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फर्जी जमीन के कागजात देकर 82 लाख रुपए का किया फर्जीवाड़ा

Updated at : 11 Apr 2025 7:08 PM (IST)
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फर्जी जमीन के कागजात देकर 82 लाख रुपए का किया फर्जीवाड़ा

फर्जी जमीन के कागजात देकर 82 लाख रुपए का किया फर्जीवाड़ा

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फर्जी जमीन के कागजात को देकर वर्ष 2020 में बैंक औफ इंडिया से 70 लाख रुपए का कैश क्रेडिट ऋण कराया था स्वीकृत सहरसा. जिले में संचालित बैंक औफ इंडिया के साथ फर्जी जमीन के कागजात देकर 82 लाख रुपए का फर्जीवाड़ा किया गया है. जिसमें बैंक के पैनल अधिवक्ता, बैंक के ही जमीन के कागजात का मूल्यांकनकर्त्ता, ऋणधारक और तत्कालीन शाखा प्रबंधक की संलिप्तता साफ-साफ दिख रही है. जिसको लेकर वर्तमान शाखा प्रबंधक रामानुज ने सदर थाना क्षेत्र के कृष्णा नगर लहटन चौधरी रोड बटराहा मसोमात पोखर वार्ड नंबर 22 निवासी बिंदेश्वरी प्रसाद गुप्ता के पुत्र संजय कुमार गुप्ता के खिलाफ फर्जीवाड़ा करने को लेकर सदर थाना में आवेदन दिया है. जिसमें उन्होंने उक्त व्यक्ति के ऊपर फर्जी जमीन के कागजात को देकर वर्ष 2020 में बैंक से 70 लाख रुपए का कैश क्रेडिट ऋण स्वीकृत करा ली और फिर वर्ष 2021 में 12 लाख की जीईसीएल सुविधा भी ले लिया. उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में संजय कुमार गुप्ता खुद को एमएस गौरव ट्रेडर्स का प्रोपराइटर बताकर कैश क्रेडिट के लिए आवेदन दिया था. वे खाद्यान्न और अनाज के व्यापार के लिए बैंक के सहरसा शाखा में कैश क्रेडिट के लिए जमीन का फर्जी कागजात देकर आवेदन दिया था. उनके आवेदन पर 4 मई 2020 को बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक एमएम आलम ने स्वीकृति दी थी. उनके खाता संख्या 447030110000194 में 70 लाख रुपए का कैश क्रेडिट कर दिया गया था. फिर अगले साल 2021 के 26 नवंबर को बैंक के तत्कालीन मुख्य प्रबंधक राजीव कुमार गुप्ता द्वारा उन्हें उसी फर्जी जमीन के कागजात पर फिर से 12 लाख की जीईसीएल की भी सुविधा स्वीकृत कर दी गयी थी. वहीं वर्ष 2024 के तत्कालीन मुख्य प्रबंधक संजय कुमार वेद की जांच में संजय कुमार गुप्ता के कैश क्रेडिट में दिया गया कागजात फर्जी लगा. फिर उन्होंने इसकी शिकायत भागलपुर स्थित बैंक ऑफ़ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यालय में की थी. जिसकी शिकायत पर जांच टीम का गठन किया गया था. जांच टीम द्वारा सभी कागजात की छानबीन की गयी. जिसमें उक्त फर्जीवाड़ा का भंडाफोड़ हुआ था. जिसके बाद कागजात की जांच से पता चला कि पैनल अधिवक्ता और सदर थाना क्षेत्र के कायस्थ टोला निवासी शालिग्राम सिंह के पुत्र संजय कुमार सिंह, कागजात के मूल्यांकनकर्त्ता और सदर थाना क्षेत्र के शारदा नगर वार्ड नंबर 20 स्थित सुधा सदन निवासी योगेंद्र प्रसाद गुप्ता के इंजीनियर पुत्र प्रभात चंद्र गुप्ता द्वारा दिए गए टाइटल सर्च रिपोर्ट एवं कागजात का मूल्यांकन फर्जी था. जिसमें पाया गया था कि लाभुक द्वारा दिए गए राजस्व रसीद और म्यूटेशन सर्टिफिकेट की तारीखों में विरोधाभास था. उनके द्वारा दिए गए जमाबंदी के कागजात, जमीन का खाता संख्या, खेसरा संख्या और क्षेत्रफल के साथ-साथ जमीन के मालिक के पिता का नाम भी अलग-अलग था. जिससे साफ जाहिर होता है कि उक्त दस्तावेज पूरी तरह फर्जी था. जिसे पैनल अधिवक्ता संजय कुमार सिंह और पैनल मूल्यांकनकर्त्ता ई प्रभात चंद्र गुप्ता ने खाता धारक संजय कुमार गुप्ता के मेल मिलाप में षड्यंत्र रचकर बैंक के साथ धोखाधड़ी की थी. जिसमें तत्कालीन शाखा प्रबंधक की भूमिका भी संदिग्ध दिख रही है. दिए आवेदन के आधार पर सदर थाना की पुलिस मामले की छानबीन कर रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Dipankar Shriwastaw

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