नाले के दुर्गंध के बीच रहते हैं हमारे जनप्रतिनिधि

Published at :14 Dec 2015 6:41 PM (IST)
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नाले के दुर्गंध के बीच रहते हैं हमारे जनप्रतिनिधि

नाले के दुर्गंध के बीच रहते हैं हमारे जनप्रतिनिधिजहां जल निकासी होनी है, वहां भी हालत बदतरनगर परिषद के उपसभापति के वार्ड नंबर 27 में भी नहीं होती सफाईमिट्टी, कूड़े व कचरों से पटा है मुहल्ले का नालाप्रतिनिधि, सहरसा मुख्यालयकहते हैं जब तक अपना घर सुव्यवस्थित न हो. तब तक दूसरों के घर में झांकना […]

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नाले के दुर्गंध के बीच रहते हैं हमारे जनप्रतिनिधिजहां जल निकासी होनी है, वहां भी हालत बदतरनगर परिषद के उपसभापति के वार्ड नंबर 27 में भी नहीं होती सफाईमिट्टी, कूड़े व कचरों से पटा है मुहल्ले का नालाप्रतिनिधि, सहरसा मुख्यालयकहते हैं जब तक अपना घर सुव्यवस्थित न हो. तब तक दूसरों के घर में झांकना नहीं चाहिए और न ही दूसरों के घर की कु व्यवस्था पर टीका-टिप्पणी करनी चाहिए. अंगुली दिखाना बहुत आसान होता है. लेकिन इस बात का भी ख्याल रखना चाहिए कि उस समय चार अंगुलियां अपनी तरफ भी होती हैं. दूसरों पर छींटाकशी, योजनाओं के दोष बताना, चर्चा में बने रहना. जनप्रतिनिधियों के लिए यह सब आसान होता है. लेकिन जब तक क्षेत्र की जनता को उनकी राजनीति से फायदा न हो, तब तक उनका जनप्रतिनिधि होना सफल नहीं होता. शहर के नाले हमारे जनप्रतिनिधियों को उनके काम का आईना दिखाते हैं. गंदे लाले से है पहचानशहरी क्षेत्र के वार्ड नंबर 27 की पहचान गंदे नालों से ही होती है. जबकि इस वार्ड के जनप्रतिनिधि व नगर परिषद चाहें, तो व्यवस्था दुरुस्त हो सकती है. इस वार्ड का बड़ा हिस्सा रेलवे के उन क्षेत्रों से सटा हुआ है, जहां शहर के अन्य क्षेत्रों के नालों की निकासी खुलती है. आश्चर्य यह है कि नालों की सफाई नहीं होने के कारण यहां वार्ड पार्षद के घर से सटे लोगों के घरों में नाले का पानी जा रहा है. थोड़ा आगे बढ़ने पर कूड़े-कचरे से पटी संकीर्ण नालियां दिख जाती हैं. जहां मुश्किल से पानी आगे की ओर सरकता है. दस से बीस कदम आगे जाने पर नाले की असली दुर्दशा दिखती है. नाले का पानी और कीचड़ आसपास फैलकर दुर्गंध फैलाते हैं. इसी सड़क में आगे से पूरब मीमांसा स्कूल की ओर जाने वाली सड़क की दशा भी अत्यंत दयनीय है. आधी सड़क तक कचरा व नाले का गंदा पानी फैला हुआ है. यहां रात ही नहीं, दिन में लोग नाले में फंस कर गिरते रहते हैं. मुहल्ले के लोग कहते हैं कि नगर परिषद का स्वीपर आता है. लेकिन खास-खास घरों के आगे से गुजर रही नालियों की ही सफाई करता है. सार्वजनिक नालों की सफाई में उसकी कोई दिलचस्पी नहीं होती है. फोटो-नाला 1- पार्षद के घर के करीब सीढ़ी के से बहता नाले का पानीफोटो- नाला 2- पूर्व विधायक के घर के आगे के नाले की दशाफोटो- नाला 3- बगीचा के सामने के नाले की दुर्दशाफोटो- नाला 4-मीमांसा स्कूल जाने वाली सड़क पर फैला है नाले का पानी

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