मनेर में संत सद्गुरु हृदया लाल जी को महासमाधि, अंतिम विदाई यात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

संत सद्गुरु हृदया लाल जी को अंतिम विदाई यात्रा
Patna News: मनेर में संत सद्गुरु हृदया लाल जी को अंतिम विदाई यात्रा के बाद महासमाधि दी गई. हजारों श्रद्धालु शामिल हुए, देशभर से अनुयायी पहुंचे और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय रहा.
Patna News: संत सद्गुरु हृदया लाल जी महाराज को गुरुवार को अंतिम विदाई देते हुए पूरे विधि-विधान के साथ महासमाधि दी गई। इससे पहले उनकी अंतिम शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु और अनुयायी शामिल हुए. महाराज जी की अंतिम विदाई यात्रा मनेर के विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजरी. इस दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा और वातावरण पूरी तरह भक्ति व शोक में डूबा रहा.
देशभर से पहुंचे श्रद्धालु और संत
इस अवसर पर बिहार के विभिन्न जिलों के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में संत और अनुयायी पहुंचे. सभी ने महाराज जी के अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की. शोभायात्रा के समापन के बाद मनेर के रसूलपुर स्थित उनके निवास स्थान के समीप धार्मिक परंपराओं और विधि-विधान के साथ उन्हें महासमाधि दी गई.
शिव नारायणी मत पंथ के विश्व संरक्षक थे महाराज जी
श्रीश्री 108 शिव नारायणी मत पंथ के संत सद्गुरु हृदया लाल जी महाराज को विश्व संरक्षक के रूप में जाना जाता था. उन्होंने लाखों अनुयायियों का मार्गदर्शन किया और जीवनभर समाज में शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार में समर्पित रहे. शिव नारायणी संप्रदाय में गुरु को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है. उनके निधन को अनुयायियों ने गुरु-शिष्य परंपरा के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है.
गणमान्य लोग रहे उपस्थित
अंतिम शोभायात्रा में डॉ. अशोक कुमार, सीओ पटना राजू जी, संतोष कुमार हिमांशु, नागेश्वर राज, लोकनाथ कुमार, देव कुमार, तरुण कुमार, मयंक कुमार, निशांत कुमार, प्रशांत कुमार समेत बड़ी संख्या में अनुयायी शामिल हुए.
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लेखक के बारे में
By निखिल अनुराग
मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट. नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है.
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