केनगर. केनगर प्रखंड अंतर्गत काझा कोठी मुख्य सड़क स्थित सबूतर बहियार के मकई खेतों में नीलगाय के बच्चे देखे जाने से स्थानीय किसानों की चिंता बढ़ गयी है. ग्रामीणों के अनुसार, मकई के लहलहाते खेतों में दो नीलगायों के शावक दौड़ते हुए देखे गए हैं. क्षेत्र के किसान इजहार फौजी, राजाराम और राजेश साह सहित कई अन्य किसानों ने बताया कि वर्तमान में मकई की फसल तैयार हो रही है. ऐसे में नीलगायों का आगमन किसानों के लिए शुभ संकेत नहीं है. किसानों को आशंका है कि अभी दो से चार शावक देखे गए हैं, लेकिन यदि इनके साथ नीलगायों का पूरा काफिला इस क्षेत्र में आ गया, तो मकई की फसल को भारी नुकसान पहुंच सकता है. किसानों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि नीलगायों द्वारा फसलों को रौंदना और खाना उनके लिए बड़ी आर्थिक क्षति का कारण बनता है. उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि समय रहते इन नीलगायों को पकड़ने या क्षेत्र से खदेड़ने के उचित प्रबंध किए जाएं, ताकि उनकी मेहनत की फसल बर्बाद होने से बच सके.
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