दीपावली: दीपों से सजेगा घर, लगेगा लड्डू का भोग

दीपावली: दीपों से सजेगा घर, लगेगा लड्डू का भोग दीपों का त्योहार दीपावली आजबाजार में लोगों ने की पूजन सामग्री की खरीदारीकुमार आशीष, सहरसा नगरबुधवार को दीपावली पूरे जिले में श्रद्धा व हर्षोल्लास मनायी जायेगी. दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा के मद्देनजर लोगों ने पूजन सामग्री की खरीदारी भी मंगलवार को ही पूरी कर ली […]
दीपावली: दीपों से सजेगा घर, लगेगा लड्डू का भोग दीपों का त्योहार दीपावली आजबाजार में लोगों ने की पूजन सामग्री की खरीदारीकुमार आशीष, सहरसा नगरबुधवार को दीपावली पूरे जिले में श्रद्धा व हर्षोल्लास मनायी जायेगी. दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा के मद्देनजर लोगों ने पूजन सामग्री की खरीदारी भी मंगलवार को ही पूरी कर ली है. लोग मिठाई व फलों के अलावा फुटपाथ पर बिक रही डिबरी, दीया, हुक्का-पाती की खरीदारी की. धनतेरस के दूसरे दिन भी बाजार में लोगों की भीड़ की वजह से सड़क जाम से राहगीरों को दो चार होना पड़ा. बाजार में ग्राहकों की भीड़ व उत्साह को देख दुकानदारों के भी चेहरे खिले हुए थे. आतिशबाजी का गुलजार रहा बाजारदीपावली को लेकर बाजार में आतिशबाजी की बिक्री भी चरम पर है. बच्चे तरह-तरह की आवाज व रोशनी वाले पटाखों की ओर आकर्षित होते रहे. शहर के डीबी रोड, शंकर चौक, महावीर चौक पर पटाखों की दर्जनों दुकानें सज गयी हैं. दुकानदार सरदार रोमी सिंह ने बताया कि लोग अनार, रॉकेट व घिरनी की मांग ज्यादा है. आवाज वाले पटाखों की डिमांड पूर्व की अपेक्षा कम है. मालूम हो कि पटाखा विक्रेताओं द्वारा भी आतिशबाजी की बिक्री में कम आवाज वाले पटाखों को ही प्राथमिकता दी जा रही है. लड्डू से लगेगा भोगदीपावली के मौके पर भगवान लक्ष्मी-गणेश की पूजा करने की परंपरा रही है. भगवान को इस मौके पर लोग लड्डू का ही भोग लगाते हैं. इस वजह से बाजार में सिर्फ शहरी क्षेत्र के दुकानदारों के पास 90 टन लड्डू की अग्रिम बुकिंग हो चुकी है. इसके अलावा अन्य मिठाइयों की भी बुकिंग की गयी है. डीबी रोड स्थित मिठाई की दुकान आलोक पनीर कार्नर के प्रबंधक बिनोद कुमार ने बताया कि मंगलवार से ही मिठाई की डिलिवरी दी जाने लगी है. मालूम हो कि दीपावली के मौके पर शहर के कुछ मिठाई विक्रेताओं द्वारा पटना सिटी निर्मित नकली खोये से भी मिठाई बनायी गयी है. इसको देखते लोग छेना व बेसन से बनी मिठाईयों की तरफ या फिर डिब्बा बंद मिठाइयों की ओर आकर्षित हो रहे हैं. इसके अलावा कुछ लोगों ने घर पर ही मिठाई बनवाना भी शुरू कर दिया है. गिफ्ट में मोबाइल का चलनदीपों के पर्व को खास बनाने के लिए महानगरों की तर्ज पर सहरसा जैसे शहरों में भी गिफ्ट आदान-प्रदान करने का चलन बढ़ गया है. जिसमें खास कर बैकिंग सेक्टर, फार्मा कंपनी के लोग ज्यादा दिलचस्पी ले रहे हैं. डीबी रोड स्थित माइक्रोसॉफ्ट डीलर विवेक विशाल कहते हैं कि गिफ्ट में लोग मोबाइल की डिमांड कर रहे हैं. खास बात यह है कि उपहार के रूप में स्मार्ट फोन की कीमत मायने नहीं रख रही है. मिट्टी के दीपक व मोमबतीदीपावली का पर्व हिंदू संस्कृति की सनातन परंपरा का प्रतीक है. इसमें मिट्टी का दीपक अब भी आस्था से जुड़े हैं. चाईनीज लाइट की भीड़ व प्रचलन के बीच भी लोग मिट्टी के दीपक की खरीदारी कर रहे हैं. लोग बताते हैं कि मिट्टी का दीपक शुद्धता का प्रतीक है. बाजार में स्थानीय व दूसरे जिले से आयी मोमबती भी खूब बिक रही है. विभिन्न आकार में मोमबती को विक्रेताओं द्वारा कई रंगों में उतारा गया है. इसकी कीमत महंगाई बढ़ने के बावजूद स्थिर है. बही खाता का श्रीगणेशदीपावली पर भी व्यवसायी वर्ग द्वारा अपने लेन देन से संबंधित खाता-बही को बदला जाता है. इस दिन पूजा के बाद नये खाते का शुभारंभ किया जाता रहा है. महावीर चौक पर मो नौशाद प्रत्येक वर्ष बही-खाता की दुकान सजते हैं. जिस पर व्यवसायी अपने व्यवसाय का संचालन करते हैं. नौशाद बताता है कि बही खाता की दर 40 रुपये से लेकर 12 सौ रुपये तक ही है. 61 सौ की भी है मूर्तिबाजार में लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति भी खूब बिक रही है. लोग जरूरत के हिसाब से साइज देखकर खरीदारी कर रहे हैं. शंकर चौक के मूर्ति विक्रेता रामशंकर बताते हैं कि 20 रुपये से लेकर 61 सौ रुपये तक की मूर्ति लोग पसंद कर रहे हैं. उन्होनें बताया कि चुनार, आगरा, जयपुर के अलावा बनारस की मूर्ति लोग खरीद रहे हैं. एक रुपये में दीप की रोशनी महंगाई डायन का असर लोगों की जरूरत की अन्य चीजों पर अवश्य पड़ा है. लेकिन कुम्हारों द्वारा निर्मित मिट्टी के दीपक महंगाई से कोसों दूर है. शंकर चौक पर मिट्टी से बने दीप व डिबरी की कई दुकानें सज गयी हैं. दुकानदार शंभु पंडित ने बताया कि दीपक साठ रुपया सैकड़ा, बड़ा दीया 8 रुपये व डिबरी दो रुपये पीस की दर से उपलब्ध है. बतासा व लावा की है मांगदीपावली पर लक्ष्मी गणेश की पूजा करने के लिए लोग बतासा व धान से बने लाबा की भी खरीद कर रहे थे. शहर के मिठाई दुकानों के अलावा रेहरी पर भी बतासा खूब बिक रही थी. दुकानदार राजन साव ने बताया कि बतासा की बिक्री सुबह से ही हो रही है. लक्ष्मी घर, दरिद्र बाहरदीपावली के मौके पर अपने इष्ट देवता का पूजन करने के बाद सदियों से हुक्कापाती जलाने की परंपरा मिथिला क्षेत्र में अब भी कायम है. लोगों द्वारा लक्ष्मी पूजन के बाद फूस व संठी से बनी हुक्का-पाती जला लक्ष्मी घर, दरिद्र बाहर का उच्चारण करते हैं. विभाग का दावा, मिलेगी बिजलीस्थानीय बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता ने दीपावली के मौके पर पर्याप्त बिजली आपूर्ति किये जाने का दावा किया है. उन्होंने ने बताया कि विभाग दीपावली को लेकर पूरी तरह तैयार है. उन्होंने बताया कि बिजली लाइन में फॉल्ट आने पर उपभोक्ता 06478-222364 पर संपर्क कर सकते हैं. आग से बचाव की तैयारीपटाखा व दीप से लगने वाली आग से बचाव के लिए घर के बड़े लोग जागरूक रहें. अतिशबाजी करते वक्त बच्चों के साथ रहे. तेज आवाज वाला पटाखा दूर से ही जलायें. इसके अलावा अनार को जमीन पर रख कर ही जलायें. हाथ में लेकर करतब दिखाना खतरनाक हो सकता है. इसके अलावा घर के निश्चित जगह पर बालू व बाल्टी में पानी व बरनॉल अवश्य रखें. इसके अलावा घरों में आग की चिंगारी से फैलने वाली आग को रोकने के लिए अग्निशामक विभाग को 06478- 223310 पर फोन कर सकते हैं. ऐसे सजाएं मां लक्ष्मी की चौकीकृष्णा नगर के पंडित विभाष चंद्र झा बताते है कि दीपावली के दिन पूजा के लिए मां लक्ष्मी किस प्रकार स्थापित करना है यह ध्यान रखने वाली बात है. मां लक्ष्मी की चौकी विधि-विधान से सजाई जानी चाहिए. चौकी पर लक्ष्मी व गणेश की मूर्तियां इस प्रकार रखें कि उनका मुख पूर्व या पश्चिम में रहे. लक्ष्मीजी, गणेशजी के दाहिनी ओर स्थापित करें. कलश को लक्ष्मीजी के पास चावल पर रखें. नारियल को लाल वस्त्र में इस प्रकार लपेटें कि नारियल का आगे का भाग दिखाई दे और इसे कलश पर रखें. यह कलश वरुणदेव का प्रतीक है. अब दो बड़े दीपक रखें. एक घी व दूसरे में तेल का दीपक लगाएं. एक दीपक चौकी के दाहिनी ओर रखें एवं दूसरा मूर्तियों के चरणों में. इसके अतिरिक्त एक दीपक गणेशजी के पास रखें. ऐसे सजाएं पूजा की थालीपूजा की थाली के संबंध में शास्त्रों में उल्लेख किया गया है कि लक्ष्मी पूजन में तीन थालियां सजानी चाहिए. पहली थाली में 11 दीपक समान दूरी पर रखें कर सजाएं. दूसरी थाली में पूजन सामग्री इस क्रम से सजाएं- सबसे पहले धानी (खील), बताशे, मिठाई, वस्त्र, आभूषण, चंदन का लेप, सिंदूर कुंकुम, सुपारी और थाली के बीच में पान रखें. तीसरी थाली में इस क्रम में सामग्री सजाएं- सबसे पहले फूल, दूर्वा, चावल, लौंग, इलाइची, केसर-कपूर, सुगंधित पदार्थ, धूप, अगरबत्ती, एक दीपक रहे. विधि से करें लक्ष्मी-गणेश का पूजन दीपावली पूजन के लिए किसी चौकी अथवा कपड़े के पवित्र आसन पर गणेशजी के दाहिने भाग में माता महालक्ष्मी की मूर्ति को स्थापित करें. पूजन के दिन घर को स्वच्छ कर पूजा-स्थान को भी पवित्र कर लें एवं स्वयं भी पवित्र होकर श्रद्धा-भक्तिपूर्वक सायंकाल महालक्ष्मी व भगवान श्रीगणेश का पूजन करें. पंडित श्री झा बताते है कि श्रीमहालक्ष्मीजी की मूर्ति के पास ही पवित्र पात्र में केसरयुक्त चंदन से अष्टदल कमल बनाकर उस पर कुछ रुपए रखें तथा एक साथ ही दोनों की पूजा करें. सबसे पहले पूर्व या उत्तर की मुंह करके आचमन, पवित्री धारण, मार्जन-प्राणायाम कर अपने ऊपर तथा पूजा-सामग्री पर निम्न मंत्र पढ़कर जल छिड़कें.पूजन मंत्र इस प्रकार हैऊं अपवित्र: पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोपि वा।य: स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तर: शुचि:।।उसके बाद जल-अक्षत लेकर पूजन का संकल्प करें-संकल्प- ऊं विष्णुर्विष्णुर्विष्णु: अद्य मासोत्तमे मासे कार्तिकमासे कृष्णपक्षे पुण्यायाममावास्यायां तिथौ वासरे (वार का उच्चारण करें) गोत्रोत्पन्न: (गोत्र का उच्चारण करें)/ गुप्तोहंश्रुतिस्मृतिपुराणोक्तफलावाप्तिकामनया ज्ञाताज्ञातकायिकवाचिकमानसिक सकलपापनिवृत्तिपूर्वकं स्थिरलक्ष्मीप्राप्तये श्रीमहालक्ष्मीप्रीत्यथंर् महालक्ष्मीपूजनं कुबेरादीनां च पूजनं करिष्ये. तदड्त्वेन गौरीगणपत्यादिपूजनं च करिष्ये.-ऐसा कहकर संकल्प का जल छोड़ दें। पूजन से पूर्व नई प्रतिमा की निम्न रीति से प्राण-प्रतिष्ठा करें-प्रतिष्ठा- बाएं हाथ में चावल लेकर निम्नलिखित मंत्रों को पढ़ते हुए दाहिने हाथ से उन चावलों को प्रतिमा पर छोड़ते जाएं-ऊं मनो जूतिर्जुषतामाज्यस्य बृहस्पतिर्यज्ञमिमं तनोत्वरिष्टं यज्ञ समिमं दधातु. विश्वे देवास इह मादयन्तामोम्प्रतिष्ठ।।ऊं अस्यै प्राणा: प्रतिष्ठन्तु अस्यै प्राणा: क्षरन्तु च.अस्यै देवत्वमचार्यै मामहेति च कश्चन।।सर्वप्रथम भगवान गणेश का पूजन करें. इसके बाद कलश पूजन तथा षोडशमातृ का (सोलह देवियों का) पूजन करें. तत्पश्चात प्रधान पूजा में मंत्रों द्वारा भगवती महालक्ष्मी का षोडशोपचार पूजन करें.ऊं महालक्ष्म्यै नम:- इस नाम मंत्र से भी उपचारों द्वारा पूजा की जा सकती है.प्रार्थना- विधिपूर्वक श्रीमहालक्ष्मी का पूजन करने के बाद हाथ जोड़कर प्रार्थना करें-सुरासुरेंद्रादिकिरीटमौक्तिकै-र्युक्तं सदा यक्तव पादपकंजम्।परावरं पातु वरं सुमंगल नमामि भक्त्याखिलकामसिद्धये।।भवानि त्वं महालक्ष्मी: सर्वकामप्रदायिनी।।सुपूजिता प्रसन्ना स्यान्महालक्ष्मि नमोस्तु ते।।नमस्ते सर्वदेवानां वरदासि हरिप्रिये।या गतिस्त्वत्प्रपन्नानां सा मे भूयात् त्वदर्चनात्।।ऊं महालक्ष्म्यै नम:, प्रार्थनापूर्वकं समस्कारान् समर्पयामि। प्रार्थना करते हुए नमस्कार करें.समर्पण- पूजन के अंत में कृतोनानेन पूजनेन भगवती महालक्ष्मीदेवी प्रीयताम्न मम.फोटो-दिवाली 1- डीबी रोड में बिजली झालड़ खरीदते लोगफोटो-दिवाली 2- सजावट के लिए पोस्टर पसंद करते ग्राहकफोटो- दिवाली 3- शंकर चौक पर माला-झाल्र बेचता हॉकरफोटो- दिवाली 4- ठाकुरबाड़ी परिसर में लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति से सजा काउंटरफोटो- दिवाली 5 व 6- शंकर चौक पर मिट्टी क ा दीप खरीदती महिलाफोटो- दिवाली 7-ठाकु रबाड़ी में सजा कलश बेचता युवकफोटो- दिवाली 8- शंकर चौक पर ट्रैफिक कंट्रोल करती महिला पुलिसफोटो- दिवाली 9- मूर्ति सजाने के लिए सामान खरीदती महिलाफोटो- दिवाली 10- दिन भर जाम की चपेट में रहा शहर
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