आवेदन शुल्क की एकरूपता पर आज कुलाधिपति से आग्रह करेगा पूर्णिया विवि

Published by : Abhishek Bhaskar Updated At : 31 May 2026 6:02 PM

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सीमांचल के 63 डिग्री कॉलेजों में स्नातक प्रथम सेमेस्टर की 60 हजार से अधिक सीटों पर नामांकन चल रहा है. इस बीच पूर्णिया विवि की ओर से आज नामांकन के लिए आवेदन शुल्क की एकरूपता को लेकर आज कुलाधिपति से आग्रह किया जायेगा.

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पूर्णिया से प्रतिनिधि की रिपोर्ट :

पूर्णिया. सीमांचल के 63 डिग्री कॉलेजों में स्नातक प्रथम सेमेस्टर की 60 हजार से अधिक सीटों पर नामांकन चल रहा है. इस बीच पूर्णिया विवि की ओर से आज नामांकन के लिए आवेदन शुल्क की एकरूपता को लेकर आज कुलाधिपति से आग्रह किया जायेगा. दरअसल, एक जून को कुलाधिपति ने लोकभवन में बैठक बुलायी है. इस बैठक में आवेदन शुल्क को लेकर पूर्णिया विवि की ओर से कुलाधिपति से मार्गदर्शन मांगा जायेगा. इस संबंध में पूर्णिया विवि के डीन छात्र कल्याण प्रो. अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि आगामी एक जून को कुलाधिपति ने सभी विवि की बैठक बुलायी, उस बैठक में आवेदन शुल्क की एकरूपता को लेकर पूर्णिया विवि की ओर से आग्रह किया जायेगा. उसके बाद लोकभवन के निर्देशानुसार आवेदन शुल्क को लेकर आगे का निर्णय लिया जायेगा.

आवेदन शुल्क कटौती की मांग पर भूख हड़ताल जारी

आवेदन शुल्क न्यूनतम करने की मांग को लेकर छात्र नेता पीयूष पुजारा की भूख हड़ताल रविवार को भी जारी रही. छात्र नेता पीयूष पुजारा ने बताया कि पूर्णिया विवि की ओर से अभी 600 रुपया आवेदन शुल्क लिया जा रहा है. जबकि आसपास के विश्वविद्यालय इसका एक तिहाई या एक चौथाई ही ले रहे हैं. ऐसे में पूर्णिया विवि को भी आवेदन शुल्क को या तो फ्री या फिर आवेदन शुल्क में अधिकतम कटौती करनी चाहिए. इसका मुख्य आधार है कि जिस समर्थ पोर्टल का प्रयोग किया जा रहा है वह पूरी तरह सरकारी और शुल्कमुक्त है.

छात्र विरोधी रवैया अपना रहा विवि प्रशासन : डॉ. आलोक राज

विश्वविद्यालय बनाओ संघर्ष समिति, पूर्णिया के संस्थापक डॉ. आलोक राज रविवार को अनशन स्थल पर पहुंचे. उन्होंने छात्र नेता पीयूष पुजारा छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर कल से जारी अनशन को नैतिक समर्थन दिया. डॉ. आलोक राज ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्णिया विश्वविद्यालय प्रशासन विश्वविद्यालय के संचालन में पूरी तरह विफल साबित हुआ है तथा छात्र विरोधी रवैया अपना रहा है. छात्रों की छोटी-छोटी मांगों के लिए भी अनशन करना पड़ रहा है, जो विश्वविद्यालय प्रशासन की असफलता को दर्शाता है. डॉ. आलोक राज ने कहा कि वे छात्रों की मांगों एवं विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यशैली से संबंधित जानकारी बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति को पत्र लिखकर देंगे.उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के हित में प्रशासन को छात्रों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करना चाहिए.

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