल में दो दिवसीय कबीर विचार मंच समारोह सह कबीर लीला का आयोजन किया गया.

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दो दिवसीय कबीर विचार मंच समारोह सह कबीर लीला का आयोजन

सत्तरकटैया. प्रखंड क्षेत्र स्थित पंचगछिया नवटोल में दो दिवसीय कबीर विचार मंच समारोह सह कबीर लीला का आयोजन किया गया. जिसका उदघाटन पंचगछिया पंचायत के मुखिया रौशन सिंह ने फीता काटकर किया. इस मौके पर मुखिया ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि कबीर साहब संतों के शिरोमणि थे. उनके विचारों को आत्मसात करने की जरूरत है. कबीर की वाणी सदा सत्य हुआ करती है. उनके एक एक विचारों पर रिसर्च हो रहा है. इस कार्यक्रम में कबीर पंथ से जुड़े कई साधु संतों ने विचार व्यक्त किये. कार्यक्रम में कलाकारों के द्वारा कबीर लीला की प्रस्तुति की गयी, जिसे देखने व सुनने सैकड़ों लोगों की भीड़ जुटी थी. इस मौके पर आयोजक महंथ ब्रह्मदेव दास, साध्वी पारो दासिन, सरपंच विनय ठाकुर, पैक्स अध्यक्ष संजीव सिंह, महंथ राजदेव दास, लक्ष्मी शर्मा, प्रदीप शर्मा, रघुनी यादव, संजीव रॉय, कैलाश शर्मा, सत्तो शर्मा, कथा वाचक आचार्य महंथ सुरेश साहब, महंथ अशोक साहब, राजदेव दास व अन्य मौजूद थे.

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Dipankar Shriwastaw

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