बिहार के कैमूर को पर्यटन हब के रूप में किया जा रहा विकसित, यहां की मनोरम वादियां मोह लेंगी आपका मन

कैमूर पहाड़ी पर स्थित करकटगढ़ का नजारा इतना खूबसूरत है कि सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले तीन साल में यहां दो बार आ चुके हैं और उनके द्वारा वहां पर इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की सुविधा देने का निर्देश वन विभाग को दिया जा चुका है.
कैमूर का वन विभाग बनारस और गया से आने वाले पर्यटकों को टूर पैकेज देकर कैमूर वन अभ्यारण्य में स्थित पर्यटन स्थल करकटगढ़ जलप्रपात, मुंडेश्वरी मंदिर, तेलहाड़कुंड व करमचट स्थित दुर्गावती डैम का भ्रमण करायेगा. लंबे समय से राज्य सरकार इस क्षेत्र में स्थित मनमोहक झरना, डैम, मंदिर और रॉक पेंटिंग को इको टूरिज्म के तहत बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही है.
कैमूर पहाड़ी पर स्थित करकटगढ़ का नजारा इतना खूबसूरत है कि सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले तीन साल में यहां दो बार आ चुके हैं और उनके द्वारा वहां पर इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की सुविधा देने का निर्देश वन विभाग को दिया जा चुका है. इसके बाद से करकटगढ़ पर पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई कार्य कराये भी गये हैं. इसी क्रम में वन विभाग अब पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए टूर पैकेज बनाने की योजना पर काम कर रहा है. इस टूर पैकेज में पर्यटक कैमूर वन अभ्यारण्य में पड़ने वाले सभी पर्यटन स्थलों का दीदार कर सकेंगे.
डीएफओ चंचल प्रकाशम ने बताया कि कैमूर वन अभ्यारण्य क्षेत्र में इको टूरिज्म के तहत टूर पैकेज देने की योजना पर काम कर रहे हैं. हमारी योजना है कि जो भी पर्यटक बनारस या गया आते हैं, उन्हें कैमूर के पर्यटन स्थलों को दिखाया जाये, क्योंकि आमतौर पर इसी तरह का नजारा देखने के लिए लोग देश और विदेश के कई हिस्सों में जाते रहते हैं. हमारी सोच है कि अगर उसी तरह की व्यवस्था हम यहां उपलब्ध कराएं, तो प्रकृति की गोद में बसे इन खूबसूरत पर्यटन स्थल को देखने के लिए बड़ी संख्या में देश के कोने-कोने से पर्यटक आने लगेंगे.
टूर पैकेज में करकटगढ़ जलप्रपात, मुंडेश्वरी मंदिर, तेलहाड़कुंड व करमचट स्थित दुर्गावती डैम का भ्रमण कराया जायेगा. इस दौरान पर्यटकों को एक रात वन क्षेत्र में नाइट कैंपिंग कराने की भी योजना है. हालांकि, अभी इस पैकेज की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गयी है. लेकिन, विभाग प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र ही सरकार को भेजेगा.
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दरअसल, पिछले 11 नवंबर को वन विभाग द्वारा दुर्गावती डैम पर बोटिंग की सुविधा शुरू की गयी है. इसके बाद से सिर्फ विगत दिसंबर महीने में 12 से 15 हजार पर्यटक दुर्गावती डैम पर पहुंचे हैं. बोटिंग के लिए महज 50 रुपये शुल्क रखा गया है. इस दौरान विभाग को करीब 10 लाख रुपये की आय हुई. इससे वन विभाग उत्साहित है और नयी टूर पैकेज योजना पर काम कर रहा है.
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