सारण शराब कांड: पहले गयी आंखों की रोशनी फिर मल्टी ऑर्गन हुआ फेल, जहरीली शराब ने ली अब तक 46 लोगों की जान

सदर अस्पताल में भर्ती अधिकतर मरीजों की हालत नाजुक बनी हुई है. लगभग सभी मरीजों के लक्षण सामान हैं. जिनकी मौत हुई हैं उनमें से लगभग सभी बेचैनी, उल्टी, पेट दर्द, सांस लेने में परेशानी, आंखों से धुंधला दिखायी देने आदि की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे थे.
सारण जिले के मशरक, इसुआपुर, मढ़ौरा व अमनौर प्रखंडों में जहरीली शराब ने अब तक 46 लोगों की जान ले ली. वहीं, 14 लोगों का इलाज छपरा सदर अस्पताल और पीएमसीएच में चल रहा है. हालांकि, डीएम ने गुरुवार की दोपहर तक 26 लोगों की मौत और 12 के इलाजरत होने की पुष्टि की थी. इस बीच पुलिस ने शराब का धंधा करने वाले 126 लोगों को गिरफ्तार किया है.
गुरुवार को हर दो-चार घंटे के बाद मृतकों की संख्या बढ़ने की खबरें आ रही हैं. इसके कारण जिला और पुलिस प्रशासन पूरे दिन परेशान दिखा. आम लोगों में भी प्रशासन की कार्यशैली को लेकर भारी नाराजगी थी. अमनौर में जहां मृतक के परिजन और ग्रामीण ने सड़क पर शव रख कर आगजनी की, वहीं मशरक में थाने का घेराव किया. उधर सरकार के निर्देश के पर उत्पाद विभाग के संयुक्त आयुक्त कृष्णा पासवान और उप सचिव निरंजन कुमार ने मशरक थाने में शराब के धंधेबाजों के खिलाफ की कार्रवाई की जांच की.
डीएम राजेश मीणा और पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बताया प्रथम दृष्टया मद्य निषेध लागू कराने में विफल रहने और लापरवाही के आरोप में मढ़ौरा एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ उनके स्थानांतरण की अनुशंसा सरकार से की गयी है. वहीं मशरक थानाध्यक्ष रितेश मिश्रा और स्थानीय चौकीदार विकास तिवारी को निलंबित कर दिया गया.
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पिछले 48 घंटे में पूरे जिले में अभियान चला कर 186 स्थानों पर छापेमारी की गयी. इस दौरान 126 धंधेबाजों को पकड़ा गया. छापेमारी दिन-रात लगातार चल रही है. इस दौरान पीड़ितों और उनके परिजनों के बयान पर मशरक व इसुआपुर थाने में एक-एक प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. इस मामले में नामजद चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है. बताया जा रहा है कि इन्हीं लोगों ने जहरीली शराब की आपूर्ति की थी.
मशरक, इसुआपुर सहित अन्य प्रखंडों में 40 लोगों की मौत और 14 के बीमार होने के मामले की जांच के लिए 31 सदस्यीय एसआइटी बनायी गयी है. सोनपुर एसडीओ इसका नेतृत्व कर रहे हैं. इस टीम में तीन डीएसपी स्तर के पदाधिकारी भी शामिल किये गये हैं. डीएम के अनुसार पूरे मामले की जांच के बाद जो भी पदाधिकारी व कर्मी संलिप्त या मामले के लिए दोषी पाये जाते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
मरने वालों में सबसे अधिक मशरक प्रखंड के हैं. जिन 40 लोगों की मौत हुई है, उसमें 24 मशरक के हैं. वहीं इसुआपुर व अमनौर में सात तथा मढ़ौरा के दो लोगों की मौत हुई है. गुरुवार को मशरक के शैलेंद्र राय, दूधनाथ तिवारी, इकरामुल हक, सीताराम राय, अनिल ठाकुर, जगलाल साह, चंदेश्वर साह, मढ़ौरा के रंगीला महतो, सुरेंद्र महतो, इसुआपुर के दशरथ महतो आदि की मौत हो गयी.
सदर अस्पताल में भर्ती अधिकतर मरीजों की हालत नाजुक बनी हुई है. लगभग सभी मरीजों के लक्षण सामान हैं. जिनकी मौत हुई हैं उनमें से लगभग सभी बेचैनी, उल्टी, पेट दर्द, सांस लेने में परेशानी, आंखों से धुंधला दिखायी देने आदि की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे थे. उनका बीपी 40-50 के करीब पाया गया. कई लोगों की याददाश्त भी चली गयी थी. डॉक्टरों के अनुसार शरीर में फॉलिक एसिड बढ़ जाने के कारण धीरे-धीरे मल्टी ऑर्गन फेल हो गये.
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