रोस्टर के अनुसार काम नहीं करते चिकित्सक
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :15 Jul 2016 7:14 AM (IST)
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जूनियर डॉक्टर काट देते हैं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की हाजिरी डॉक्टरों की हठधर्मिता से पीएचसी आने वाले मरीजों की बढ़ी परेशानी सौरबाजार : पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी पर चिकित्सा पदाधिकारी भारी बने हुए है और इसका खामियाजा यहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों को उठाना पड़ता है. एक तो पीएचसी में दवा की […]
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जूनियर डॉक्टर काट देते हैं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की हाजिरी
डॉक्टरों की हठधर्मिता से पीएचसी आने वाले मरीजों की बढ़ी परेशानी
सौरबाजार : पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी पर चिकित्सा पदाधिकारी भारी बने हुए है और इसका खामियाजा यहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों को उठाना पड़ता है. एक तो पीएचसी में दवा की कमी से मरीजों को दो-चार होना ही पड़ रहा था. इधर चिकित्सकों के आपसी व अंदरूनी विवाद से भी मरीज व उनके परिजनों को नाहक परेशान होना पड़ रहा है. सौरबाजार पीएचसी में कुल छह चिकित्सक पदस्थापित हैं,
लेकिन सभी ड्यूटी करने से परहेज बरतते रहते हैं. जानकारी के अनुसार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रवींद्र कुमार के अलावा डॉ जितेंद्र कुमार, डॉ पी भास्कर, डॉ फिरोज अख्तर, डॉ केबी चौरसिया व डॉ डॉ राजकिशोर प्रसाद पदस्थापित हैं. रेफर अस्पताल के रूप में प्रसिद्धि पा चुके इस पीएचसी के चिकित्सक अपने रोस्टर के अनुसार कार्य नहीं करना चाहते हैं. इस कारण पीएचसी पहुंचने वाले मरीजों को ग्रामीण डॉक्टरों अथवा नीम हकीम की शरण में जाना पड़ता है.
कार्रवाई से भड़क जाते हैं डॉक्टर
पीएचसी में उपलब्ध रोस्टर के अनुसार, सोमवार को डॉ फिरोज अख्तर, मंगलवार को डॉ जितेंद्र कुमार, बुधवार को डॉ रवींद्र कुमार, गुरुवार को डॉ जितेंद्र कुमार, शुक्रवार को डॉ केबी चौरसिया एवं शनिवार को डॉ फिरोज अख्तर को कर्तव्यों का निर्वहन करना है. लेकिन ताजा हालात कुछ और ही हैं. अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जब अनुपस्थित चिकित्सकों की उपस्थिति पंजी में कार्रवाई की जाती है तो नियोजित चिकित्सकों द्वारा प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की उपस्थिति काट उन्हें खबरदार कर दिया जाता है. इस संबंध में पूछने पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रविंद्र कुमार ने बताया कि पदस्थापित चिकित्सक अपनी मरजी से ड्यूटी करना चाहते हैं. जब मरजी होती है तो आते हैं,
नहीं तो आना भी जरूरी नहीं समझते हैं. उन्होंने बताया कि उन्हें विभागीय कार्यों में जिला मुख्यालय सहित प्रखंड के उपस्वास्थ्य केंद्रों जांच एवं सोनवर्षाराज पीएचसी का कार्य भी देखना होता है. उसके बावजूद रोस्टर के अनुसार वे अपनी ड्यूटी करते हैं. उन्होंने कहा कि अन्य चिकित्सकों की हठधर्मिता से पीएचसी आने वाले मरीजों को परेशानी हो रही है. इस संबंध में विभागीय आलाधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है.
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