राज के शब्दों में घर-घर पहुंच गये नीतीशे कुमार

Published at :09 Nov 2015 6:48 PM (IST)
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राज के शब्दों में घर-घर पहुंच गये नीतीशे कुमार

राज के शब्दों में घर-घर पहुंच गये नीतीशे कुमार चुनाव में लोगों के सर चढ़ कर बोला राजशेखर लिखित गीत बिहार में बहार हो नीतीशे कुमार हो…मधेपुरा निवासी हैं गीतकार राजशेखरप्रशांत किशोर ने दी थी गीत लिखने की जिम्मेवारीकुमार आशीष, सहरसा नगरबिहार में बहार हो… नीतीशे कुमार हो…यह वही गीत है जिसके बूते मुख्यमंत्री नीतीश […]

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राज के शब्दों में घर-घर पहुंच गये नीतीशे कुमार चुनाव में लोगों के सर चढ़ कर बोला राजशेखर लिखित गीत बिहार में बहार हो नीतीशे कुमार हो…मधेपुरा निवासी हैं गीतकार राजशेखरप्रशांत किशोर ने दी थी गीत लिखने की जिम्मेवारीकुमार आशीष, सहरसा नगरबिहार में बहार हो… नीतीशे कुमार हो…यह वही गीत है जिसके बूते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी सूबे के घर-घर में हुई है. मतगणना के बाद नीतीश के पक्ष में आये चुनाव परिणाम के बाद प्रचार अभियान में लोकप्रिय हो चुके चुनावी गीत के गीतकार राजशेखर भी लोगों की जुबां पर छाये हुए है. इन सबों के बीच चुनाव प्रचार में युवाओं के सर चढ़ कर बोल रहे राजशेखर के बोल ने मधेपुरा जिला व उनके गांव को चर्चा में ला दिया है. बेटे की सफलता से पिता चंद्रशेखर आजाद व माता साधना देवी प्रफुल्लित है. राजशेखर भी बताते हैं कि शहर की अपेक्षा गांव ने काफी विकास किया है. जहां पहले बिजली की कमी थी, वहां लोग इंटरनेट का बखूबी प्रयोग कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि गीत लेखन के दौरान ठेठ देसी अंदाज व बिहारी अस्मिता को ध्यान में रखा गया था. खूब बजा राजशेखर का गीतमधेपुरा जिला के भेलवा गांव निवासी राजशेखर हिंदी सिनेमा तनु वेड्स मनु के लिए गीत लिखने के बाद काफी चर्चा में आये थे. जिसके बाद राज को बिहार चुनाव में नीतीश कुमार के चुनावी कैंपेन के उनके चुनाव प्रबंधक प्रशांत किशोर की टीम ने राज को गीत व नारे लिखने का ऑफर दिया था. इसके बाद राज लिखित गीत पहली बार में ही सीएम सहित प्रचार टीम को पसंद आ गयी. राज बताते हैं कि गीत को संगीत गैंग ऑफ वासेपुर फेम स्नेहा ने दिया था. राज द्वारा लिखे गये नारे जदयू-राजद की सभाओं के अलावा स्टीकर के रूप में घरों में गूंजने लगे. इसके अलावा प्रचार गाड़ियों में राज के गीत खूब बजाये गये. गीत के माध्यम से राज ने सीएम के विकास व व्यक्तित्व को लोगों के सामने रखा. मधेपुरा टू मुंबई का सफरकिसान परिवार में जन्मे राजशेखर की कामयाबी काफी इंटरेस्टिंग है. मधेपुरा से मुम्बई तक पहुंच अपनी कविता व नज्मों की धाक जमाने में राज को काफी मेहनत करनी पड़ी. सर्वप्रथम पिता की इच्छानुसार इंजीनियरिंग की तैयारी करने के दौरान ही राज को नाटक करने का जोरदार चस्का लग गया. इसके बाद राज ने दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज से हिंदी साहित्य में बीए व एमए की पढ़ाई पूरी की. परिवार की जरुरत व रोजी रोटी की अवश्यकता ने इस युवक को पत्रकारिता की तरफ मोड़ दिया. जिसके बाद राज ने एनडीटीवी के लिए न्यूज राइटिंग का काम किया. लेकिन संवेदनशील व सृजनशील राज को मुम्बई आकर्षित कर रही थी. डायरेक्शन व गीत बनी मंजिलदिल्ली से मुम्बई पहुंचने के बाद राजशेखर ने देश के चर्चित निर्देशकों के साथ फिल्मों के निर्देशन में बतौर सहायक काम किया. जिसके बाद तनु वेड्स मनु में गीत लिखने का ऑफर मिला था. फोटो- राज 1- गीतकार राजशेखर

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