नाबालिग लड़की के गायब होने के मामले में तत्काल केस दर्ज करें : डीआइजी

कोसी रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक कुमार आशीष ने पदस्थापन के बाद पहली बार मंगलवार को सदर थाना परिसर स्थित एसडीपीओ कार्यालय का निरीक्षण किया.
डीआइजी ने एसडीपीओ कार्यालय का किया निरीक्षण, तो सदर थाने का किया औचक निरीक्षण
रामनवमी व ईद को लेकर सुरक्षा तैयारियों की भी समीक्षा
सहरसा. कोसी रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक कुमार आशीष ने पदस्थापन के बाद पहली बार मंगलवार को सदर थाना परिसर स्थित एसडीपीओ कार्यालय का निरीक्षण किया. निरीक्षण से पूर्व उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इस दौरान एसपी हिमांशु सहित सदर एसडीपीओ आलोक कुमार, रक्षित डीएसपी ओमप्रकाश, थानाध्यक्ष सुबोध कुमार व अन्य पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे. डीआइजी ने बैठक कर कांडों की समीक्षा करते हुए कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और अपराध नियंत्रण को लेकर उठाए गए कदमों का आकलन किया. वहीं निरीक्षण के दौरान डीआइजी ने सदर थाना के ओडी (ऑफिसर ऑन ड्यूटी) का भी जायजा लिया. उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद पुअनि मुकेश कुमार यादव से आगंतुक पंजी, शिकायतों के समय व उनकी कार्रवाई से संबंधित विस्तृत जानकारी ली.
कार्य में लापरवाही पर अफसर पर भड़के डीआइजी
इसी क्रम में एक पिता द्वारा नाबालिग पुत्री के गायब होने संबंधी आवेदन पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने पर डीआइजी भड़क उठे. ओडी पदाधिकारी द्वारा आवेदन आधा घंटा पहले मिलने की बात कहने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि इतने गंभीर मामले में तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई. डीआइजी के निर्देश पर थानाध्यक्ष ने तुरंत आवेदक से फोन पर संपर्क कर मामले की जानकारी ली और शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिलाया. इसके बाद डीआइजी ने तत्काल केस दर्ज करने का निर्देश दिया एवं ओडी पदाधिकारी को भविष्य में ऐसी लापरवाही नहीं बरतने की सख्त हिदायत दी. उन्होंने कहा कि सरकार की सबका सम्मान, जीवन आसान योजना का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का सम्मानजनक और त्वरित समाधान करना है. इसके लिए थानेदार को स्वयं लोगों से फीडबैक लेना होगा और ड्यूटी पर तैनात पदाधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना होगा.
शिकायतों के त्वरित निष्पादन व जवाबदेही तय करने पर जोर
डीआइजी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी शिकायत के समाधान में लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जायेगी. यह भी देखा जायेगा कि मामला किसे असाइन हुआ और उसने क्या कार्रवाई की. साथ ही ड्यूटी के दौरान शिकायत को अटेंड करने वाले पदाधिकारी के व्यवहार की भी समीक्षा होगी. उन्होंने निर्देश दिया कि जांच के दौरान सुपरवाइजरी अधिकारी चाहे वह डीएसपी, सर्किल इंस्पेक्टर या थानेदार हों अभियुक्ति कॉलम में इन सभी बिंदुओं को दर्ज कर स्वयं इसकी पुष्टि करेंगे, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो सके. वहीं निरीक्षण को लेकर पूछे जाने पर डीआईजी कुमार आशीष ने बताया कि एसडीपीओ सदर कार्यालय का वार्षिक निरीक्षण किया गया है, जिसमें एक वर्ष के दौरान किए गए कार्यों और अपराध नियंत्रण के उपायों की विस्तृत समीक्षा की गयी. उन्होंने कहा कि पुलिस मुख्यालय व डीजीपी के निर्देशानुसार लंबित कांडों के निष्पादन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. वर्ष 2020 से पूर्व के मामलों को चिह्नित कर प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा रहा है. इसके अलावा आगामी रामनवमी और ईद को लेकर सुरक्षा व विधि-व्यवस्था की तैयारियों की भी समीक्षा की गयी है.
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