बिहार के इन दो जिलों में लगेंगी नई चीनी मिलें, नीतीश सरकार और NFCSF के बीच MoU साइन

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नीतीश सरकार और NFCSF के बीच एमओयू साइन

Bihar Sugar Mill: सात निश्चय-3 के तहत बिहार सरकार ने सहकारी चीनी मिलों की स्थापना की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. सकरी और रैयाम में नई मिलें लगाने के लिए NFCSF के साथ MoU साइन किया गया है.

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Bihar Sugar Mill: बिहार में चीनी उद्योग को नई ऊर्जा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. बिहार सरकार ने सात निश्चय-3 ‘समृद्ध उद्योग–सशक्त बिहार’ अभियान के तहत सहकारी चीनी मिलों की स्थापना की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाते हुए एक अहम समझौता किया है. जिससे राज्य के गन्ना उत्पादक किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है.

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MoU पर हुए हस्ताक्षर, नई मिलों का रास्ता साफ

23 फरवरी 2026 को सहकारिता विभाग, बिहार सरकार और National Federation of Cooperative Sugar Factories Limited (NFCSF) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए. जिसके तहत मधुबनी जिले के सकरी और दरभंगा जिले के रैयाम में नई सहकारी चीनी मिलों की स्थापना की रूपरेखा तैयार की जाएगी.

सहकारिता विभाग की ओर से संयुक्त सचिव मो. अब्दुल रब खां तथा एनएफसीएसएफ के प्रबंध निदेशक प्रकाश नाईकनवारे ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए. जिसके बाद परियोजना की औपचारिक शुरुआत मानी जा रही है.

सकरी और रैयाम में आधुनिक गन्ना कॉम्पलेक्स

सरकार ने निर्णय लिया है कि बंद पड़ी पुरानी चीनी मिलों को चरणबद्ध तरीके से पुनर्जीवित किया जाएगा. जहां संभव होगा वहां नई सहकारी मिलें स्थापित की जाएंगी. इसी क्रम में सकरी में 30.848 एकड़ तथा रैयाम में 68.176 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जा रही है. जिसे सहकारिता विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है.

प्रस्तावित गन्ना कॉम्पलेक्स केवल चीनी उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा. इसमें बिजली उत्पादन, इथेनॉल निर्माण तथा कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) उत्पादन जैसी आधुनिक औद्योगिक सुविधाएं भी शामिल होंगी. जिससे परियोजना बहुआयामी और आर्थिक रूप से व्यवहार्य बन सके.

पहले संभाव्यता रिपोर्ट, फिर DPR

NFCSF पहले चरण में विस्तृत संभाव्यता प्रतिवेदन तैयार करेगा और उसकी स्वीकृति मिलने के बाद विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) बनाया जाएगा. जिसके अनुमोदन के उपरांत कार्यान्वयन एजेंसी का चयन कर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा. संस्था की विशेषज्ञ टीम पटना पहुंच चुकी है और अगले 7-8 दिनों तक दरभंगा व मधुबनी में क्षेत्रीय अध्ययन करेगी.

किसानों को मिलेगा स्थायी बाजार

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि इन मिलों के स्थापित होने से गन्ना उत्पादक किसानों को स्थानीय स्तर पर स्थायी बाजार उपलब्ध होगा. उन्हें उचित मूल्य मिल सकेगा, साथ ही सहकारी मॉडल के तहत समितियों के गठन से ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा.

ईखायुक्त अनिल कुमार झा और विभागीय अधिकारियों ने भी भरोसा जताया कि यह पहल बिहार के समृद्ध चीनी इतिहास को नई दिशा देगी. जबकि एनएफसीएसएफ के प्रबंध निदेशक ने अपने अनुभव के आधार पर परियोजना को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया.

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