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बिहार के CBSE स्कूलों में विषय के रूप में शुरू हुई योग की पढ़ाई, जानें छात्रों को इससे मिलने वाले फायदे

Updated at : 21 Jun 2021 7:51 AM (IST)
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बिहार के CBSE स्कूलों में विषय के रूप में शुरू हुई योग की पढ़ाई, जानें छात्रों को इससे मिलने वाले फायदे

योग को सेहत अच्छा रखने का एक बेहतर जरिया माना जाता है. पिछले साल आए कोरोना के पहले लहर और अब दूसरी लहर के बाद लोग अपनी सेहत की काफी फिक्र करने लगे हैं. कोरोना संक्रमण के अलावा भी अन्य बिमारियों से बचाव के लिए इम्यून सिस्टम मजबूत रखने लोग तरह-तरह के नुख्शे आजमा रहे हैं.बच्चों की इम्यूनिटी मजबूत रहे इसके लिए अब योग का सहारा लिया जा रहा है. ऑनलाइन कक्षाओं के जरिये योग सिखाने के बाद अब स्कूलों में योग को एक विषय के रूप में पढ़ा जाएगा. सीबीएसई ने अब ये नयी पहल की है और योग को अपने पाठ्यक्रम में इसे शामिल कर लिया है.

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योग को सेहत अच्छा रखने का एक बेहतर जरिया माना जाता है. पिछले साल आए कोरोना के पहले लहर और अब दूसरी लहर के बाद लोग अपनी सेहत की काफी फिक्र करने लगे हैं. कोरोना संक्रमण के अलावा भी अन्य बिमारियों से बचाव के लिए इम्यून सिस्टम मजबूत रखने लोग तरह-तरह के नुख्शे आजमा रहे हैं.बच्चों की इम्यूनिटी मजबूत रहे इसके लिए अब योग का सहारा लिया जा रहा है. ऑनलाइन कक्षाओं के जरिये योग सिखाने के बाद अब स्कूलों में योग को एक विषय के रूप में पढ़ा जाएगा. सीबीएसई ने अब ये नयी पहल की है और योग को अपने पाठ्यक्रम में इसे शामिल कर लिया है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सीबीएसई ने योग को एक विषय के तौर पर मान्यता दी है. सीबीएसई के स्कूल अब इसे अपने छात्रों को एक विषय के रूप में लागू कर सकते हैं. बिहार के कई स्कूलों में इसकी शुरूआत भी हो चुकी है. पिछले साल से ही इसकी पढ़ाई भी स्कूलों में शुरू हो चुकी है. कोरोना महामारी के दौरान स्कूलों में योग को काफी महत्व दिया जाता रहा.

योग की पढ़ाई अब छठी कक्षा से ही शुरू कर दी गई है. एनसीईआरटी ने अपने पाठ्यक्रम का इसे हिस्सा बना लिया है. वहीं अलग से भी इसकी किताबें उपलब्ध होने लगी है. कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई के दौरान छात्र अब योग को भी वैकल्पिक विषय के रूप में चुन सकेंगे. इन कक्षाओं के लिए इसे छठे विषय के तौर पर रखा गया है. अभी ऑनलाइन कक्षाओं के जरिये छात्रों को प्रोत्साहित किया जा रहा है.

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योग के जानकारों का मानना है कि योग बच्चों के इम्यून सिस्टम को मजबूत रखता है. रोजाना अगर थोड़ा समय भी योग के लिए निकाला जाए तो इसके कई आसनों से बीमारियों को भगाने में मदद मिलेगी. वहीं बच्चों के मानसिक विकास में भी योग कारगर साबित हो सकता है. इसके लिए बच्चों को इस तरफ दिलचस्पी दिलाने की जरूरत है.

योग के जानकार बताते हैं कि योग मन को स्थिर रखता है. जिससे पढ़ाई पर अधिक फोकस किया जा सकता है. निरंतर योग करने से आलस्य और थकान वगैरह दूर होता है. बच्चों में शारीरिक मजबूती आएगी. जिससे उनका मन पढ़ाई में अधिक लगेगा. वहीं योग जीवन का अनुशासन सिखाने में भी सहायक है.

Posted By: Thakur Shaktilochan

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