राज्य के सभी स्टूडेंट्स के पास होगा यूनिक आइडी, वन नेशन वन स्टूडेंट्स से जुड़ेंगे स्टूडेंट्स

Updated at : 19 May 2024 7:40 PM (IST)
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राज्य के सभी स्टूडेंट्स के पास होगा यूनिक आइडी, वन नेशन वन स्टूडेंट्स से जुड़ेंगे स्टूडेंट्स

राज्य के सभी यूनिवर्सिटियों व कॉलेजों के स्टूडेंट्स को वन नेशन वन स्टूडेंट्स से जोड़ना है. इसके लिए लगातार दिशा-निर्देश जारी किये जा रहे हैं.

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संवाददाता, पटना

राज्य के सभी यूनिवर्सिटियों व कॉलेजों के स्टूडेंट्स को वन नेशन वन स्टूडेंट्स से जोड़ना है. इसके लिए लगातार दिशा-निर्देश जारी किये जा रहे हैं. वन नेशन वन स्टूडेंट्स आइडी में छात्रों के सारे शैक्षणिक रिकॉर्ड होंगे. एकेडमिक सर्टिफिकेट होंगे. छात्र अपने क्रेडिट, सर्टिफिकेट, ट्रांसक्रिप्ट को अपलोड करेंगे. एबीसी या अपार आइडी एक तरह से वर्चुअल स्टोर हाउस है, जो हर स्टूडेंट्स के डेटा का रिकॉर्ड रखेगा. यूजीसी ने सभी यूनिवर्सिटियों को कहा है कि उच्च शिक्षा में आने वाले स्टूडेंट्स को एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (एबीसी) प्लेटफॉर्म से जल्द जोड़ा जाये. यूजीसी ने कहा है पूरे देश में यह प्रक्रिया जारी है. अभी तक देश में 29.79 करोड़ छात्रों की आइडी बनायी जा चुकी है. स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या 25.17 करोड़ है. स्कूलों में छात्रों के लिए ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक एकाउंट रजिस्ट्री (अपार) बनायी जा रही है. पीयू ने एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (एबीसी) प्लेटफॉर्म से स्टूडेंट्स को जोड़ना शुरू कर दिया है.

एक संस्थान से दूसरे संस्थान में जाना होगा आसान :

यूजीसी अध्यक्ष प्रो एम जगदीश कुमार ने कहा कि यूनीक आइडी से शिक्षा मंत्रालय को ड्रॉप आउट छात्रों की सही संख्या का पता लग सकेगा और उनको वापस मुख्यधारा में लाने के प्रयास किये जा सकेंगे. छात्रों के सारे सर्टिफिकेट डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेंगे. रिजल्ट रिपोर्ट कार्ड, हेल्थ कार्ड, लर्निंग आउटकम, ओलंपियाड, खेल, स्किल ट्रेनिंग समेत सभी उपलब्धियों को डिजीलॉकर प्रणाली के जरिए एक्सेस किया जा सकेगा. सरकारी योजनाओं का लाभ छात्र तक आसानी से पहुंच सकेगा. अगर छात्र एक संस्थान से दूसरे संस्थान में जाना चाहेगा तो उस प्रणाली से उसका ट्रांसफर आसान होगा. यूजीसी के चेयरमैन प्रो एम जगदीश कुमार का कहना है कि अभी तक देश में कुल 29.79 करोड़ छात्रों के एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट और अपर आइडी बनाये जा चुके हैं. जहां तक उच्च शिक्षा संस्थानों की बात है कि तो 1944 संस्थानों में अभी तक 2.93 करोड़ एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट बनाये गये हैं. यह प्रक्रिया तेजी से चल रही है. प्रो कुमार का कहना है कि यूनिवर्सिटीज समेत सभी शिक्षण संस्थानों को रेगुलर मॉनिटर करना होगा. उनका कहना है कि यूजीसी इस मसले पर यूनिवर्सिटी के साथ रिव्यू मीटिंग की जा रही है. स्किल एजुकेशन सेंटरों के भी 1.33 करोड़ छात्र इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं.

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