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श्री उग्रतारा मंदिर न्यास समिति सचिव ने पूर्व के सचिव व कोषाध्यक्ष पर दर्ज कराया मामला

Updated at : 14 Sep 2024 9:21 PM (IST)
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श्री उग्रतारा मंदिर न्यास समिति सचिव ने पूर्व के सचिव व कोषाध्यक्ष पर दर्ज कराया मामला

श्री उग्रतारा मंदिर न्यास समिति सचिव महर्षि निवासी केशव कुमार चौधरी ने मंदिर न्यास समिति के पूर्व सचिव व कोषाध्यक्ष पर भगवती के जेवरात व मूल्यवान वस्तुओं, जिसकी कीमत 50 लाख से अधिक होगी, के गबन को लेकर महिषी थाना में मामला दर्ज कराया है.

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प्रतिनिधि, सहरसा. श्री उग्रतारा मंदिर न्यास समिति सचिव महर्षि निवासी केशव कुमार चौधरी ने मंदिर न्यास समिति के पूर्व सचिव व कोषाध्यक्ष पर भगवती के जेवरात व मूल्यवान वस्तुओं, जिसकी कीमत 50 लाख से अधिक होगी, के गबन को लेकर महिषी थाना में मामला दर्ज कराया है. उन्होंने कहा कि बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद द्वारा दो मार्च 2022 को अधिसूचना जारी कर उन्हें अगले पांच वर्षों तक के लिए व अन्य सदस्यों का चयन कर श्री उग्रतारा न्यास समिति के मंदिर की संपूर्ण व्यवस्था, सुरक्षा व विकास का भार सौंपा गया. पूर्व सचिव काफी दबंग प्रवृत्ति व पैसे वाले व्यक्ति हैं. उनके द्वारा पूर्व में जब प्रभार नहीं सौंपा गया तो पदेन अध्यक्ष जिलाधिकारी से गुहार लगायी, लेकिन पूर्व सचिव पीयूष रंजन की दबंगई के कारण प्रतिनिधि मजिस्ट्रेट की नहीं चली. 30 मई 2023 को प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट व अनुमंडलाधिकारी सहित पर्याप्त पुलिस बल के सहयोग से समिति कार्यालय का ताला तोड़ा गया. जिसमें पूर्व के रजिस्टर व अन्य रसीद प्राप्त हुआ. इस मामले को लेकर प्रतिनिधि मजिस्ट्रेट द्वारा मामला दर्ज कराया गया था. जिसमें पूर्व सचिव उच्च न्यायालय से जमानत पर हैं. उन्होंने कहा कि भगवती के कुछ अचल संपत्ति भूमि, कीमती वृक्ष व पोखर को पूर्व सचिव के वंश के दबंगों ने अतिक्रमण कर लिया है. जो अब छोड़ने को तैयार नहीं हैं. भगवती के लाखों की चल संपत्ति जो भगवती को पूर्व श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाया गया था. जिनमें सोना, चांदी व बहुमूल्य मंदिर के गोदरेज में सेवायतों व समिति के सदस्यों के समक्ष सुरक्षित रखे गये थे. जिसमें ढाई लाख का चंद्रहार, एक लाख के सोने का मटर माला, चांदी की थाली बाटी, ग्लास, चम्मच, चांदी का बड़ा थाली, चांदी का रत्नयुक्त पांच लाख का मुकुट, एक किलो चांदी का डरकश, सैकड़ों पायल व सोने की टिकली चढ़ाया गया था. पूर्व सचिव पियूष रंजन मिश्रा, कोषाध्यक्ष व पांडा कन्हैया झा सभी गलत नियत से मिली भगत का भगवती के इन जेवरात व अन्य बहुमूल्य वस्तु जिसकी कीमत 50 लाख से अधिक होगी, गबन कर लिया है. इतना ही नहीं समिति के बिना किसी आदेश के इन व्यक्तियों ने लगभग तीन क्विंटल कांसा व पीतल की घंटी बेच दी. इसका कोई हिसाब नहीं दिया जा रहा है. पूर्व से मंदिर परिसर में लगे सोलर लाइट के 18 बैटरी को बेच खाया है. जब कभी भी पूर्व सचिव व कोषाध्यक्ष से ग्रामीण व नवगठित न्यास के सचिव व भगवती की सेवादार द्वारा जिक्र किया जाता है तो पूर्व सचिव की ओर से डराया धमकाया व जान से मारने की धमकी दी जाती है. उन्होंने कहा कि इनके द्वारा षड्यंत्र के तहत मिली भगत कर भगवती के इन संपत्तियों को गबन किया गया है. समिति वैधानिक प्रक्रिया से इसे वापस प्राप्त करना चाहती है. उन्होंने जांच कर इन व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है. फोटो – सहरसा 20 – श्री उग्रतारा मंदिर

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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