बीपीएल में नहीं था नाम, अफजल और संजार के परिजनों को नहीं मिला पारिवारिक योजना का लाभ
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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सहरसा : यह कैसी विडंबना है कि दिल्ली के अवैध व बाहर से बंद जैकेट की फैक्ट्री में आग लगने से झुलस कर नरियार के सात लोगों की मौत हो गयी. दिल्ली और सहरसा जिला प्रशासन ने मौत की पुष्टि भी कर दी. लेकिन जब मृतकों के उन परिजनों को योजना का लाभ देनी की […]
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सहरसा : यह कैसी विडंबना है कि दिल्ली के अवैध व बाहर से बंद जैकेट की फैक्ट्री में आग लगने से झुलस कर नरियार के सात लोगों की मौत हो गयी. दिल्ली और सहरसा जिला प्रशासन ने मौत की पुष्टि भी कर दी. लेकिन जब मृतकों के उन परिजनों को योजना का लाभ देनी की बारी आयी तो बीपीएल में नाम ढ़ूंढ़ा जाने लगा. बुधवार को मृतकों का शव आने के बाद जिला प्रशासन के प्रतिनिधि बन बीडीओ रचना भारतीय, सीओ कुमारी तौसी व प्रखंड प्रमुख रचना प्रकाश पहुंची.
तीनों प्रतिनिधि ने मृतक फरीद, रशीद, फैसल, ग्यासुद्दीन व संजीम के आश्रित परिजनों को पारिवारिक योजना के लाभ के तहत 20-20 हजार रुपये का चेक दिया. लेकिन उसी घटना में उनके साथ ही जान गंवाने वाले इसी गांव के मो अफजल और मो संजार के परिजनों को कोई राशि नहीं दी. पूछने पर अधिकारियों ने बताया कि इन दोनों का नाम गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल) की सूची में नहीं है.
इसीलिए इन्हें योजना का लाभ नहीं दिया जा सकता. लेकिन अफजल और संजार के टूटे-फूटे घर को देखने के बाद बीडीओ रचना भारतीय ने अपने अधीनस्थ कर्मियों को इन दोनों का नाम यथाशीघ्र बीपीएल सूची में दर्ज कराने का आदेश दिया. बीडीओ भारतीय ने कहा कि सूची में नाम दर्ज होते ही इन दोनों मृतकों के परिजनों को भी योजना का लाभ दिया जायेगा.
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