मजदूरी देने में भी दिक्कत
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :18 Mar 2016 7:12 AM (IST)
विज्ञापन

असर. बालू निकासी बंद होने का ईंट निर्माण पर प्रभाव बालू निकासी पर रोक का असर कई व्यवसायों पर पड़ रहा है. इसके कारण लोगों की परेशानी भी बढ़ती जा रही है. बालू नहीं मिलने के कारण घर बनाने का काम बंद है. इससे ईंट नहीं बिक रही है. भट्ठा मालिकों का कहना है कि […]
विज्ञापन
असर. बालू निकासी बंद होने का ईंट निर्माण पर प्रभाव
बालू निकासी पर रोक का असर कई व्यवसायों पर पड़ रहा है. इसके कारण लोगों की परेशानी भी बढ़ती जा रही है. बालू नहीं मिलने के कारण घर बनाने का काम बंद है. इससे ईंट नहीं बिक रही है. भट्ठा मालिकों का कहना है कि यही तीन माह उनका बिजनेस सही चलता है. इसी में धंधा बंद है.
बिक्रमगंज : बालू निकासी ठप होने से ईंट व्यवसाय से जुड़े लोगों की स्थिति भी खराब होती जा रही है. साथ ही भवन निर्माण से जुड़े मजदूरों व मिस्त्री के सामने भी भुखमरी की नौबत आ गयी है. हालांकि, चोरी छुपे हो रही बालू ढुलाई से पेट्रोलिंग करने वालों की कमाई बढ़ गयी है.
सोन किनारे जमा बालू से हजारों की कमाई करने की सूचना मिल रही है. जबकि, प्रशासन किसी भी बालू लदे वाहन को पकड़ने के लिए तत्पर है. फिर भी इके-दुक्के बालू लदी गाड़िया सड़को पर दिखती कैसे है. इधर, ईंट व्यवसाय से जुड़े शशि भूषण सिंह कहते हैं कि घर बनाने में मुख्य भूमिका चार सामानों की होती है. ईंट,पत्थर, बालू व सीमेंट की.
इन चार में से दो बालू व पत्थर पर खनन विभाग से रोक है. इस रोक का असर यह है कि जब बालू व पत्थर ही नहीं है, तो ईंट व सीमेंट खरीद कर रखने से क्या फायदा है. उस स्थिती में ईंट भट्टा व्यवसाई के गोदामों पर लाखों की संख्या में ईंट जमा है, जबकि यह तीन महीने ही व्यवसाय का सीजन था. ईंट नहीं बिकने से जो पूंजी उधार ले कर कारोबार में लगाया था उसकी निकासी नहीं हो रही है. इधर मार्च, अप्रैल, मई व जून का महीना ईंट निर्माण व उसे पकाने का होता है. उसमें लगे ईंट मजदूरों को मजदूरी देने का पैसा भी नहीं है.
भट्ठा मालिकों के सामने अपना व्यवसाय बचाने व सीजन का लाभ कमाने की मजबूरी है. यह खुद बचे की अपना कारोबार बचाये.
फीका लग रहा होली का त्योहार: घर निर्माण से जुड़े मिस्त्री, मजदूर व सेंटरिंग मजदूरों के समक्ष भूखे मरने की स्थिति आ गयी है. राज मिस्त्री प्रवेश कुमार, जगदीश चौधरी, भंटु कहते हैं कि एक महीना हो गया घर पर बैठे हुए. कहीं बालू नहीं है, तो कहीं गिट्टी नहीं है.
उस स्थिति में आज एक माह से घर निर्माण कार्य ढप पड़ा है. ठप पड़े काम का असर इतना भयावह है की होली का त्योहार भी फीका-फीका लग रहा है. बच्चे नया कपड़ा खरीदने की जिद कर रहे हैं, पत्नी परिस्थिति देख चुपी साध कुछ भी नहीं बोलती है. अब समझ में नही आता है कि करें तो क्या करें. काम ठप होने से रातों की नींद भी गायब है.
कैसे हो रही बालू की अवैध ढुलाई
बिक्रमगंज अनुमंडल के नासरीगंज प्रखंड व काराकाट प्रखंड के कछवां थाना क्षेत्र में कई बालू घाट हैं. जहां के बालू बिहार ही नहीं उत्तर प्रदेश व दिल्ली तक के घरों में ऊंचे दामों पर बिकते हैं.
महीनों से बालू निकासी ठप है पर घाटों के पास सड़क किनारे जमा कर रखे गए बालू उचें दामों पर बोली लगा बेची जा रही है. नासरीगंज, कछवां से ट्रेक्टरों के ट्रालियों में भर कर रात के अंधेरे में इन जामा बालुओ की बिक्री हो रही है. इस उमीद में रातो को गस्ती करने निकली गस्ती दल के लोग आंख पसारे बालू लदे ट्रेक्टरों को पकड़ते हैं और बंधी बंधाई रकम मिलते ही आगे बढ़ने की हरी झंडी देते हैं. यह कारनामा रोज का है और यही बालू जरूरतमंदों को चरगुना और छह गुना अधिक दामों पर बेचा जाता है.
सरकारी काम भी बंद
सरकारी निर्माण जैसे नाली, गली, भवन आदि का काम भी ठप है. ठप पड़े कामों से उस निर्माण का लागत भी बढ़ रहा है और निर्माण की अवधी भी बढ़ रही है. इससे ठेकेदारों के लिए मुसीबत खड़ा हो गयी है. गरीबों को मिलने वाले पक्के मकान का सपना अभी कुछ दिन और अधूरा ही रहेगा. शौचालय निर्माण भी पूरी तरह ठप है. घुसिया कलां पंचायत स्वच्छता अभियान के लिए निर्मल पंचायत के लिए चयनित हुआ है. अभी तक मात्र 167 शौचालय ही बन पाये हैं. सरकार की योजना सरकारी दाव पेंच की भेट चढ़ दम तोड़ रही है.
फैसला अाने तक करना होगा इंतजार
बालू व गिट्टी पर लगा खनन विभाग का रोक निश्चित ही विकास में बाधा उतपन्न करता है. इदिरा आवास, शौचालय समेत कई समाजोपयोगी काम पूरी तरह ठप पड़े हैं. जब तक सरकार का कोई आदेश नहीं मिलता तब तक खनन कार्य ठप ही रहेगा. मामला कोर्ट में रहने के कारण मुश्किले काफी है. किसी तरह का फैसला आने तक इंतजार ही किया जा सकता है.
अमिनेष परासर, डीएम
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










