दलमा में शिकार पर्व मनाने पहुंचे शिकारी, वन देवी-देवताओं से मांगी अनुमति मांगी

Published by :KumarVishwat Sen
Published at :25 Apr 2026 10:00 PM (IST)
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Jamshedpur News

शिकारियों का पैर धोकर स्वागत करती महिला. फोटो: प्रभात खबर

Jamshedpur News: दलमा पहाड़ी में सेंदरा पर्व को लेकर आदिवासी समाज में उत्साह है. राकेश हेंब्रम ने वन देवी-देवताओं से शिकार की अनुमति मांगी. हजारों सेंदरा वीर शामिल होंगे. सिंगराई कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहेगा और परंपरा का भव्य आयोजन होगा. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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जमशेदपुर से बृजेश सिंह की रिपोर्ट

Jamshedpur News: दलमा बुरु सेंदरा समिति के आह्वान पर 27 अप्रैल को आदिवासी समाज द्वारा दलमा पहाड़ी पर सेंदरा पर्व मनाया जायेगा. शनिवार को दलमा के तराई गांव फदलोगोड़ा के समीप पहाड़ी पर दलमा राजा राकेश हेंब्रम ने वन देवी-देवताओं की विशेष पूजा अर्चना की. उन्होंने देवी-देवताओं का पारंपरिक रीति-रिवाज से आह्वान कर उनसे दिसुआ सेंदरा के लिए अनुमति मांगी.

देवी-देवताओं से की विनती

साथ ही वन देवी-देवताओं से विनती की कि सोमवार को हजारों की संख्या में दिसुआ सेंदरा वीर शिकार पर्व खेलने के लिए पहाड़ी पर चढ़ाई करेंगे. वे दिनभर शिकार खेलने के बाद सकुशल जंगल से वापस आये. वे सभी सेंदरा वीरों पर विशेष कृपा बनाये रखे. इस दौरान दलमा राजा राकेश हेंब्रम ने अच्छी बारिश व फसल के लिए भी वन देवी-देवताओं से प्रार्थना किया. सेंदरा पूजा स्थल में रविवार को प्रात: सुबह राकेश हेंब्रम की अगुवाई में दिसुआ सेंदरा वीर पारंपरिक हथियार तीर-धनुष समेत भाला व बरछी आदि भी पूजा अर्चना करेंगे. इससें कोल्हान समेत ओडिशा व बंगाल के भी सेंदरा वीर शामिल होंगे. साथ आदिवासी स्वशासन व्यवस्था के प्रमुख परगना, पारानिक, गोडेत, नायके, मानकी, मुंडा, डोकलो-सोहोर आदि भी शामिल होंगे.

वन विभाग रोक-टोक नहीं करे: राकेश हेंब्रम

दलमा राजा राकेश हेंब्रम ने कहा कि आदिवासी समाज के लोग रविवार की सुबह से ही दलमा की तराई में आना शुरू कर देंगे. वे साल में एकबार अपने पूर्वजों की परंपरा का निर्वाह करने के लिए हजारों की संख्या में आयेंगे. उनको रोक-टोक करने के लिए वन विभाग ने जगह-जगह पर चेकनाका बनाया है. वन विभाग से विनती है कि परंपरा का निर्वाह करने वाले सेंदरा वीरों को चेकनाका में रोक-टोक नहीं किया जायेगा. सेंदरा वीरों से भी अपील है कि वे अपने साथ पारंपरिक हथियार के अलावे जाल-फांस व बंदूक आदि बिलकुल नहीं लावें और अनावश्यक विवाद से बचने का प्रयास करें.

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सिंगराई कार्यक्रम होगा आकर्षण का केंद्र

रविवार की शाम को दिसुआ सेंदरा वीरों के वीर सिंगराई कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. वीर सिंगराई को आदिवासी समाज में सामाजिक पाठशाला की मान्यता दिया गया. वीर सिंगराई एक मनोरंजक कार्यक्रम है. जिसमें सिंगराई कलाकार नाच गाकर व अपनी हास्य गतिविधियों से सेंदरा वीरों को मनोरंजन करते हैं. इसी मनोरंजन के बीच वे युवा सेंदरा वीरों को सामाजिक व पारिवारिक जीवन के बारे में भी बतलाते हैं. जिससे उन्हें पारिवारिक जीवन से संबंधित कई सारी चीजों का ज्ञान मिलता है.

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लेखक के बारे में

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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