गायघाट रिमांड होम में रहने वाली दूसरी युवती का लिया गया बयान, अधीक्षिका व अज्ञात के खिलाफ एफआईआर

सुधार गृह में रहने वाली दूसरी युवती ने पहली युवती के सुधार गृह की अधीक्षिका वंदना गुप्ता द्वारा गंदे काम कराने के गंभीर आरोप का समर्थन लगाते हुए मंगलवार को लिखित शिकायत दी थी.
पटना. गायघाट राजकीय उत्तर रक्षा महिला सुधार गृह में रहने वाली दूसरी युवती के बयान के आधार पर बुधवार को महिला थाने में अधीक्षिका वंदना गुप्ता व अज्ञात के खिलाफ में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. इस मामले की जांच खुद महिला थाने की थानाध्यक्ष किशोरी सहचरी करेंगी. इस मामले में दर्ज केस संख्या 13/2022 में आइपीसी की धारा 354 ए व 450 लगायी गयी है. सुधार गृह में रहने वाली दूसरी युवती ने पहली युवती के सुधार गृह की अधीक्षिका वंदना गुप्ता द्वारा गंदे काम कराने के गंभीर आरोप का समर्थन लगाते हुए मंगलवार को लिखित शिकायत दी थी. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी और प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. इसकी पुष्टि करते हुए महिला थानाध्यक्ष किशोरी सहचरी ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी है. इसमें शामिल सभी लोगों से पूछताछ की जायेगी और साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी. मामले में अधीक्षिका से भी पूछताछ होगी.
जानकारी के अनुसार, पहली युवती द्वारा सुधार गृह के अधीक्षिका वंदना गुप्ता के संबंध में दिये गये बयान के बाद दूसरी युवती सामने आयी थी. उसका ऑडियो दो फरवरी को वायरल हुआ था. जिसमें उसने सुधार गृह के अंदर गंदे काम होने के पहली युवती के दिये गये बयान का समर्थन किया था. उक्त युवती ने वायरल ऑडियो में बताया था कि उसकी उम्र 18 साल हो गयी थी, उसके बाद भी छह माह से अधिक समय तक वहां रखा गया.
अपनी दी गयी लिखित शिकायत में युवती ने महिला थाना पुलिस को बताया है कि वह 2017 में एक मामले को लेकर सुधार गृह जाना पड़ा था. उस समय अधीक्षिका के रूप में संगीता कुमारी थी. इसके बाद 2018 में वंदना गुप्ता ने ज्वायन किया और उसके बाद ही सुधार गृह का माहौल बिगड़ने लगा. इसी दौरान चार-पांच लड़कों को सुधार गृह के अंदर प्रवेश कराने के कारण वंदना गुप्ता को लड़कियों ने पीट दिया था.
वे सभी लड़कियों के साथ गलत करना चाहते थे. अपनी शिकायत में उसने यह भी जानकारी दी है कि वह चार साल तक सुधार गृह में रही और कई तरह की यातनाएं भी झेलनी पड़ी. उसके साथ मारपीट की जाती थी और गंदा भोजन दिया जाता था. कमजोर व विक्षिप्त लड़कियों को नशे की सूई दी जाती थी और मुझे खुद वंदना गुप्ता द्वारा काम के बहाने मुजफ्फरपुर स्थित एक एनजीओ में भेजा गया. जहां मेरे साथ गलत करने का प्रयास किया गया.
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अपनी लिखित शिकायत में युवती ने बताया है कि वह इसलिए महिला थाना को आवेदन दे रही है, ताकि वहां का सिस्टम सुधरे और वहां रहने वाली बाकी लड़कियों के साथ गलत न हो. युवती ने पुलिस ने न्याय करने की गुहार लगायी है.
क्या है 354 ए
-यौन स्वीकृति की मांग या अनुरोध या स्त्री की इच्छा के बगैर अश्लील साहित्य दिखाना या लैंगिक टिप्पणी कर लैंगिग अपराध करना
क्या है आइपीसी की धारा 450
अगर कोई व्यक्ति ऐसे अपराध को करने के उद्देश्य से घर में घुसता है. उस अपराध की सजा आजीवन कारवास है. तब वह व्यक्ति इस धारा के अंतर्गत दंडनीय होगा.जैसे-दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म आदि
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