पूर्णिया : सदर अस्पताल का मेडिकल कॉलेज में अपग्रेडेशन का काम परवान पर

Updated at : 28 Feb 2019 5:25 AM (IST)
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पूर्णिया :  सदर अस्पताल का मेडिकल कॉलेज में अपग्रेडेशन का काम परवान पर

पूर्णिया : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले दिनों बेगूसरास से रिमोट के माध्यम से बहुप्रतिक्षित पूर्णिया मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किये जाने के बाद से सदर अस्पताल का अपग्रेडेशन का काम भी परवान पर है. उम्मीद है कि नये सत्र में यहां एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू हो जायेगी. पूर्णिया में यह मेडिकल कॉलेज 365.58 करोड़ […]

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पूर्णिया : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले दिनों बेगूसरास से रिमोट के माध्यम से बहुप्रतिक्षित पूर्णिया मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किये जाने के बाद से सदर अस्पताल का अपग्रेडेशन का काम भी परवान पर है. उम्मीद है कि नये सत्र में यहां एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू हो जायेगी. पूर्णिया में यह मेडिकल कॉलेज 365.58 करोड़ की लागत से बनाया जायेगा. वर्ष 2014-15 में सदर अस्पताल में 189 करोड़ की राशि से चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना की स्वीकृति सरकार ने दी गयी. स्वीकृति मिलने के बावजूद मेडिकल कॉलेज की योजना की फ्रीजर बॉक्स में रख दिया गया था.

जो स्थानीय लोगों के लिए निराशा की बात प्रतीत हो रही थी.लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अचानक इस मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास करने के बाद लोगों में काफी खुशी है.इस मेडिकल कॉलेज की स्थापना से पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल,पश्चिम बंगाल एवं नेपाल तक के लोग लाभान्वित होगें.पहले से ही मेडिकल हब के रूप में विकसित इस शहर के लिए मेडिकल कॉलेज मील का पत्थर साबित होता.

अपग्रेडेशन अब तक
पहले चरण में बनेगा नॉन क्लिनिकल बिल्डिंग. निर्माण प्रकिया के पहले चरण में प्राचार्य कक्ष, नॉन क्लिनिकल बिल्डिंग, लाइब्रेरी, हॉस्टल, कांफ्रेंस हॉल बनाया जाएगा. इसके अलावा हाईटेक क्लास रूम का भी निर्माण होगा.जिसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन पढ़ाई की सुविधा रहेगी. 100 सीटों पर एमबीबीएस के लिए नामांकन लिया जाएगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सातवें चरण की सेवायात्रा के दौरान 7 जनवरी 2012 को पूर्णियां में मेडिकल कॉलेज खोलने की मंजूरी दी थी.
सत्र संचालन की दिशा में किये गये काम
सत्र संचालन की दिशा में यहां के मेडिकल कॉलेज के लिए प्राचार्य की नियुक्ति की गयी.इसके बाद मेडिकल कॉलेज में सत्र संचालन हेतु प्राध्यापक भी नियुक्त किये गये थे. वैसे कॉलेज प्रबंधन ने वर्ष 2015 में ही सत्र संचालन की तैयारी कर ली थी.सत्र संचालन के लिए नये बच्चा वार्ड को कक्षा के रुप में चयन किया गया था. लेकिन पता नहीं क्यों इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था. सत्र संचालन में देरी देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने प्राध्यापकों को वापस भागलपुर बुला लिया साथ ही बच्चा वार्ड को सदर अस्पताल को सौंप दिया गया.अब प्रधानमंत्री द्वारा मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास करने के बाद निर्माण कार्य में तेजी आयी है.
कॉलेज के मापदंड के अनुरूप जमीन उपलब्ध
चार यूनिट डाइलीसिस सेवा उपलब्ध
अत्याधुनिक मशीनों से युक्त एनआइसीयू
नवीनतम तकनीक का आइसीयू वार्ड
एडवांस आर्थोपेडिक ओटी
अत्याधुनिक सुबिधाओं से लैस बिहार का एकलौत मॉडल लेबर रुम
मोरचरी सह अत्याधुनिक पोस्टमार्टम गृह बन कर तैयार
अंत:वार्ड का विस्तार
सुसज्जित नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना
कार्डियोलॉजी विभाग
कैंसर जांच की व्यवस्था
आइएसओ प्रमाणपत्र प्राप्त अस्पताल
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