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Patna: वैश्य समुदाय से आने वाले राजनेताओं का लगा जमघट, "सामुदायिक संविधान" का हुआ अनावरण 

Updated at : 08 Dec 2024 7:29 PM (IST)
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Patna: वैश्य समुदाय से आने वाले राजनेताओं का लगा जमघट, "सामुदायिक संविधान" का हुआ अनावरण 

Patna: कंकड़बाग के अशोक नगर में "वैश्य समुदाय दृष्टिकोणात्मक संविधान" का भव्य अनावरण हुआ. इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में वैश्य समाज के प्रतिष्ठित नेताओं, विद्वानों और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया.

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Patna: कंकड़बाग के अशोक नगर में  “वैश्य समुदाय दृष्टिकोणात्मक संविधान” का भव्य अनावरण हुआ. इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में वैश्य समाज के प्रतिष्ठित नेताओं, विद्वानों और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया. यह संविधान वैश्य समाज के अधिकारों, कर्तव्यों और एकता को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है. यह संविधान वैश्य समाज के अधिकार, कर्तव्य और प्रगति को सुनिश्चित करता है. इसके तहत स्वतंत्रता, समानता और शिक्षा का अधिकार प्रमुख हैं. समाज के बच्चों को उच्च शिक्षा तक पहुंचाने और एकजुटता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है. सदस्यों को अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहते हुए राष्ट्रीय सम्मान में योगदान देने की प्रेरणा दी गई है. वैवाहिक सुधार और सामाजिक एकता के लिए नई पीढ़ी को समावेशी दृष्टिकोण अपनाने को प्रोत्साहित किया गया है. 

संविधान के सिद्धांतों को अपनाने की शपथ 

कार्यक्रम का शुभारंभ भामाशाह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर और दीप प्रज्वलित कर किया गया. इसके बाद संविधान का औपचारिक अनावरण किया गया, जिसमें पटना मेयर सीता साहू, विधायक मंजु अग्रवाल, विधायक संजीव चौरसिया और पूर्व विधायक लालबाबू गुप्ता, डॉॅ पंकज कुमार वैश्य सहित कई प्रमुख हस्तियां शामिल थीं. सभी उपस्थित जनों ने वैश्य समाज को एकजुट और सशक्त बनाने के लिए संविधान के सिद्धांतों को अपनाने की शपथ ली. 

महिलाओं के उत्थान के बिना समाज का विकास संभव नहीं

वीडियो कांफ्रेंस से कार्यक्रम से जुड़े पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद चौरसिया ने भामाशाह के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने न केवल व्यापार में सफलता हासिल की, बल्कि अपनी धनसंपत्ति का उपयोग समाज और राष्ट्र की भलाई के लिए किया. पटना की मेयर सीता साहू ने अपने संबोधन में वैश्य समाज की एकता और राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि समुदाय को अपनी शक्ति और  सामर्थ्य पहचानकर सामाजिक और आर्थिक विकास में सक्रिय योगदान देना चाहिए. वहीं दीघा के विधायक संजीव चौरसिया ने “वैश्य समुदाय दृष्टिकोणात्मक संविधान” का अनावरण करते हुए इसे समाज के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया. उन्होंने कहा कि यह संविधान समाज के अधिकारों और कर्तव्यों को संरक्षित करते हुए एकता और सामूहिक प्रगति की दिशा में मार्गदर्शन करेगा. शेरघाटी की विधायक मंजु अग्रवाल ने वैश्य समाज में महिलाओं की भूमिका को सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने कहा कि महिलाओं के उत्थान के बिना समाज का वास्तविक विकास संभव नहीं है. 

कार्यक्रम में टूटी दलों की सीमाएं

कार्यक्रम के आयोजक डॉ. पंकज कुमार वैश्य, जिनके नेतृत्व में इस संविधान का निर्माण हुआ, ने इसे केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि वैश्य समाज के सामूहिक संघर्ष और समृद्धि की दिशा में एक ठोस कदम बताया. उन्होंने कहा कि यह संविधान समाज के युवाओं, महिलाओं और व्यापारियों को एकजुट करते हुए भविष्य की चुनौतियों का सामना करने और नए अवसरों का लाभ उठाने में मदद करेगा. इस कार्यक्रम में जदयू के प्रदेश महासचिव कंचन गुप्ता, कांग्रेस के मंजीत आनंद साहू, इंजीनियर सुंदर साहू और ममता गुप्ता सहित कई विशिष्ट जन उपस्थित थे.

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Prashant Tiwari

लेखक के बारे में

By Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

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