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मुख्यमंत्री के करीबी जेडीयू नेता सैयद महमूद अशरफ का निधन, नीतीश कुमार ने जताया शोक, ...जानें कौन थे?

Updated at : 26 Nov 2019 11:34 AM (IST)
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मुख्यमंत्री के करीबी जेडीयू नेता सैयद महमूद अशरफ का निधन, नीतीश कुमार ने जताया शोक, ...जानें कौन थे?

पूर्णिया / बायसी : जेडीयू के वरिष्ठ नेता सैयद महमूद अशरफ का इंतकाल हो गया. उनके रिश्तेदार व पूर्व विधायक रूकनुद्दीन ने उनके इंतकाल की पुष्टि करते हुए बताया कि पीलिया से पीड़ित अशरफ महमूद का निधन हैदराबाद के एक अस्पताल में इंतकाल हो गया. वही करीब एक माह से अस्पताल में भर्ती थे. अशरफ […]

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पूर्णिया / बायसी : जेडीयू के वरिष्ठ नेता सैयद महमूद अशरफ का इंतकाल हो गया. उनके रिश्तेदार व पूर्व विधायक रूकनुद्दीन ने उनके इंतकाल की पुष्टि करते हुए बताया कि पीलिया से पीड़ित अशरफ महमूद का निधन हैदराबाद के एक अस्पताल में इंतकाल हो गया. वही करीब एक माह से अस्पताल में भर्ती थे. अशरफ महमूद के इंतकाल पर मुख्यमंत्री ने शोक जताते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की है.

जानकारी के मुताबिक, पूर्णिया जिले के बायसी प्रखंड की मीनापुर पंचायत के बैरिया गांव निवासी सैयद महमूद अशरफ का 63 वर्ष की आयु में इलाज के दौरान हैदराबाद के एक अस्पताल में इंतकाल हो गया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफी करीबी माने जानेवाले अशरफ महमूद के निधन से सीमांचल की सियासत की अपूरणीय क्षति हुई है.उनके रिश्तेदार और पूर्व विधायक रूकनुद्दीन ने उनके निधन की पुष्टि करते हुएबताया कि अशरफ महमूद पीलिया रोग होने पर हैदराबाद के एक अस्पताल में करीब एक महीना तीन दिन से जूझ रहे थे. वह अपने पीछे चार पुत्र सैयद आमिर जिलानी, सैयद कबीर अहमद, सैयद नुरुलएन, सैयद अहमद मोईन और पुत्री नुड़े आमन को छोड़ गये हैं.

सीमांचल की सियासत में अशरफ एक बड़े नाम थे. पहली बार साल 1999 में उन्होंने पूर्णिया से सांसद का चुनाव निर्दलीय लड़ा था. बाद में जेडीयू के टिकट पर 2009 और 2019 में किशनगंज से लोकसभा का चुनाव लड़े. 2014 में टिकट नहीं मिलने के कारण वह चुनाव नहीं लड़ पाये थे. उनके दूसरे बेटे सैयद कबीर अहमद अभी किशनगंज में मदरसा शिक्षक हैं. बड़ा बेटा अभी घर पर ही रह रहे हैं. उनके दोनों छोटे बेटे अभी पढ़ाई कर रहे हैं. बेटी भी अभी पढ़ाई कर रही है. उनका बड़े दो पुत्रों का निकाह हो चुका है. उनके निधन पर जेडीयू नेता राकेश कुमार ने गहरी संवेदना व्यक्त की है.

राजनीतिक पृष्ठभूमि से आते थे अशरफ महमूद

राजनीतिक पृष्ठभूमि से आने के कारण वह अशरफ महमूद राजनीति में काफी सक्रिय थे. वह पिछले चार वर्षों से बिहार जेडीयू के प्रदेश उपाध्यक्ष थे. साथ ही जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य, राष्ट्रीय परिषद सदस्य, राज्य परिषद सदस्य के साथ-साथ किशनगंज के जिला संगठन प्रभारी थे. वह पूर्व में पूर्णिया के जिलाध्यक्ष भी रह चुके थे. साल 2019 में किशनगंज लोकसभा सीट से जेडीयू उम्मीदवार थे. अशरफ महमूद के पिता 45 वर्षों तक मीनापुर पंचायत के मुखिया रहे थे. उन्हें सरकार द्वारा ‘किसान पद्म’ पुरस्कार मिल चुका था. वहीं, उनके ससुर सैयद कासिमुद्दीन 30 वर्षों तक मीनापुर पंचायत के सरपंच थे. साथ ही एक बार पंचायत समिति के सदस्य भी रहे थे. उनके चाचा सैयद मोइनुद्दीन दो बार 1990 और 1995 में विधायक चुने गये थे. अशरफ के परदादा सैयद अलीमुद्दीन एक स्वतंत्रता सेनानी और वयोवृद्ध नेता थे. वहीं, उनके नाना माननीय खलीलुर्रहमान पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश थे. अशरफ महमूद की पत्नी, सैयदा कैसर जहां पंचायत समिति का चुनाव लड़ते हुए सर्वसम्मति से जीत दर्ज की थीं. बाद में वह साल 2006 में पूर्णिया के बैसी ब्लॉक की चेयरपर्सन के रूप में चुनी गयीं.

जेडीयू नेता सैयद महमूद अशरफ के निधन पर मुख्यमंत्री ने जताया शोक

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जेडीयू नेता सैयद महमूद अशरफ के असामयिक निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है. मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि सैयद महमूद अशरफ साहब के इंतकाल से दुखी हूं. उनके निधन से सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि वे उन्हें जन्नत में अहम मकाम अता करे और उनके परिवार वालों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की ताकत दें.

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