जिंदगी की रफ्तार पर यातायात नियमों की लापरवाही का ब्रेक

तेज रफ्तार, लापरवाही व नियमों की अनदेखी के चलते हो रहे हादसे
तेज रफ्तार, लापरवाही व नियमों की अनदेखी के चलते हो रहे हादसे
तमाम प्रशासनिक प्रयासों के बावजूद आज भी जागरूकता का अभाव
पूर्णिया. नेशनल हाईवे और रेलवे स्टेशनों के पास अक्सर यह लिखा मिल जाता है कि ‘सतर्कता हटी घटना घटी. यह महज स्लोगन नहीं, हकीकत भी है क्योंकि हालिया सालों में यही दुर्घटनाओं की वजह बन रही है. शासन-प्रशासन को हम चाहे जितना कोस लें, सच यही है कि तेज रफ्तार, लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी हादसों में जिन्दगियां लील रही हैं. हालिया सालों के सड़क हादसों को देखा जाए तो अपनी ही लापरवाही के कारण कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है. यह अलग बात है कि वाहन परिचालन और सड़क यातायात मामले में विभागीय जिम्मेदारी बनती है पर पहले यह देखना जरुरी हो जाता है कि वाहनों के परिचालन के दौरान हम कितना सजग हैं. गौरतलब है कि पूर्णिया जिले में आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं. कहीं लचर यातायात व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया गया है तो कहीं गलत साइड ड्राइविंग, सुरक्षा नियमों की अनदेखी और तेज रफ्तार में वाहन परिचालन के मामले सामने आए हैं. बीते शनिवार की देर शाम कोढ़ा के दर्दनाक हादसे के बाद दुर्घटनाओं के कारणों को लेकर सवाल उठाए जाने लगे हैं. इसमें यह बताया जा रहा है कि यातायात नियमों का सही तरीके से अनुपालन नहीं होने के कारण ही दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं. शहर के प्रबुद्धजन मानते हैं नियमों के अनुपालन के लिए न तो वाहन चालक जागरुक है और न ही सरकारी महकमा इस पर कभी बहुत गंभीर हुआ. वैसे, दिवस विशेष पर यदा-कदा जागरुकता कार्यक्रम जरुर आयोजित होते हैं.………………… बॉक्स में…………………………..
ओवरस्पीड व ओवरटेक बन रहे हादसों के कारण
जानकारों का कहना है कि चिकनी सड़कों पर ओवरस्पीड, ओवरटेक और ओवरलोडिंग हादसों के बड़े कारण बन रहे हैं. सड़क पर सामने जा रहे किसी वाहन को अपनी बाइक की रफ्तार तेज कर आगे निकलने की होड़ मानो आज किसी फैशन में शामिल हो गया हो. लहरिया बाइकर्स तो सड़क को किसी मैदान से कम नहीं मानते. इतना ही नहीं, ट्रक और बसों की रफ्तार भीड़ में भी कम नहीं होती. फोर व्हीलर ड्राइव करने वालों का अपना स्टाइल है. प्रबुद्ध नागरिक सवालिया लहजे में कहते हैं कि ट्रैफिक नियमों को जाने-समझे बगैर सड़क पर उतर आने वाले ऐसे धुरंधर वाहन चालकों को कौन समझाए और कौन लगाम लगाए ! वे मानते हैं कि इस पर सख्ती होनी चाहिए पर इसके साथ शहर से गांव तक यातायात नियमों को लेकर जागरुकता कार्यक्रम चला कर लोगों को मोटिवेट किया जाना लाजिमी माना जा रहा है.
लोगों को जागरूक होना पड़ेगा: डॉ.सुनिल कुमार राय
पूर्णिया के यातायात थानाध्यक्ष डॉ.सुनिल कुमार राय ने बताया कि बढ़ते दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है. इसके लिये लोगों को जागरूक होना पड़ेगा.उन्होंने बताया कि यातायात पुलिस द्वारा समय समय पर जागरूता कार्यक्रम शहरी क्षेत्र के अलावा पूरे जिले में चलाया जाता रहा है. लोगों में शिक्षा की कमी है, इसी वजह से सड़क पर जगह जगह साइन बोर्ड का ध्यान नहीं देते. उन्होंने बताया कि ओवरस्पीड में गाड़ी चलाने पर ही सड़क हादसा होता है. इसके लिये सड़कों पर लगे संकेत चिह्नों को समझे और उसका पालन करें. तीखे मोड़ पर अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती है. यहां गाड़ी धीरे चलानी चाहिए. उन्होंने बताया कि ओवरस्पीड के रोकथाम के लिये जुर्माना किया जाता है. ओवरस्पीड के देखरेख के लिए दो हाइवे पेट्रोल भेकल गाड़ियां हैं. उन्होंने बताया कि सड़क पर मक्का सुखाने वालों पर कार्रवाई होती रहती है. इसके लिये ग्रामीण क्षेत्रों में माइकिंग कर किसानों को आगाह किया जाता है. दुर्घटना में दोषी पाये जाने पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई होती है.————————–
इस वजह से हो रहे हादसे
नियमों के उल्लंघनजागरुकता का अभाव
वाहनों की तेज रफ्तारगलत साइड ड्राइविंग
ओवरटेक करने की होड़अंधे मोड़ और ब्लैक स्पॉट
ऑटो-टोटो की अव्यवस्थाप्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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