मुंगेर में शादीपुर की बड़ी दुर्गा महारानी के दरबार में उमड़ रही भक्तों की भीड़, हर मनोकामना होती है पूरी

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 21 May 2026 8:17 AM

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Aaj Ka Darshan

Aaj Ka Darshan: मुंगेर के शादीपुर स्थित बड़ी दुर्गा महारानी मंदिर में इन दिनों आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. सुबह की आरती से लेकर शाम के जयकारों तक पूरा मंदिर परिसर भक्तिरस में डूबा रहता है. मान्यता है कि मां के दरबार से कोई भक्त खाली हाथ नहीं लौटता.

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Aaj Ka Darshan: बिहार के ऐतिहासिक शहर मुंगेर का शादीपुर इलाका इन दिनों भक्ति और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. यहां स्थित बड़ी दुर्गा महारानी मंदिर में रोजाना हजारों श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के जिलों और दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में भक्त यहां माथा टेकने आते हैं. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से मां की आराधना करने पर हर मनोकामना पूरी होती है और जीवन के संकट दूर हो जाते हैं.

मां के दरबार में अटूट है श्रद्धालुओं की आस्था

शादीपुर की बड़ी दुर्गा महारानी को लेकर लोगों में गहरी आस्था है. मुंगेर के अलावा खगड़िया, बेगूसराय, लखीसराय और जमुई जैसे जिलों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं. कई भक्त वर्षों से नियमित रूप से मंदिर आकर पूजा-अर्चना करते हैं. लोगों का मानना है कि मां के दरबार में मांगी गयी मुराद कभी अधूरी नहीं रहती.

विशेष अवसरों और नवरात्र के दिनों में यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. उस दौरान मंदिर परिसर में पैर रखने तक की जगह नहीं बचती. प्रशासन को भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था करनी पड़ती है.

सुबह की आरती बनाती है माहौल को दिव्य

मंदिर परिसर का वातावरण हर समय भक्तिमय बना रहता है. सुबह ढोल-नगाड़ों और शंखध्वनि के बीच होने वाली आरती श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देती है. पारंपरिक भक्ति गीतों की गूंज से पूरा इलाका भक्तिरस में डूब जाता है.

श्रद्धालु मां को धूप, दीप और पुष्प अर्पित कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हैं. मंदिर में गूंजते “जय माता दी” के जयकारे लोगों को एक अलग आध्यात्मिक अनुभव कराते हैं.

संकटों से मुक्ति की मान्यता खींच रही भीड़

धार्मिक मान्यता है कि बड़ी दुर्गा महारानी के दरबार में आने वाले भक्तों के दुख और संकट दूर होते हैं. यही वजह है कि जीवन की परेशानियों से जूझ रहे लोग बड़ी श्रद्धा के साथ यहां पहुंचते हैं और मां का आशीर्वाद लेते हैं.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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