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दरभंगा के तालाबों को गंदा करने पर मिली सजा, रेलवे स्टेशन पर लगा 1.61 करोड़ का जुर्माना

Updated at : 31 Jan 2025 8:11 AM (IST)
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narayanji

नारायण जी चौधरी, तालाब बचाओ अभियान.

Railway Station: दरंभगा स्टेशन के खिलाफ सीवेज को बिना ट्रीट किए पास के हराही और दिघ्गी तालाब में गिराने का आरोप सही पाया गया है. इससे तालाब में जलीय जीव की जान पर बन आई है.

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Railway Station: दरभंगा. बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने दरभंगा रेलवे स्टेशन पर प्रदूषण फैलाने के लिए 1.61 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने 15 दिनों के अंदर डिमांड ड्राफ्ट बनाकर हर्जाने की रकम भरने का आदेश दिया है. प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का उल्लंघन करने के लिए बोर्ड ने दरभंगा स्टेशन को पर्यावरणीय मुआवजा के तौर पर इतनी रकम जमा करने का आदेश दिया है. दरंभगा स्टेशन के खिलाफ सीवेज को बिना ट्रीट किए पास के हराही और दिघ्गी तालाब में गिराने का आरोप सही पाया गया है. इससे तालाब में जलीय जीव की जान पर बन आई है. राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने दरभंगा स्टेशन को गंदे पानी को बिना साफ किए बहाने का दोषी पाया था.

रेलवे ने नहीं दिया कोई जवाब

एनजीटी ने 1 अगस्त 2024 को बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को रेलने पर लगनेवाले जुर्माने की रकम तय करने का निर्देश दिया. इसके बाद बोर्ड ने रेलवे को 1.62 करोड़ का जुर्माना भरने का नोटिस भेजा और उनसे जरूरी सुधार करने के साथ ही अगर जुर्माने की रकम पर आपत्ति देने कहा, लेकिन रेलवे ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया. इससे पहले बोर्ड की जांच कमिटी ने दरभंगा जाकर पर्यावरण को नुकसान का अनुमान लगाया था और उसके आधार पर हर्जाने की यह राशि तय की थी.

एनजीटी में हुई थी शिकायत

दरभंगा की संस्था तालाब बचाओ अभियान के नारायण चौधरी ने दरंभगा रेलवे स्टेशन के खिलाफ एनजीटी में शिकायत दर्ज कराई थी. एनजीटी के निर्देश पर दरभंगा में स्थलीय जांचे के बाद बोर्ड ने हर्जाने की रकम तय की और रेलवे को पांच दिन का समय दिया कि वो उस पर आपत्ति दर्ज कर सके, लेकिन रेलवे से कोई जवाब नहीं मिलने के बाद बोर्ड के चेयरमैन ने 20 जनवरी को 15 दिन के अंदर जुर्माने की रकम जमा करने का आदेश मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) को दे दिया.

रेलवे ने दी सफाई

समस्तीपुर डिवीजन के डीआरएम विनय श्रीवास्तव ने बताया कि इस समय दरभंगा स्टेशन से कोई गंदा पानी हराही या दिघ्गी तालाब में नहीं जा रहा है. उन्होंने बताया कि हराही तालाब में जो नाला जा रहा था, उसे बंद कर दिया गया है और उसका गंदा पानी कटहलबाड़ी में रीसाइक्लिंग प्लांट में जा रहा है. दिघ्घी तालाब में पानी ले जा रहे नाले को नगर निगम के नाले से जोड़ा जा चुका है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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