महाजाम से मुक्ति को तड़प रही जनता

महाजाम से मुक्ति को तड़प रही जनताप्रभात अभियानबिहार सरकार दे राज्यांश, होगा कल्याणप्रतिनिधि, सहरसा नगरशहर में रोजाना लगने वाले सड़क जाम से आजाद होने की इच्छा व समस्या के समाधान की छटपटाहट स्थानीय लोगों के चेहरे पर स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है. दूसरी तरफ समस्या का समाधान करने के बजाय जनप्रतिनिधियों के पास […]
महाजाम से मुक्ति को तड़प रही जनताप्रभात अभियानबिहार सरकार दे राज्यांश, होगा कल्याणप्रतिनिधि, सहरसा नगरशहर में रोजाना लगने वाले सड़क जाम से आजाद होने की इच्छा व समस्या के समाधान की छटपटाहट स्थानीय लोगों के चेहरे पर स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है. दूसरी तरफ समस्या का समाधान करने के बजाय जनप्रतिनिधियों के पास संघर्ष करने का माद्दा समाप्त हो चुका है. सत्ता पक्ष व विपक्ष के लोग श्रेय लेने की होड़ में विकास को बाधित कर जनता से कन्नी काट रहे हैं. हालांकि प्रभात अभियान को मिल रहा व्यापक समर्थन इस बात का परिचायक है कि आम जनता स्वयं आंदोलन का नेतृत्व भी करना चाहती है. सांसद शरद यादव से स्थानीय लोगों को काफी उम्मीद थी. लेकिन उनकी चुनावी हार ने ओवरब्रिज निर्माण प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया है. बीते दिनों सहरसा पहुंचे रेलवे के डीआरएम ने कहा कि रेलवे की प्रक्रिया पूरी हो गयी है. राज्य सरकार के राज्यांश देने के बाद कार्य शुरू होगा. ओवरब्रिज की मांग को लेकर घर-घर से निकलने वाली आवाज आंदोलन बन गयी है, घरों में रहने वाली महिलाएं हो या स्कूली बच्चे, फोन लाइन पर अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं. महाजाम से त्रस्त है जनता सोना साह कहते हैं कि बंगाली बाजार में निर्माण शुरू करना होगा. दीपक कहते हैं कि बंगाली बाजार ओवरब्रिज आत्मसम्मान की बात बन गयी है. आम जनों को सड़क पर निकल लड़ाई लड़नी होगी. अनवर कहते हैं कि ओवरब्रिज का कोई विकल्प नहीं है, शहर को महाजाम से मुक्ति दिलाने के लिये शीघ्र निर्माण शुरू हो. प्रणव प्रताप कहते है कि ओवरब्रिज महाजाम से मुक्ति की चाभी है, जनप्रतिनिधियों को पहल करनी होगी. रोहित कहते हैं कि ओवरब्रिज के बिना सड़क जाम से मुक्ति नहीं मिलेगी, हमलोग जनप्रतिनिधियों से दुखी हैं. शंकर कहते हैं कि बंगाली बाजार ढाला पर लगे दुकानों के अलावा ओवरब्रिज निर्माण में बाधक बनने वाली रुकावट को समाप्त करे. ओम कहते हैं कि नेताओं से शहर का भला नहीं होने वाला है, जनता को आंदोलन कर जीत हासिल करनी होगी. रजी कहते हैं कि ओवरब्रिज का कोई अन्य विकल्प नहीं है, सभी को इस में सहयोग करना चाहिए. प्रदीप कहते हैं कि सड़क जाम महाजाम में बदल गया है, जो कम होने के बजाय बढ़ती ही जा रही है. राजू कहते हैं कि ओवरब्रिज सहरसा की ही नहीं, पूरे प्रमंडल की प्रमुख समस्या है. रोशन कहते हैं कि सड़क दुर्घटना की प्रमुख वजह ओवरब्रिज का नहीं बनना है, वाहनों को एनएच से निकलने में परेशानी नहीं होगी. सुनिए सरकारप्रभात खबर द्वारा शहर में ओवरब्रिज की मांग को लेकर आप पाठकों के सहयोग से बीते चार वर्षों में कई निर्णायक लड़ाई लड़ी गयी है. जिसका परिणाम है कि अब निर्माण का अड़ंगा समाप्त होने लगा है. अब जरूरत है हम, आप व राज्य सरकार के सजग होने की. सड़क जाम से जुड़े अनुभव व तसवीर हमसे साझा करें. फोन व व्हाट्सएप: 94318-07274 फोटो – जाम 10 – यह तसवीर दोपहर दो बजे गंगजला चौक की है जिसे हमारे पाठक व जाम में फंसे शैलेंद्र शेखर ने भेजी है. (पेज 3 पर लीड लगना है)
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