अनुज शर्मा, पटना जून तक बिहार में पछुआ हवाएं चलती हैं, खेत-खलिहान तक में आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं. एक चिंगारी पूरे फसल को राख बना देती है. इस खतरे को भांपते हुए बिहार अग्निशमन सेवा ने इस बार कड़े सुरक्षा प्रबंध किये हैं. खासकर जहां-जहां थ्रेसर चलेंगे, वहां अब अनिवार्य रूप से पानी की व्यवस्था रखनी होगी. महानिदेशक-सह-महासमादेष्टा, गृहरक्षा वाहिनी एवं अग्निशाम सेवाएं शोभा ओहटकर के आदेशानुसार सभी जिलों के अग्निशमन अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में थ्रेसर मालिकों की सूची तैयार करेंगे और उनके लिए जागरूकता अभियान चलायेंगे. निर्देश है कि हर थ्रेसर के पास कम से कम दो बाल्टी पानी जरूर रखा जाए, ताकि किसी भी संभावित आग पर तुरंत काबू पाया जा सके. जिला अग्निशमन अधिकारी टारगेटेड अवेयरनेस ड्राइव चलाकर उन्हें सुरक्षा के प्रति सजग बनायेंगे. इसी कवायद में विद्युत विभाग भी भागीदार होगा. खेतों के ऊपर से गुजरने वाली हाइ टेंशन तारों का सेफ्टी ऑडिट कराया जायेगा और लूज शटिंग को ठीक करने की जिम्मेदारी स्थानीय अग्निशमन पदाधिकारियों को दी गयी है. राज्य में हर साल सैकड़ों अग्निकांड होते हैं. इन्हें रोकने के लिए पेट्रोल पंप, गैस गोदाम, सिनेमाघर, मॉल, स्कूल-कॉलेज जैसे संवेदनशील स्थानों पर भी फायर ऑडिट कराया जा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, जिला पदाधिकारी स्तर पर समीक्षा बैठक कर कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी. फील्ड पर तैयारी भी मुकम्मल होगी. सभी अग्निशमन वाहनों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रखा जायेगा. टंकियों में पानी, फ्यूल टैंक फुल, चालक और रिजर्व चालक की मौजूदगी तय रहेगी. चिह्नित ‘फायर हॉटस्पॉट्स’ पर पहले से ही दमकल तैनात कर दिया जायेगा. साथ में अग्निशमन कर्मियों के लिए ठहराव और पानी की व्यवस्था भी की जायेगी. सभी जिलों में फायर हॉटस्पॉट चिह्नित कर दमकल वाहनों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है. सभी जिला अग्निशाम पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि घटनास्थल पर समय से पहुंचने के लिए रूट चार्ट, मैप आदि तैयार कर उसे हर फायर स्टेशन और वाहन में रखना सुनिश्चित करें. शोभा ओहटकर, महानिदेशक-सह-महासमादेष्टा, बिहार गृहरक्षा वाहिनी एवं अग्निशाम सेवाएं
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