जाने क्यों, श्राद्ध का भोज खाने से गांव वालों ने कर दिया इंकार

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 21 Aug 2018 7:21 PM

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सहरसा : जिले के संतपुर गांव का मंगलवार को सीएस डॉ शैलेंद्र कुमार ने निरीक्षण किया. सीएस ने मृतकों के परिजनों से पूछताछ की और लगातार हो रही मौत के कारणों की गहन छानबीन की. ग्रामीणों की मांग पर सीएस ने एक सप्ताह तक 24 घंटे मेडिकल टीम और एंबुलेंस की व्यवस्था रहने देने की […]

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सहरसा : जिले के संतपुर गांव का मंगलवार को सीएस डॉ शैलेंद्र कुमार ने निरीक्षण किया. सीएस ने मृतकों के परिजनों से पूछताछ की और लगातार हो रही मौत के कारणों की गहन छानबीन की. ग्रामीणों की मांग पर सीएस ने एक सप्ताह तक 24 घंटे मेडिकल टीम और एंबुलेंस की व्यवस्था रहने देने की बात कही. इस मामले में सीएस ने बताया कि मौत विभिन्न कारणों से हुई है. लेकिन, लगातार हो रही है. गांव में डीडीटी का छिड़काव कराया जायेगा और बीमारी के कारण का पता लगाने में टीम जुटी हुई है. मालूम हो कि एक के श्राद्ध कर्म के दिन ही दूसरे की मौत हो जाती है. मंगलवार को मृतक मनीष कुमार सौरभ का नख-बाल है. ग्रामीणों ने मृतक का भोज खाने से इंकार कर दिया है. इस कारण अब मृतक के पिता मुक्ति यादव सत्संग और भंडारे की व्यवस्था कर रहे हैं.

सोमवार की रात 18 वर्षीय मन्नू कुमार को अचानक उल्टी होने लगी और चक्कर आने लगा. परिवार के सदस्यों ने उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया. लेकिन, वहां संतोषप्रद इलाज नहीं होने के कारण निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है. जहां मन्नू का इलाज चल रहा है. संतपुर में लगातार मौत की खबर ने ग्रामीणों में ऐसा खौफ पैदा कर दिया है कि कई लोग बीमार पड़ गये हैं. जिनका विभिन्न जगह इलाज चल रहा है. पूर्व मुखिया अरविंद यादव ने बताया कि मनीष की मौत के दिन ही सुनील कुमार को लकवा मार गया है. वहीं रंजू देवी, सदानंद यादव, बद्री यादव, विद्यानंद भगत की पत्नी, जयप्रकाश भारती की पत्नी, राजेश की पत्नी एवं माता, पूजा कुमारी आदि का इलाज सहरसा निजी क्लिनिक में कराया जा रहा है.

पूर्व मंत्री ने मृतक के परिजनों को दी सांत्वना
महिषी विधायक सह बिहार सरकार के पूर्व अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री डॉ अब्दुल गफूर मंगलवार को संतपुर गांव पहुंचे. जहां उन्होंने मृतक के परिजनों को सांत्वना दी. स्थानीय ग्रामीणों ने पूर्व मंत्री को बताया कि इस गांव में तीन माह के दौरान 18 लोगों की आकस्मिक मौत हो चुकी है. एक के श्राद्ध कर्म होते ही दूसरे की मौत हो जाती है. इस कारण लोगों में भय का माहौल उत्पन्न हो गया है. इस भय के कारण कई लोग अचानक बीमार हो रहे हैं. कई लोग गांव से पलायन करने लगे हैं. ग्रामीणों ने इस आपदा को रोकने का उपाय करने, मौत के कारण का पता लगाने और मृतक के परिजनों को मुआवजा दिलाने की मांग रखी. ग्रामीणों की बात पर पूर्व मंत्री ने कहा कि मैं इस मामले को लेकर जिलाधिकारी से बात करूंगा और निश्चित रूप से जरूरी सहायता मुहैया करायी जायेगी. पूर्व मंत्री के साथ राजद नेता बिजेंद्र यादव, भूपेंद्र यादव, सुकुमार यादव, मनोज यादव, अरविंद यादव सहित अन्य मौजूद थे.

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