गुजर गये पूरे दो साल, पूरा नहीं हो सका शहर के प्रमुख नालों का निर्माण

स्टॉर्म ड्रेनेज योजना के तहत बनाया जाना है शहरी क्षेत्र में पांच प्रमुख नाला
स्टॉर्म ड्रेनेज योजना के तहत बनाया जाना है शहरी क्षेत्र में पांच प्रमुख नाला
प्रथम चरण का कार्य भीअधूरा,लोगों को सता रहा जलजमाव का खतरा
पूर्णिया. मानसून के आने में महज डेढ़ माह शेष बचे हैं और अभी से लोगों को जलजमाव का खतरा सताने लगा है. विडम्बना यह है कि दो साल से अधिक हो गये पर शहर में स्टॉर्म ड्रेनेज योजना के तहत बन रहे पांच प्रमुख नालों का निर्माण पूरा नहीं हो सका है जबकि समय सीमा पार कर गई. आलम यह है कि प्रथम चरण का काम भी अब तक अधूरा पड़ा है.आने वाले डेढ़ माह के अंदर निर्माण की कोई गुंजाइश भी नहीं दिख रही. नतीजतन लोगों की धड़कनें तेज हो गयी हैं. इस आशंका को बल मिल रहा है कि मानसून में अगर जमकर बारिश हुई तो कई मुहल्ले फिर डूबेंगे. नाला निर्माण केलिए खुदाई की गयी जगहों पर जलजमाव और कीचड़ की समस्या बढ़ जाएगी.गौरतलब है कि शहर के ड्रैनेज सिस्टम के नेटवर्क को दुरुस्त करने के लिए करोड़ों की लागत से स्टॉर्म ड्रेनेज सिस्टम पर काम शुरू किया गया था. इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहर के निचले इलाकों से पानी निकालकर मुख्य नालों तक पहुंचाना था. नए क्षेत्र में पांच प्रमुख बड़े नालों का निर्माण होना है. इसकी जवाबदेही बुडको क। सौंपी गई थी. एक साल के अंदर काम पूरा किया जाना था. आलम यह है कि दो साल बीत जाने के बाद भी पांच में तीन नालों के निर्माण कार्य की खुदाई भी नहीं हुई है. वर्तमान में जिन दो नालों का निर्माण हो रहा है, वह भी अब तक अधूरा है. यह माना जा रहा है कि मानसून आते ही शहर की सड़कें जलमग्न हो जाएगी. याद रहे कि पूर्णिया शहर में मानसून के दौरान जलजमाव का बड़ा संकट उत्पन्न हो जाता है. इसके लिए नागरिकों द्वारा लंबे अर्से से ड्रैनेज सिस्टम बहाल करने की मांग होती रही है.
एजेंसी को ब्लैकलिस्टेड करने की अनुशंसा
दरअसल, शहर को जलजमाव से मुक्त करने के लिए नगर निगम के स्तर से नई पहल की गयी. इसके लिए नगर विकास विभाग द्वारा करीब चार सौ करोड़ की इस महत्वाकांक्षी योजना की स्वीकृति दी गयी. इसमे से पूर्णिया नगर निगम को प्रथम फेज के लिए 87 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ है. प्रथम चरण में शहर में पांच नालों का निर्माण कराया जाना है. यह कार्य बुडको द्वारा कराया जा रहा है. मगर, बुडको नाला निर्माण कार्य के प्रति पूरी तरह उदासीन बना बैठा है. नगर निगम बोर्ड ने भी इसके लिए गहरी नाराजगी जतायी है. महापौर विभा कुमारी पिछले बोर्ड की बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए लापरवाही बरतने वाली संबंधित निर्माण एजेंसी को काली सूची में डालने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया था. इतना ही नहीं, महापौर ने सबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्टेड करने की अनुशंसा भी विभाग से कर दी है. पार्षदों और आम जनता के आक्रोश को देखते हुए महापौर विभा कुमारी ने संबंधित निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है.———————-यहां होना है पांच बड़े नालों का निर्माणकारगिल चौक पुल से खुश्कीबाग रेलवे गुमटीमधुबनी चौक से नहर से मझली चौक एवं आरकेके कॉलेजरजनी चौक से लालगंज बायपासडालर हाउस चौक से चुनापुर पुलरिजवान मस्जिद से रुईगोला धार वाया अरबिया कालेज चौक एवं रजनी चौक से अरबिया कालेज———————————
कहती हैं महापौर
नगर निगम जनता की गाढ़ी कमाई और शहर की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बार-बार चेतावनी के बावजूद एजेंसी काम के प्रति सुस्त है. इसी वजह से बोर्ड की बैठक में एजेंसी को काली सूची में डालने का प्रस्ताव लिया गया है. नगर विकास विभाग से भीइसकी अनुशंसा की गई है. मानसून में शहरवासी को कोई असुविधा न हो इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी. कच्चे नाले के साथ-साथ पंपसेट की व्यवस्था की जाएगी. ताकि जलजमाव की समस्या नहीं हो. फोटो: 11 पूर्णिया 1- विभा कुमारी, महापौर पूर्णियाकहते हैं नगर आयुक्त
सरकार की महत्वाकांक्षी स्टॉर्म ड्रेनेज योजना के तहत पांच प्रमुख नालों का निर्माण होना था, लेकिन अब तक एक भी नाला का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ है. सबंधित एजेंसी के लापरवाही के वजह से मानसून में जलजमाव की समस्या हो सकती है. हालांकि जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए कच्चे नाले की खुदाई की जाएगी. लेकिन योजना के तहत जो नाले का निर्माण होना था. लेकिन उसमें लापरवाही बरतने वाले एजेंसी के खिलाफ नगर विकास विभाग को काली सूची में डालने के लिए आवेदन भेजा गया है.कुमार मंगलम, नगर आयुक्त पूर्णिया
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