बेटे के इनकार करने पर बेटी ने दी मां को मुखाग्नि

Published at :04 Jan 2016 7:00 PM (IST)
विज्ञापन
बेटे के इनकार करने पर बेटी ने दी मां को मुखाग्नि

बेटे के इनकार करने पर बेटी ने दी मां को मुखाग्नि कहां जा रहा है हमारा समाजमां की मौत की खबर पर भी नहीं आया बेटा, दो दिनों तक हुआ इंतजारबेटी व दामाद ने संस्कार व कर्मों का उठाया बीड़ालाल बहादुर/सतरकटैयाप्रखंड के विशनपुर गांव में बेटी के दायित्वों की एक नयी कहानी गढ़ी गयी. मां […]

विज्ञापन

बेटे के इनकार करने पर बेटी ने दी मां को मुखाग्नि कहां जा रहा है हमारा समाजमां की मौत की खबर पर भी नहीं आया बेटा, दो दिनों तक हुआ इंतजारबेटी व दामाद ने संस्कार व कर्मों का उठाया बीड़ालाल बहादुर/सतरकटैयाप्रखंड के विशनपुर गांव में बेटी के दायित्वों की एक नयी कहानी गढ़ी गयी. मां के निधन हो जाने की खबर मिलने पर भी इकलौता पुत्र न तो अंतिम दर्शन के लिए आया और न ही उसने मुखाग्नि देने की चिंता दिखायी. लंबे समय तक मान-मनौव्वल व इंतजार के बाद भी जब वह आने के लिए तैयार नहीं हुआ, तो उसकी बहन आगे आयी और मुखाग्नि देने से लेकर सभी कर्म करने की भी जिम्मेवारी ली. बेटी के इस फैसले से समाज में बेटी की परिभाषा तो बदल ही गयी, उसे और भी अधिक सम्मान से देखा जाने लगा. बेटी के पास रहती थी गुलाब देवीसुपौल जिले के दुर्गा स्थान, हरदी निवासी सरकारी सेवा से रिटायर हुए महेश्वर यादव व उनकी पत्नी गुलाब देवी को एक पुत्र व दो पुत्री थी. एक पुत्री का पूर्व में ही निधन हो गया था. पुत्र दुर्गा प्रसाद पढ़ा-लिखा है. वह भी पिता के साथ सुपौल में ही रहता है. उसकी शादी हो गयी है. एक साल पूर्व सास व पतोहू में झगड़ा होने पर उसके पिता ने उसकी मां को सरेआम फटकार लगा दी. इससे गुस्से में आयी गुलाब देवी अपना घर-द्वार छोड़ विशनपुर में रह रही बेटी रानी के पास आ गयी. इस दौरान विशनपुर से तीन-चार बार पंचों, समाज के लोगों ने सुपौल जाकर बीती बातों को भुला कर गुलाब देवी को वापस आने का निवेदन किया, लेकिन उन सब पर किसी अनुनय-विनय का असर नहीं हुआ. दो दिन किया इंतजारबुधवार को गुलाब देवी के निधन होने के बाद सुपौल स्थित उसके पति व पुत्र को आदमी भेज इसकी जानकारी दी गयी, लेकिन उन दोनों में से किसी ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखायी. लाश को रख कर दूसरे दिन भी उनके आने का इंतजार किया गया, लेकिन दोनों में किसी ने पति व पुत्र का धर्म नहीं समझा. इंतजार से थक-हार कर बेटी रानी देवी अपनी मां के संस्कार का बीड़ा उठाते हुए उन्हें मुखाग्नि दी. इस घटना से रानी देवी समाज व अन्य बेटियों की प्रेरणा बन गयी है. गुलाब देवी की बेटी रानी, दामाद ब्रह्मदेव व नाती ज्ञानदेव ने कहा कि मां एवं पिता पर बेटा व बेटी का बराबर का अधिकार है. जिस कोख से मां बेटे को जन्म देती है. उसी कोख से उतना ही कष्ट सह कर बेटी भी जन्म लेती है. तो फिर बेटा और बेटी के अधिकार में अंतर क्यों.फोटो-मुखाग्नि 1- माता को मुखाग्नि देती बेटी रानी

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन