सासाराम : रोपनी शुरू होते ही खेतों में तनने लगे लाठी-डंडे व बंदूक
Author Prabhat khabar digital desk
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सासाराम : जिले में रोपनी कार्य शुरू हो गयी है. हर वर्ष रोपनी शुरू होते समय और धान कटनी के समय भूमि विवाद के मामले ज्यादा आते हैं. इसमें कही गोलीबारी, कहीं लाठी-डंडे, तो कहीं हत्या जैसे मामले सामने आते हैं. विगत एक सप्ताह पहले शिवसागर थाना क्षेत्र के कुम्भउ गांव के बधार में पूर्व […]
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सासाराम : जिले में रोपनी कार्य शुरू हो गयी है. हर वर्ष रोपनी शुरू होते समय और धान कटनी के समय भूमि विवाद के मामले ज्यादा आते हैं. इसमें कही गोलीबारी, कहीं लाठी-डंडे, तो कहीं हत्या जैसे मामले सामने आते हैं. विगत एक सप्ताह पहले शिवसागर थाना क्षेत्र के कुम्भउ गांव के बधार में पूर्व मुखिया अरविंद तिवारी व मोरसराय गांव निवासी अनिल सिंह के बीच दर्जनों चक्र गोलियां भूमि विवाद में ही चली थी. हालांकि, इस मामले में किसी का कोई हताहत नहीं हुआ था.
इसके अलावे कोनार, बम्हौर, कुम्भउ, समेत दर्जनों गांवों के अलावा जिले के लगभग थानों में तेजी से भूमि विवाद के मामले हर दिन आ रहे हैं. थाने में हर दिन मारपीट के मामले सामने आ रहे हैं. इसमें करीब 90 प्रतिशत मारपीट का कारण भूमि विवाद ही है. बुधवार को शिवसागर थाना क्षेत्र के अनंतपुरा गांव में भूमि विवाद में ही गोली मार राजबंश पाठक की हत्या कर दी गयी.
कोर्ट में मामला रहने पर भी लोग कर रहे जबर्दस्ती : जिले के अधिकतर भूमि विवाद में थाना व प्रशासन द्वारा 144 की कार्रवाई कर फैसला आने तक दोनों पक्ष को जमीन पर जाने से रोक लगाया जाता है, इसके बावजूद कुछ लोग जबर्दस्ती इन जमीनों पर पहुंच खेती करने का प्रयास करते हैं, जिससे मारपीट व हत्या की नौबत आती है.
आपसी सामंजस्य नहीं होने से बढ़ता विवाद
जिले में भूमि विवाद को रोकने के लिए हर शनिवार को जिले के सभी थानों में सर्किल इंस्पेक्टर, अंचलाधिकारी व थानाध्यक्ष की उपस्थिति में जनता दरबार लगाया जाता है. इसमें कई मामले का निबटारा भी हो जाता है. लेकिन, कई ऐसे मामले आते हैं, जिसमें एक पक्ष या दोनों पक्ष उनकी बातों को मानने से इन्कार कर देता है. यहां से ऐसे लोगों का मामला पदाधिकारी न्यायालय में भेज देते हैं. दोनों पक्षों के आपसी सामंजस्य नहीं होने के कारण मामला वर्षों तक चलता है और विवाद का रूप ले लेता है.
दखल के लिए अपराधियों का लेते सहारा
कई वर्षों से जिस भूमि पर विवाद चल रहा है और किसी के पक्ष में फैसला नहीं आया है, तो ऐसी स्थिति में मजबूत पक्ष अपराधियों का सहारा लेकर जमीन पर कब्जा जमाने का प्रयास करता है. एक पक्ष को विवादित भूमि पर चढ़ाई करते देख दूसरा पक्ष भी अन्य अपराधी व दबंग प्रवृत्ति के लोगों को लोभ देकर जमीन दखल करने के चक्कर में पड़ते हैं. यही कारण है कि दोनों पक्ष मजबूत होकर भूमि पर कब्जा करने जाता है और मारपीट और हत्या जैसी घटना हो जाती है.
क्या कहते हैं अधिकारी
रोपनी कार्य के शुरुआत में और कटनी के समय भूमि विवाद के मामले बढ़ जाते हैं. इसके लिए हर शनिवार को स्थानीय थाने में जनता दरबार लगा मामले का निबटारा किया जाता है. यहां से जो मामला नहीं सुलझता है, वह मेरे और अनुमंडलाधिकारी द्वारा नबटारा किया जाता है. कुछ पेचिंदे मामले होते, जो कोर्ट में लंबे समय तक चलता है. फिर भी किसी भी स्थिति में भूमि विवाद में मारपीट व हत्या शर्मनाक है. ऐसे मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी.
राजेश कुमार, एएसपी सासाराम
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