बीएनएमयू: विवि की गलती का खामियाजा भुगत रहे हैं छात्र

Published at :16 Dec 2015 6:42 PM (IST)
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बीएनएमयू: विवि की गलती का खामियाजा भुगत रहे हैं छात्र

बीएनएमयू: विवि की गलती का खामियाजा भुगत रहे हैं छात्र फोटो- कैंपस एक से चार तक कैप्शन-प्रतिनिधि, मधेपुराभूपेंद्र नारायण मंडल विवि में वर्तमान कुलपति डा विनोद कुमार के लाख प्रयास के बावजूद विवि की शैक्षणिक व प्रशासनिक व्यवस्था सुदृढ़ नहीं हो पा रही है. इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है. खास कर परीक्षा […]

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बीएनएमयू: विवि की गलती का खामियाजा भुगत रहे हैं छात्र फोटो- कैंपस एक से चार तक कैप्शन-प्रतिनिधि, मधेपुराभूपेंद्र नारायण मंडल विवि में वर्तमान कुलपति डा विनोद कुमार के लाख प्रयास के बावजूद विवि की शैक्षणिक व प्रशासनिक व्यवस्था सुदृढ़ नहीं हो पा रही है. इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है. खास कर परीक्षा विभाग में अंक पत्र, प्रवेश पत्र व टीआर में त्रुटि रहने के कारण छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इन त्रुटियों को सुधार कराना भी छात्रों के लिए परेशानी का सबब बन गया है. ऐसे छात्र विवि का रोज चक्कर लगा रहे हैं. वहीं कुलपति डा विनोद कुमार के निर्देश पर जारी अधिसूचना के बावजूद पार्ट थर्ड के छात्रों का रिजल्ट अब तक पेंडिंग है. हालांकि, अधिसूचना जारी होने से पार्ट टू व पार्ट थर्ड के हजारों छात्रों ने राहत की सांस ली है. इन छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया था. लेकिन कुलपति डाॅ विनोद कुमार ने छात्र हित में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए पार्ट टू के प्रमोटेड छात्रों को राहत प्रदान की. वहीं परीक्षा नियंत्रक डाॅ नवीन कुमार ने कहा कि कंप्यूटर से गलत अंक अंकित होने से इस तरह की समस्या सामने आ रही है. जिसे दूर करने के लिए विवि प्रशासन लगातार प्रयासरत है. वहीं उन्होंने कहा कि कुलपति डाॅ विनोद कुमार के निर्देश पर जारी अधिसूचना के अनुसार जिन छात्रों का रिजल्ट पेंडिंग है, उनसे आवेदन लेकर जल्द ही छात्रों को रिजल्ट दे दिया जायेगा. छात्रों इस समस्या को विभिन्न छात्र संगठनों ने गंभीरता से लिया है. छात्र संगठन एनएसयूआइ के प्रदेश महासचिव मनीष कुमार ने कहा कि विवि की लापरवाही के कारण छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है. मनीष ने कहा कि प्रतिदिन दर्जनों की संख्या में त्रुटि पूर्ण प्रमाण पत्रों की समस्या को लेकर छात्र विवि पहुंच रहे है. इसके लिए छात्रों को आर्थिक रूप से क्षति पहुंचती है. त्रुटि सुधार कराने के लिए छात्रों को पांच सौ से एक हजार तक का चलान काटना पड़ रहा है. विवि की गलती का खामियाजा छात्रों को मानसिक व आर्थिक रूप से उठाना पड़ता है. उन्होंने कुलपति से मांग करते हुए कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम बनाया जाये और परीक्षा विभाग में छात्रों को हो रही परेशानी को अविलंब दूर किया जाये. एनएसयूआइ के सहरसा जिला अध्यक्ष सुदीप कुमार सुमन ने कहा कि विवि में छात्रों को मानसिक व आर्थिक प्रताड़ना का शिकार होना पड़ रहा है. उन्होंने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि विवि की गलती का खामियाजा आज पार्ट टू के छात्रों को भुगतना पड़ रहा है. वहीं एनएसयूआइ के जिला महासचिव विराज कश्यप ने कहा कि विवि प्रशासन छात्रों की समस्याओं को अविलंब दूर करें, अन्यथा एनएसयूआई बाध्य हो कर उग्र आंदोलन करेगी. वहीं कुलपति से मांग करते हुए कहा कि विवि में वाई फाई, पेयजल, केंटिंग की व्यवस्था हो, जिससे बाहर से आने वाले छात्रों को परेशानियों का सामना करना नहीं पड़े. वर्जनप्रमाण पत्रों में मानवीय भूल व कंप्यूटर के कारण किसी प्रकार की त्रुटि होती है. इस प्रकार की समस्या को दूर करने के लिए विवि प्रशासन लगातार प्रयासरत है. छात्रों की समस्याओं का सामधान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है. विवि छात्रों के लिए है और छात्र हित में परीक्षा विभाग कार्य कर रहा है. डॉ नवीन कुमार, परीक्षा नियंत्रक, भूपेंद्र नारायण मंडल विवि, मधेपुरा

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