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राज्य भर में सड़कों का होगा सर्वे

Updated at : 18 Dec 2024 12:38 AM (IST)
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राज्य भर में सड़कों का होगा सर्वे

राज्य में गाड़ियों की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है. सड़कों पर बढ़ते दबाव के कारण प्रतिदिन जाम की स्थिति से लोग परेशान हो रहे हैं.

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– जिन सड़कों पर गाड़ियों की संख्या अधिक होगी, उन सड़कों पर परमिट देने में बढ़ेगी सख्ती सड़क की लंबाई-चौड़ाई को देखते हुए परमिट दिया जायेगा. ………………… 90 लाख से अधिक गाड़ियों का निबंधन हुआ पिछले सात वर्षों में 55 लाख से अधिक है कॉमर्शियल गाड़ियों की संख्या प्रह्लाद कुमार राज्य में गाड़ियों की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है. सड़कों पर बढ़ते दबाव के कारण प्रतिदिन जाम की स्थिति से लोग परेशान हो रहे हैं. परिवहन विभाग जाम और गाड़ियों का दबाव कम करने के लिए सभी जिलों में सड़कों का सर्वें करने का निर्णय लिया है. इससे उन सभी सड़कों पर बड़ी या छोटी कमर्शियल गाड़ियों को परमिट देने में सख्ती होगी, जहां गाड़ियों की संख्या अधिक है. पिछले सात वर्षों में दोपहिया, तीन पहिया, बड़ी गाड़ियों को मिलाकर लगभग 90 लाख से अधिक गाड़ियों का निबंधन हुआ. इनमें कॉमर्शियल गाड़ियों की संख्या 55 लाख से अधिक है. ऐसे में अब सड़क की लंबाई-चौड़ाई को देखते हुए परमिट दिया जायेगा. विभागीय सूत्रों की मानें, तो हर दिन राज्य भर में डेढ़ करोड़ से अधिक गाड़ियां चल रही है. ऐसे बढ़ रही है गाड़ियों की संख्या परिवहन विभाग के पिछले सात वर्षों के आंकड़ों को देखेंगे, तो पिछले सात वर्षों में ट्रक एक लाख 41 हजार, बस 39 हजार, कार तीन लाख 48 हजार, टैक्सी 31 हजार, जीप 44 हजार, ऑटो चार लाख 14 हजार, ट्रैक्टर दो लाख 75 हजार, ट्रेलर 99 हजार और अन्य 89 हजार गाड़ियां निबंधित हैं. विभाग द्वारा सभी जिलों में सड़कों एवं गाड़ियों का सर्वे कराने के बाद मार्च से परमिट देने में सख्ती बढ़ेगी. इसके लिए विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया गया है. गाड़ियों को परमिट देने से पहले तय होगा रूट जाम से मुक्ति के लिए परिवहन विभाग के स्तर पर कई बार रूट प्लान बनाकर छोटी-बड़ी गाड़ियों के रूट में बदलाव को लेकर बैठक हुई, लेकिन अबतक यह संभव नहीं हो पाया है. विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि परमिट देने से पहले गाड़ियों के आवागमन का पूरा रूट तय कर लिया जाये. एक नक्शा भी आवेदन के समय गाड़ी मालिक से लें, जिसमें नक्शा और उस रूट पर गाड़ियों की संख्या को देखते हुए परमिट निर्गत करें. जिन जिलों में कॉर्शियल गाड़ियों की संख्या अधिक पायी गयी है उनमें पटना, गया, सारण, पूर्वी व पश्चिम चंपारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, पूर्णिया, मधेपुरा, नालंदा, सीवान, दरभंगा,मधुबनी और समस्तीपुर सहित अन्य जिले शामिल हैं.

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