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थम गयी एंबुलेंस की रफ्तार, मरीज हुए बेहाल

Updated at : 06 Aug 2019 8:26 AM (IST)
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थम गयी एंबुलेंस की रफ्तार, मरीज हुए बेहाल

सासाराम : इस समय आप बीमार हो गये, तो इलाज के लिए अस्पताल में जाने के लिए एंबुलेंस की उम्मीद न करें. क्योंकि, सोमवार से जिलेभर में एंबुलेंस की रफ्तार थम गयी है. एंबुलेंस के थमी रफ्तार पुन: कब शुरू व तेज होकर सड़क पर सरपट दौड़गी, इसका उम्मीद भी अभी नहीं लगायी जा सकती. […]

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सासाराम : इस समय आप बीमार हो गये, तो इलाज के लिए अस्पताल में जाने के लिए एंबुलेंस की उम्मीद न करें. क्योंकि, सोमवार से जिलेभर में एंबुलेंस की रफ्तार थम गयी है. एंबुलेंस के थमी रफ्तार पुन: कब शुरू व तेज होकर सड़क पर सरपट दौड़गी, इसका उम्मीद भी अभी नहीं लगायी जा सकती.

क्योंकि, सोमवार को एंबुलेंस कर्मियों ने अपने हक व अधिकार के लिए हड़ताल शुरू कर दी है. वे अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये हैं.
हड़ताल के पहला दिन एंबुलेंसकर्मियों ने सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष रोष प्रदर्शन कर धरना पर बैठ गये. कर्मियों की ये हड़ताल बिहार राज्य चिकित्सा कर्मचारी संघ (इंटक) के 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर किया गया. इसमें संघ के जिला इकाई के एंबुलेंस कर्मियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया.
धरना में संघ के वीरेंद्र सिंह, कन्हैया कुमार, योगेंद्र प्रसाद, मुमताज अंसारी व सत्येंद्र सिंह ने कहा कि विगत छह फरवरी 2019 को द्विपक्षीय वार्ता हुई थी. लेकिन, अब तक सभी बिंदुओं को लागू नहीं किया गया. जब तक सरकार हमारी मांगें पूरी नहीं करेगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी. हड़ताल के दौरान जिलेभर में एंबुलेंस सेवाएं पूरी तरह से बाधित रहेगी. इसकी सारी जवाबदेही सरकार की होगी.
इस मांग को लेकर अड़े हैं एंबुलेंसकर्मी : बिहार राज्य चिकित्सा कर्मचारी संघ (इंटक) के 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर किये गये राज्यस्तरीय अनिश्चितकालीन हड़ताल विभिन्न मांगों को लेकर की गयी है.
इसमें सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का भुगतान करने, अतिरिक्त कार्य अवधि का भुगतान, श्रम कानूनों की सुविधा देने, बचे हुए कर्मियों का नियुक्ति पत्र इएसआई, पीएफ आदि अविलंब उपलब्ध करने सहित कई मांगे शामिल है. उक्त मांग जब तक सरकारी पूरी नहीं करेगी, तब तक एंबुलेंस कर्मी हड़ताल पर ही रहने की आह्वान किया.
जिले में 92 कर्मचारी हैं कार्यरत:
जिलेभर में 102 एंबुलेंस कर्मियों की संख्या 92 है. उक्त सभी कर्मियों ने हड़ताल के हिस्सा बन कर अपने-अपने एंबुलेंस सिविल सर्जन कार्यालय परिसर में खड़ कर दिये हैं और तृपक्षीय वार्ता से समाधान करने की अपेक्षा से सीएस कार्यालय के समक्ष धरना पर बैठ गये हैं. अब देखना है इन कर्मियों की हड़ताल की लड़ाई कब तक चलती है. मांगें पूर्ति होती है या नहीं? यह तो आने वाले कुछ दिनों में ही पता चल पायेगा.
एंबुलेंसकर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था चमरायी
एंबुलेंस कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने लगी है. हड़ताल के पहले ही दिन स्वास्थ्य व्यवस्था चमरा गयी. क्योंकि, हड़ताल से जिले के सभी अस्पताल व पीएचसी में एंबुलेंस सेवा ठप हो गयी है.
इससे मरीजों को इलाज कराने के लिए अस्पतालों में जाने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कई मरीज निजी वाहन के सहारा लेने पर विवश होने लगे हैं. जो निजी वाहन चालक मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए बढ़-चढ़ कर भाड़े मांगने लगे हैं.
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