सहरसा : शौचालय टैंक की सफाई के दौरान दम घुटने से चार की मौत, अंदर घुसे थे पांच मजदूर

Updated at : 02 Jul 2018 5:18 AM (IST)
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सहरसा : शौचालय टैंक की सफाई के दौरान दम घुटने से चार की मौत, अंदर घुसे थे पांच मजदूर

सोनवर्षाराज (सहरसा) : बाजार स्थित हटिया रोड में रविवार की सुबह एक मकान के अंदर बने शौचालय के टैंक का सेटरिंग खोलने के दौरान अंदर घुसे चार मजदूरों की मौत दम घुटने से हो गयी, जबकि पांचवें मजदूर को नाजुक स्थिति में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. सोनबरसा बाजार स्थित हटिया रोड निवासी नजराना […]

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सोनवर्षाराज (सहरसा) : बाजार स्थित हटिया रोड में रविवार की सुबह एक मकान के अंदर बने शौचालय के टैंक का सेटरिंग खोलने के दौरान अंदर घुसे चार मजदूरों की मौत दम घुटने से हो गयी, जबकि पांचवें मजदूर को नाजुक स्थिति में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया.
सोनबरसा बाजार स्थित हटिया रोड निवासी नजराना परवीन के घर के अंदर बने शौचालय के टैंक का सेटरिंग खोलने पांच मजदूरों में मनोज विश्वास (35), रूपेश विश्वास (28), मुकेश कुमार (20), सुजीत कुमार (22) व सुशील विश्वास सुबह सात बजे के करीब आये और टैंक में एक-एक कर घुस गये. लगभग 15 मिनटों तक सेटरिंग खोलने की आवाज नहीं आने पर एक अन्य मजदूर द्वारा हल्ला मचाया गया, तो लोगों ने टैंक के अगले भाग का हिस्सा तोड़ने का प्रयास किया. लेकिन, इस प्रयास के असफल होने पर फायरबिग्रेड की गाड़ी व ऑक्सीजन मास्क की व्यवस्था की गयी.
ऑक्सीजन मास्क लगा एक स्थानीय युवक राजा विश्वास ने एक-एक कर पांचों मजदूरों को गहरे टैंक से बाहर निकाला. इसमें सुशील विश्वास को छोड़ अन्य सभी को स्थानीय पीएचसी के चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि सुशील विश्वास को गंभीर स्थिति में समुचित इलाज के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया.
घटना के बाद स्थानीय सीओ व बीडीओ ने अपने-अपने कोष से मृतक के परिजनों को 20-20 हजार व कबीर अंत्येष्टि का 3-3 हजार नकद राशि प्रदान की. सभी मृत मजदूर पिछले कई माह से नजराना परवीन के नव निर्मित मकान में दिहाड़ी पर काम कर रहे थे.
बीते दो माह पूर्व शौचालय टैंक के छत की ढलाई के बाद काम बंद था. रविवार से ही काम प्रारंभ हुआ था, लेकिन टैंक में अंदर जाने के लिए बने रास्ते के लिए बमुश्किल से ढाई से तीन फीट की जगह छोड़ी गयी थी. ढलाई के बाद ही उसे ढक्कन से बंद कर रविवार को ही खोला गया और ढक्कन हटाने के साथ ही सभी मजदूर उसमें एक-एक कर घुसते चले गये.
ऐसा जान पड़ता है कि टैंक का ढक्कन लंबे समय तक के लिए बंद रहने की वजह से उसमें कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा भर गयी होगी व मजदूरों ने ढक्कन हटा कर कुछ देर छोड़ने के बजाय तत्काल टैंक के अंदर घुस कर सेटरिंग खोलना चाहा होगा. ऑक्सीजन के अभाव में दम घुटने से सभी मजदूर तत्काल मौत के मुंह में समाते चले गये.
बता दें कि इससे पहले 27 जून को सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र की सिमरिया पंचायत में भी शौचालय टैंक में दम घुटने से चार मजदूरों की मौत हो गयी थी. बताया गया था कि जहरीली गैस के रिसाव के कारण मजदूरों की मौत हुई थी.
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