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यहां नहीं दिख रहा असर, नियमों की उड़ रहीं धज्जियां

Updated at : 04 Sep 2019 8:35 AM (IST)
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यहां नहीं दिख रहा असर, नियमों की उड़ रहीं धज्जियां

सासाराम सदर : यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए केंद्र सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन किया है. यह संशोधन नियम एक सितंबर से लागू हो चुका है. इस मोटर वाहन अधिनियम में भारी बदलाव कर सरकार ने यातायात नियमों के उल्लंघन करने वालों पर अब पहले से और […]

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सासाराम सदर : यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए केंद्र सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन किया है. यह संशोधन नियम एक सितंबर से लागू हो चुका है. इस मोटर वाहन अधिनियम में भारी बदलाव कर सरकार ने यातायात नियमों के उल्लंघन करने वालों पर अब पहले से और अधिक सख्ती कर दी है.

अब यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले को पहले से कई गुना से भारी रकम चुकानी पड़ सकती है. यह नियम लागू होते देख हरकत में लोग आयेंगे ही, लेकिन साथ ही लोगों को यह भी उम्मीद जगी है कि इस नियम के तहत यातायात व्यवस्था में भी सुधार होगा.
लोगों को उम्मीद लगा रहे हैं कि नियम का उल्लंघन करने पर इतना भारी रकम वसूला जायेगा, तो अब यातायात व्यवस्था भी दुरुस्त हो जायेगी. पर ऐसा कुछ दिख नहीं रहा है. यह नियम तो लागू हो चुका है. लेकिन, इस नियम का शहर में कैसे पालन होगा? ये तो वक्त ही बतायेगा.
क्योंकि, शहर में यातायात व्यवस्था सुधरी नहीं, और प्रशासन कह रहा है कि नियमों का पालन हो रहा है. प्रशासन यातायात व ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने का लाख दावे करें, पर इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही है. अर्थात मोटर वाहन अधिनियम में भारी बदलाव व लागू होने के बावजूद शहर में इसका कोई असर नहीं दिख रहा है. अभी भी यातायात के नियमों का धज्जियां उड़ायी जा रही है.
प्रशासन के सामने से ही बिना हेलमेट के बाइक सवार गुजर रहे हैं. चारपहिया वाहनों, बिना सीट बेल्ट बांधे ही ड्राइव कर रहे रहे हैं और प्रशासन कह रहा है कि हम इस नियम को लेकर अलर्ट व सक्रिय हैं. अभी भी शहर के ट्रैफिक व्यवस्था बदहाल है. हर तरफ यही बदहाली पसरी है. इसके कारण शहर के लोग जाम से कराह उठ रहे हैं. जबकि यह जाम अधिकांश नियमों का उल्लंघन से ही रहता है.
प्रशासन के सामने ही बाइक सवार का रॉग साइड में प्रवेश, नो इंट्री के बावजूद बड़े वाहनों का परिचालन, सड़क पर ही बस व टेंपो स्टैंड के अवैध संचालन कर यात्रियों को उतारना व चढ़ाना, अव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था के साथ-साथ वाहन चालकों द्वारा ट्रैफिक रूल्स को नहीं मानने की मानसिकता होती रहती है, जो नियमों का विरुद्ध है और प्रशासन कह रहा है कि नियमों का पालन हो रहा है.
पोस्टऑफिस चौक पर हर घंटे लगता है जाम
शहर के मुख्य पोस्टऑफिस चौक पर अव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने के कारण यहां पर घंटे दो घंटे के अंतराल पर जाम लगा रहता है.
मानों तय रहता है कि शहर की कमोवेश सभी सड़कों पर घंटे-दो घंटे के अंतराल पर जाम रहेगा. मगर, ऑफिस के वक्त का समय सुबह 10 बजे, फिर स्कूलों के छुट्टी के समय दोपहर में शहर के अधिकतर चौक-चौराहे पर जाम लग जाते है. इसका मुख्य कारण नियम का उल्लंघन कर वाहन परिचालन करना होता है.
एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड को रास्ता नहीं देने पर 10 हजार जुर्माना
इस नये नियम के तहत यदि इमरजेंसी वाहनों जैसे एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड वाहन को रास्ता नहीं देने पर 10 हजार रुपये जुर्माना का प्रावधान किया गया है. यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित धारा के उल्लंघन करने पर संबंधित धारा के अनुसार जुर्माना वसूली किया जायेगा.
ऐसे में जहां शहर में जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है, वहां पर तो एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड की गाड़ी को जाम में फंसना लाजमी है. ऐसे में जुर्माना देने का दोषी व जिम्मेदारी किसकी होगी? जाम में फंसे इन इमरजेंसी वाहनों का दोषी कौन होगा? क्या इसका भी जुर्माना जाम में फंसे लोगों को देने होंगे? या जाम का कारण अव्यवस्थित ट्रॉफिक व्यवस्था की जिम्मेदारी होगी? यह बात लोगों के जेहन में चल रही है.
सीट बेल्ट नहीं पहनने पर 100 1000
दोपहिया वाहन पर दो से अधिक सवारी 100 1000
हेलमेट नहीं पहनने पर 100 1000
इमरेजेंसी वाहनों का रास्ता रोकने पर 0 10000
बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने पर 500 5000
ड्राइविंग लाइसेंस रद्द होने पर भी ड्राइविंग करना 500 10000
ओवरस्पीड 400 2000
खतरनाक ड्राइविंग करने पर 1000 5000
शराब पीकर वाहन चलाने 2000 10000
ड्राइविंग के वक्त मोबाइल पर बात 1 000 5000
बिना परमिट पाये जाने पर 5000 10000
वाहनों पर ओवरलोडिंग पर 2000 20000
बिना इंश्योरेंस ड्राइविंग 1000 2000
नाबालिग वाहन चलाने पर 0 25000, वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द
दो दिनों में वसूले गये 40 हजार रुपये
एक सितंबर से लागू मोटर वाहन अधिनियम के नये यातायात नियमों के उल्लंघन में जिला परिवहन विभाग ने इन दो दिनों 40 हजार रुपये जुर्माना वसूला है. इसके अलावा एक नाबालिग को वाहन चलाते पकड़ा गया है. इससे नाबालिग के अभिभावक से 25000 रुपये जुर्माना वसूला गया है.
साथ ही नाबालिग की बाइक जब्त कर उसका रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है. इसकी जानकारी देते हुए डीटीओ ने कहा कि बदलाव हुए नियम के उलघंन के तहत उक्त जुर्माना वसूला गया है. नियमों का उल्लंघन करने वाले से कोई समझौता नहीं होगा. दोषी पाये जाने कार्रवाई करते उसे जुर्माना वसूला जायेगा.
नाबालिग ड्राइविंग पर अभिभावक भी होंगे दोषी
यातायात के नये नियम लागू होने के बाद अब नाबालिग ड्राइविंग करते पकड़े जाये तो इसके दोषी उस नाबालिग के अभिभावक भी होंगे. ऐसे में नाबालिग के अतिरिक्त अभिभावक को भी 25 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है. नाबालिग द्वारा वाहन चलाने पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट में मामला दर्ज होगा और मोटर व्हीकल का रजिस्ट्रेशन रद्द होगा.
मोटर वाहन अधिनियम में लागू नियम
मोटर वाहन अधिनियम में भारी बदलाव कर अब पहले से और अधिक सख्ती कर दी है. अब बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, अंडरऐज ड्राइविंग, बिना लाइसेंस गाड़ी चलाना, स्पीडिंग-रेसिंग, खतरनाक ड्राइविंग आदि कई तरह के ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन करने पर पहले से कई गुना अधिक जुर्माना वसूला जायेगा.
वाहन चलाते समय हेलमेट या सीट बेल्ट नहीं पहनने पर जुर्माने की राशि 100 रुपये से बढ़ा कर 1000 रुपये की गयी है. बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने, स्पीडिंग-रेसिंग के मामले में अब 500 रुपये की जगह 5000 रुपये जुर्माना देना होगा.
बिना परमिट का वाहन चलाने पर पांच हजार रुपये के बजाय 10 हजार रुपये तक किया गया है. नशे में ड्राइविंग करने पर 10 हजार जुर्माना और छह माह का कारावास का प्रावधान किया गया है. इस मामले में दोबारा पकड़े जाने पर 15 हजार रुपये जुर्माना और दो वर्षों का कारावास का प्रावधान किया गया है.
क्या कहते हैं डीटीओ
जुर्माने की राशि बढ़ाने का मूल उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु को नियंत्रित करना है. सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कराने के जिले में जागरूकता अभियान चलाया जायेगा. ऐसे में हर अभिभावकों से अपील है कि नाबालिगों को गाड़ी चलाने के लिए नहीं दें, और हर वाहन चालक इन नियम का उल्लंघन नहीं करें, अन्यथा दोषी पाये जाने पर कार्रवाई करते हुए जुर्माना वसूल की जायेगी.
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