न अपना भवन, न जमीन, डेढ़ माह से ट्रांसफॉर्मर भी खराब

Updated at : 07 May 2019 5:04 AM (IST)
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न अपना भवन, न जमीन, डेढ़ माह से ट्रांसफॉर्मर भी खराब

डेहरी सदर : बिजली विभाग चुस्त-दुरुस्त बिजली व्यवस्था को लेकर नये-नये उपकेंद्र व ग्रिड बना रहा है. साथ ही पुराने उपकेंद्र में नयी टेक्नोलॉजी पर अधारित उपकरण व फील्ड में जर्जर तार, पोल व ट्रांसफाॅर्मर बदला जा रहा है. ताकि, बिजली आपूर्ति में किसी तरह की अड़चन न आये. लेकिन, डिवीजन मुख्यालय से लगभग 10 […]

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डेहरी सदर : बिजली विभाग चुस्त-दुरुस्त बिजली व्यवस्था को लेकर नये-नये उपकेंद्र व ग्रिड बना रहा है. साथ ही पुराने उपकेंद्र में नयी टेक्नोलॉजी पर अधारित उपकरण व फील्ड में जर्जर तार, पोल व ट्रांसफाॅर्मर बदला जा रहा है. ताकि, बिजली आपूर्ति में किसी तरह की अड़चन न आये. लेकिन, डिवीजन मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर पर डेहरी दो सब डिवीजन क्षेत्र में स्थित जमुहार पीएचइडी उपकेंद्र के कर्मचारी समस्याओं से जूझ रहे है.

न तो उक्त उपकेंद्र में अपना भवन है और न ही अपना जमीन है. किसी तरह कर्मचारी पीएचइडी के बंद पड़े बोरिंग कक्ष में रह कर बिजली आपूर्ति का कंट्रोलिंग करते हैं. जबकि, जमुहार पीएचइडी परिसर व बाहर में लगे लगभग आठ पंप को बिजली आपूर्ति यहां से होता है.
पंपों को संचालन के लिए मथुरापुर ग्रिड से बीएमपी विधुत उपकेंद्र होते हुए उक्त उपकेंद्र को 33 हजार का लाइन 24 घंटे बिजली आपूर्ति होती है. इसके लिए विशेष तौर 1.5 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाया है. साथ ही उपकेंद्र में एक तीन एमवीए का ट्रांसफाॅर्मर भी लगाया गया है. जिससे एनएमसीएच व एक फलावर मील को बिजली आपूर्ति होती है. लेकिन, लगभग डेढ़ माह से तीन एमवीए का ट्रांसफाॅर्मर खराब है.
हालांकि, एनएमसीएच व फलावर मील को दूसरे फीडर से बिजली आपूर्ति हो रही है. उक्त उपकेंद्र में 33 हजार लाइन पर ब्रेकर नहीं रहने से आये दिन छोटी खराबी या बिजली का चिनगारी गिरने के दौरान बीएमपी उपकेंद्र से लाइन बंद कराने या ट्रिप कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है. तब जाकर मैनुअल स्वीच काट कर काम किया जाता है. ब्रेकर के नहीं रहने से कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है.
बरसात में भर जाता है लबा लब पानी :जमुहार पीएचइडी परिसर गड्ढा में है. जिसके कारण लबालब पानी भर जाता है. पानी जमा होने से उक्त उपकेंद्र का ट्रांसफाॅर्मर का फाउंडेशन डूब जाता है. जिसके कारण पानी कम होने तक बिजली की सप्लाई बंद रखना पड़ता है. उस दौरान पीएचइडी से पानी आपूर्ति भी ठप रहता है.
सासाराम शहर में पानी आपूर्ति के लिए अहम भूमिका
सासाराम शहरी क्षेत्र में पानी पहुंचाने में जमुहार पीएचइडी उपकेंद्र अहम भूमिका निभाता है. परिसर व परिसर के बाहर लगे 60 एचपी के तीन, 15 एचपी के एक, 75 एचपी के तीन व एक 90 एचपी के मोटर को 33 हजार लाइन में गड़बड़ी नहीं रहने पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति होती है. अपना भवन नही रहने से कर्कट के शेड में 11 हजार वोल्ट के लाइन के लिए ब्रेकर सहित अन्य उपकरण लगा है.
अधिकारी रो रहे जमीन का रोना
उक्त उपकेंद्र में बिजली विभाग का अपना जमीन नहीं होने से अधिकारी जमीन को लेकर रोना रो रहे है. जिसके कारण कंट्रोल रूम नहीं बन पाया है. लेकिन जमीन नहीं होने के बावजूद विभाग द्वारा शौचालय बनाया गया है. जिसको लेकर कई सवाल खड़ा कर रहा है.
जमीन मिलते ही उपकेंद्र होगा चुस्त दुरुस्त
जमुहार उपकेंद्र का अपना जमीन नहीं है. पीएचइडी के जमीन में किसी तरह चल रहा है. जमीन की मांग पीएचइडी से की गयी है. जमीन मिलते ही उक्त उपकेंद्र को चुस्त दुरुस्त किया जायेगा.
अभय कुमार रंजन, कार्यपालक अभियंता, डेहरी
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