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पीयू-सेंट्रल लाइब्रेरी की खराब छतों की होगी मरम्मत

Updated at : 19 Nov 2025 7:11 PM (IST)
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पीयू-सेंट्रल लाइब्रेरी की खराब छतों की होगी मरम्मत

पटना विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी की खराब हुई छत और दीवारों को दुरस्त करने के साथ ही यहां रखी गयी पुरानी किताबों की बाइंडिंग करने का निर्देश कुलपति प्रो निमिता सिंह ने दिया है.

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– विद्यार्थियों की आरएफ आइडी युक्त आइडी बनाने का दिया निर्देश

संवाददाता, पटना

पटना विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी की खराब हुई छत और दीवारों को दुरस्त करने के साथ ही यहां रखी गयी पुरानी किताबों की बाइंडिंग करने का निर्देश कुलपति प्रो निमिता सिंह ने दिया है. दरअसल नमिता सिंह ने पिछले दिनों सेंट्रल लाइब्रेरी का निरीक्षण कर एक-एक कमी को बरीकी से देखा और इसे दो महीने के अंदर दुरुस्त करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही लाइब्रेरी की बची हुई किताबों की बारकोडिंग करने और विद्यार्थियों की आरएफ आइडी तैयार करने का निर्देश दिया है. दरअसल विद्यार्थियों को अत्याधुनिक सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से लाइब्रेरी में विभिन्न इक्यूपमेंट लगाये गये हैं, जिनकी मदद से विद्यार्थी ऑटोमेटिक किताब इश्यू कर सकते हैं और किताबें जमा भी कर सकते हैं. लेकिन विद्यार्थियों की आरएफ आइडी नहीं होने की वजह से विद्यार्थी इस सुविधा का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं. कुलपति प्रो. नमिता सिंह ने केंद्रीय पुस्तकालय का भ्रमण करने के बाद बताया कि यह पुस्तकालय अनोखा है और ऐतिहासिक है. यहां हजारों वर्ष पुरानी पांडुलिपियां रखी हुई है, सभी सुरक्षित है. कई पुराने रिसर्च पेपर रखे हुए हैं. पुस्तकालय के भवन के छत जहां-तहां जर्जर हो चुके हैं, जिस वजह से बरसात के मौसम में पानी टपकता है. छत पर पानी जमा हो जाता है. इस कारण यहां कुछ हिस्सा प्रभावित है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय इंजीनियर को भवन का मरम्मत कार्य दो महीने के अंदर पुरा करने का निर्देश दिया गया है.

प्रत्येक विद्यार्थी का बनेगा डिजिटल कार्ड

विश्विद्यालय की लाइब्रेरी में प्रतिदिन आने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों की सुविधा के लिए किताबों को लेने और लौटाने के लिए ऑटोमेटिक मशीन ड्रॉप बाॅक्स लगाया गया है. ड्रॉप बाक्स मशीन से विद्यार्थी खुद किताब ले सकेंगे और जमा कर सकेंगे. एजेंसी के माध्यम से किताबों पर बार कोड लगाया जा रहा है. संबंधित एजेंसी को निर्देश दिया कि दो माह के अंदर छात्रों का डिजिटल कार्ड बनाएं और बाकी बचे किताबों पर बार कोड लगाएं. कुलपति ने निरीक्षण के दौरान पाया कि रीडिंग विभाग और जहां किताबें रखी हुई हैं, वहां रोशनी की कमी है. उन्होंने पुस्तकालय निदेशक को खराब हो चुकी लाइटों को बदलने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही दो महीने के अंदर बंद पड़े पंखे और एसी को भी दो माह के अंदर ठीक करने का निर्देश दिया है. इसके अलावा उन्होंने पुस्तकालय निदेशक से कहा है कि बिजली नहीं रहने की स्थिति नियमित रूप से जनरेटर को प्रयोग किया जाये यह सुनिश्चित करें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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