Patna News : आइसीसीसी के कैमरे से पकड़े जा रहे चोरी के वाहन
Published by : SANJAY KUMAR SING Updated At : 03 May 2025 1:34 AM
शहर में लगे आइसीसीसी के कैमरों की मदद से 10 दिनों में चोरी की 12 बाइक पकड़ी गयीं. वहीं, ट्रैफिक एसपी ने कहा है कि चोरी के वाहनों का चालान कट रहा है, तो ट्रैफिक पुलिस से करें संपर्क
संवाददाता, पटना : आइसीसीसी के कैमरे अब चोरी के वाहनों पर नजर रख रहे हैं. यानी अगर कोई वाहन चोरी हो गया और वह शहर में चल रहा है, तो कैमरे की नजर आते ही पुलिस को इसकी सूचना मिल जायेगी. ट्रैफिक एसपी अपराजित लोहान ने बताया कि चोरी के वाहनों की जानकारी मिलने के बाद वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर को आइसीसीसी में हॉट लिस्ट करा दिया जाता है. ऐसे में अगर उक्त नंबर की गाड़ी शहर में लगे कैमरे को क्रॉस करती है, तो पुलिस को अलर्ट मिल जाता है और पुलिस तत्काल कार्रवाई करती है. ट्रैफिक एसपी अपराजित लोहान ने बताया कि बीते 10 दिनों में 12 बाइक पकड़ी गयी, जो चोरी की थीं. इनके नंबरों से छेड़छोड़ की गयी थी.
चोरी के वाहनों का चालान कट रहा है, तो ट्रैफिक पुलिस से करें संपर्क
ट्रैफिक एसपी ने बताया कि अप्रैल में एक लाख नौ हजार 166 वाहनों का चालान काटा गया, जिनमें 398 शिकायतें ही मिली हैं. ऐसी भी शिकायत आ रही है कि वाहन चोरी होने के बाद उसका चालान कट रहा है. अगर किसी के साथ ऐसा होता है, तो वे एफआइआर की कॉपी और एक आवेदन के साथ यातायात पुलिस के कार्यालय में संपर्क करें.
नंबर से छेड़छाड़ में 60 से अधिक केस
ट्रैफिक एसपी ने कहा कि पिछले छह महीने में 60 से अधिक एफआइआर विभिन्न थानों में करायी गयी हैं. ऐसे वाहन मालिकों पर केस कराया गया है, जिनकी गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ छेड़छाड़ की गयी थी. ट्रैफिक एसपी ने कहा कि यातायात पुलिस अभियान चला रही है. वाहनों पर प्रेस और पुलिस लिख कर उसका दुरुपयोग करने वालों पर भी कार्रवाई की जा रही है.
ट्रैफिक से जुड़ी शिकायतों में 50% की आयी कमी
ट्रैफिक एसपी ने कहा कि 2024 के सितंबर महीने में ट्रैफिक कंट्रोल को जाम व हादसे से संबंधित नौ शिकायतें रोजाना मिलती थीं. मार्च, 2025 में शिकायतों की संख्या घट कर पांच हो गयी है. ऐसी शिकायतों में 50% की कमी आयी है. ट्रैफिक एसपी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ितों को मुआवजा दिलाना भी महत्वपूर्ण कार्य है. उन्होंने कहा कि साल 2024 में वाहन दुर्घटना के कांडों में आइआरडीए में 100 प्रतिशत और वर्ष 2025 में 85 प्रतिशत प्रविष्टि पूरी की जा चुकी है.
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