अपराध से अर्जित संपत्ति मामले में पांच के खिलाफ कोर्ट से भेजा नोटिस
Updated at : 28 Nov 2025 6:28 PM (IST)
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जिले में अपराध पर शिकंजा कसने के लिए सहरसा पुलिस ने अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में बड़ी पहल की है.
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कुख्यात अपराधियों की संपत्ति की जांच की प्रक्रिया तेज व कई पर कार्रवाई जारी
सहरसा. जिले में अपराध पर शिकंजा कसने के लिए सहरसा पुलिस ने अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में बड़ी पहल की है. पुलिस अधीक्षक हिमांशु के नेतृत्व में इन दिनों पूरे जिले में कुख्यात अपराधियों की अवैध संपत्ति के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है. चलाये जा रहे अभियान को लेकर शुक्रवार को अपने कार्यालय वैश्म में जानकारी देते मुख्यालय डीएसपी-1 धीरेंद्र पांडे ने बताया कि इस कार्रवाई का उद्देश्य उन अपराधियों की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को चिह्नित करना और उसे जब्त करने की कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है, जिन्होंने लंबे समय तक अपराध के जरिए अकूत संपत्ति इकट्ठा कर रखी है. उन्होंने कहा कि अपराध की जड़ें तभी कमजोर होंगी, जब उसके आर्थिक स्त्रोतों पर प्रहार होगा. उन्होंने बताया कि अब तक कई कुख्यात अपराधियों की संपत्ति के विरुद्ध कोर्ट में कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है. जिसमें सर्वप्रथम सदर थाना क्षेत्र के हकपाड़ा निवासी मो शमशेर, सलखुआ थाना क्षेत्र के नित्यानंद कुमार, सदर थाना क्षेत्र के बैजनाथपट्टी निवासी विपुल कुमार, बलवाहाट थाना क्षेत्र के कोपरिया टोला निवासी मनोज यादव सोनवर्षाराज थाना क्षेत्र के सहमौरा निवासी एडी यादव उर्फ आदित्य आनंद के मामले प्रमुख हैं. इन सभी के विरुद्ध अदालत से अनुमति लेकर उनकी संदेहास्पद और अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति की जांच शुरू कर दी गयी है.सुरक्षित नहीं बचेगी अपराध की कमाई : डीएसपी
वहीं डीएसपी पांडे ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पूरे जिले में ऐसे और भी असामाजिक तत्वों की पहचान की जा रही है, जिन्होंने अपराध की आय से संपत्ति खड़ी की है. कई मामलों में कागजी जांच प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है, जबकि कुछ मामले अंतिम चरण में हैं. पुलिस टीम थानों से मिली रिपोर्ट, स्थानीय जांच, बैंक लेन-देन, संपत्ति खरीद-बिक्री के दस्तावेज और अपराध के रिकॉर्ड की गहन पड़ताल कर रही है. उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि अपराधियों को आर्थिक रूप से कमजोर करने की एक दीर्घकालिक कार्ययोजना है. अपराधियों को स्पष्ट संदेश है कि अपराध की कमाई अब सुरक्षित नहीं बचेगी. वैध आय से अधिक संपत्ति रखने, संदिग्ध लेन-देन और बेनामी संपत्ति की जांच तेज कर दी गयी है. जिला पुलिस ने सभी थानों को अपराधियों की सूची अपडेट करने और संदेहास्पद संपत्तियों की रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है. वहीं जिला पुलिस प्रशासन आश्वस्त है कि इस अभियान से अपराध का नेटवर्क काफी हद तक कमजोर होगा और जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी. डीएसपी ने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में और भी नाम सामने आ सकते हैं और कई मामलों में संपत्ति जब्ती की कार्रवाई देखने को मिलेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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