हंगामे के बाद पूर्णिया विवि ने मानी चूक, स्नातक में रोका नामांकन

Updated at : 04 Jul 2024 5:57 PM (IST)
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हंगामे के बाद पूर्णिया विवि ने मानी चूक, स्नातक में रोका नामांकन

स्नातक में रोका नामांकन

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पूर्णिया. यूएमआइएस की लापरवाही से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का डेटा मीसिंग रहने पर आखिरकार पूर्णिया विवि ने अपनी भूल मान ली है. गुरुवार को हंगामे के बाद पूर्णिया विवि ने यूजी साइंस और कॉमर्स में नामांकन रोक दिया है. जबकि डेटा रिकवर होने के बाद ही यूजी आर्टस की मेरिट लिस्ट जारी की जायेगी. इस संबंध में विवि मीडिया पदाधिकारी प्रो. अंजनी कुमार मिश्रा ने बताया कि तत्काल प्रभाव से यूजी साइंस और कॉमर्स में नामांकन रोक दिया गया है. इस बारे में सभी कॉलेजों को सूचित कर दिया गया है. इससे पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सहसंयोजक राजा कुमार के नेतृत्व में 11 बजे ही छात्रों ने अपना विरोध शुरू कर दिया. छात्रों ने प्रोवीसी प्रो. पवन कुमार झा, डीएसडब्लू प्रो. मरगूब आलम, कुलानुशासक प्रो. अंजनी कुमार मिश्रा समेत सभी पदाधिकारियों को उनके कक्ष से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया. इसके साथ ही विवि कर्मियों को भी अपना कामकाज बंद करना पड़ा. मोबाइल से वीसी से करायी बात प्रोवीसी प्रो. पवन कुमार झा, डीएसडब्लू प्रो. मरगूब आलम, कुलानुशासक प्रो. अंजनी कुमार मिश्रा ने उग्र छात्रों को पहले शांत कराया. इसके बाद मोबाइल पर वीसी से छात्र नेताओं की बात करायी गयी. इस दौरान छात्र नेताओं ने नामांकन रोकने, डेटा रिकवरी के बाद ही मेरिट लिस्ट जारी करने और यूएमआइएस एजेंसी पर तत्काल कार्रवाई की मांग की. चारों जिले में खुलेगा हेल्पडेस्क छात्रों की मांग के अनुरूप मीसिंग डेटा रिकवर करने के लिए चारों जिले में हेल्पडेस्क बनाये जाने का निर्णय लिया गया है. विवि मीडिया पदाधिकारी प्रो. अंजनी कुमार मिश्रा ने बताया कि चारों जिले में एक-एक हेल्पडेस्क क्रियाशील कर यूएमआइएस को जवाबदेही दी जा रही है. पूर्णिया जिलांतर्गत पूर्णिया कॉलेज, कटिहार जिलांतर्गत डीएस कॉलेज कटिहार, अररिया जिलांतर्गत अररिया कॉलेज और किशनगंज जिलांतर्गत मारवाड़ी कॉलेज किशनगंज में हेल्पडेस्क रहेगा. गायब डेटा की संख्या अस्पष्ट पूर्णिया विवि के अधीन स्नातक में नामांकन के लिए करीब 65 हजार आवेदन आये हैं. विवि ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इनमें से कितने अभ्यर्थियों का डेटा गायब है. मगर आशंका है कि इनकी संख्या 25 फीसदी से अधिक है. इनमें से अधिकांश के केवल नाम और मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं. ऐसे में डेटा रिकवर करने से पहले मेरिट लिस्ट जारी करने पर सवाल उठना लाजिमी है. फोटो. 4 पूर्णिया 5 परिचय- पूर्णिया विवि में छात्रों के हंगामे में घिरे प्रोवीसी व डीएसडब्लू

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